पाकिस्तान के पंजाब में सड़क हादसा, 3 की मौत
इस्लामाबाद, 18 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के विभिन्न सूबों में शनिवार को दो सड़क हादसों में 23 लोगों की मौत के महज 24 घंटों के भीतर पंजाब में ओवर स्पीडिंग की वजह से तीन लोगों की मौत हो गई।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के पूर्वी पंजाब प्रांत में एक तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराई। इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई और एक घायल हो गया।
रेस्क्यू 1122 के एक अधिकारी ने सिन्हुआ न्यूज एजेंसी को बताया कि यह हादसा शनिवार देर रात अटक जिले के फतेह जंग शहर में हुआ।
रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और शवों को पास के अस्पताल में पहुंचाया गया।
घायल व्यक्ति को आगे के इलाज के लिए अस्पताल ले जाने से पहले फर्स्ट एड दिया गया।
अधिकारी ने तेज रफ्तार को हादसे की वजह बताया।
इससे पहले शनिवार को, बलूचिस्तान और पंजाब से रिपोर्ट किए गए दो अलग-अलग सड़क हादसों में 23 लोग मारे गए और कई घायल हो गए थे।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहली घटना में, बलूचिस्तान के ग्वादर के पास मकरान कोस्टल हाईवे पर एक पैसेंजर कोच पलटने से नौ लोगों की जान चली गई और 36 अन्य घायल हो गए।
पुलिस के अनुसार, यह हादसा ओरमारा के हुड्ड गोठ इलाके के पास हुआ, जब जिवानी से कराची जा रही एक कोच का कंट्रोल खो गया और वह पलट गई। यह गाड़ी अल उस्मान नाम की एक प्राइवेट ट्रांसपोर्ट कंपनी की थी।
पंजाब के सरगोधा जिले में एक अलग दुखद घटना में, घने कोहरे के बीच एक मिनी-ट्रक के सूखी नहर में गिरने से कम से कम 14 लोग मारे गए। यह हादसा कोट मोमिन तहसील के घलापुर बंगला के पास हुआ, जहां बहुत कम विजिबिलिटी के कारण गाड़ी सड़क से उतर गई थी।
रेस्क्यू अधिकारियों ने बताया कि सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य ने पास के अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
हादसे के समय, ट्रक में 23 लोग इस्लामाबाद से फैसलाबाद एक अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। कोहरे के कारण मोटरवे बंद होने की वजह से ड्राइवर ने लोकल रास्ता चुना था। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जो सभी इस्लामाबाद के रहने वाले थे।
--आईएएनएस
केआर/
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उदयपुर के सज्जनगढ़ में दो दिवसीय वन मेले का शुभारंभ, मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने किया उद्घाटन
Rajasthan News: उदयपुर के सज्जनगढ़ में शनिवार को दो दिवसीय वन मेले का आगाज हुआ. इस मेले का उद्देश्य वन उत्पादों को बढ़ावा देना और ग्रामीण समुदाय की आय के अवसर बढ़ाना है. वन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने फीता काटकर किया. मेले में जिले और आसपास के इलाकों से आए वन उत्पादकों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए. यहां महुआ, शहद, औषधीय पौधों और अन्य वन आधारित वस्तुओं की झलक देखने को मिली.
मंत्री ने स्टॉल्स का किया निरीक्षण
मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने मेले में लगी सभी स्टॉल्स का भ्रमण किया. उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, बिक्री व्यवस्था और बाजार की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पहले लोग लंबा और स्वस्थ जीवन जीने के लिए वन औषधियों का सहारा लेते थे. आज समाज रासायनिक इलाज पर अधिक निर्भर हो गया है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहती है कि लोग फिर से प्राकृतिक जीवनशैली की ओर लौटें. वन उपज से ग्रामीणों को रोजगार मिलता है और लोगों को स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है.
वन उत्पादों को प्रोत्साहन देने एवं ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से, वन विभाग द्वारा उदयपुर के सज्जनगढ़ में आयोजित, दो दिवसीय वन मेले का शुभारंभ, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने फीता काटकर किया। मेले में वन आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई… pic.twitter.com/1MKmwdydtv
— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) January 18, 2026
सांसदों ने रखे अपने विचार
राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने कहा कि जहां वनवासी रहते हैं, वहीं जंगल सुरक्षित रहते हैं. उन्होंने महुआ और शहद जैसी वन उपज से मूल्य संवर्धन कर नए उत्पाद बनाने पर जोर दिया. उनका मानना है कि इससे गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है. उन्होंने अरावली पर्वतमाला के संरक्षण पर भी चिंता जताई. लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने ग्रामीणों की सराहना की. उन्होंने कहा कि समुदाय वनों के महत्व को समझ रहा है. उन्होंने बांस को ग्रामीण आजीविका का मजबूत साधन बताया और दूसरे देशों की अच्छी पद्धतियों को अपनाने की बात कही.
50 से ज्यादा स्टॉल
संभागीय मुख्य वन संरक्षक (टेरिटोरियल) सुनील छिद्रि ने बताया कि मेले में 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं. उन्होंने जानकारी दी कि उदयपुर क्षेत्र में हर साल करीब 25 करोड़ रुपये की वन उपज की बिक्री होती है. इससे स्थानीय आदिवासी समुदाय को सीधा लाभ मिलता है. कार्यक्रम में वन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए. उन्होंने मेले की व्यवस्थाओं और उत्पादकों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी.
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