Noida Engineer Death: ग्रेटर नोएडा में जहां हुई इंजीनियर की मौत, उसे लेकर हुआ बड़ा खुलासा
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में शुक्रवार देर रात एक कार निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में भरे पानी में गिर गई. जिससे कार सवार सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत हो गई. मरने से पहले इंजीनियर ने अपनी जान बचाने की तमाम कोशिश की और लोगों से मदद भी मांगी, यही नहीं उन्होंने अपने पिता को कॉल कर मदद की गुहार लगाई, लेकिन पिता के सामने ही इंजीनियर ने दम तोड़ दिया. घटनास्थल पर मौजूद लोगों का दावा है कि ये हादसा प्रशासन की लापरवाही से हुआ.
घटनास्थल पर मौजूद कई डिलीवरी बॉय भी मौजूद थे, उन्होंने भी इंजीनियर को बचाने की कोशिश की लेकिन घना कोहरा और अंधेरा होने की वजह से उन्हें कामयाबी नहीं मिली. मौके पर मौजूद डिलीवरी बॉज्य का कहना है कि पुलिस भी मौके पे मौजूद थी. लेकिन इंजीनियर को बचाने के लिए कोई आगे नहीं बढ़ा. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इंजीनियर कार के ऊपर खड़ा होकर अपने मोबाइल की लाइट जलाकर मदद मांगता रहा. लेकिन किसी ने भी उसकी जान नहीं बचाई और रात करीब दो बजे कार पानी में डूब गई. जिससे उसकी मौत हो गई.
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पाकिस्तान के शॉपिंग मॉल में लगी आग को 13 घंटे से बुझाने की कोशिश जारी, छह की मौत
इस्लामाबाद, 18 जनवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के कराची में गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में भीषण आग लगने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया ने रविवार को अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है कि हादसे में 10 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह मामला उन दो घटनाओं के बाद सामने आया है, जिनमें 23 लोगों की मौत हो गई थी।
पाकिस्तान के जियो न्यूज के अनुसार, नाजिमाबाद फायर ऑफिस के एक फायरफाइटर का शव मलबे के नीचे मिलने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़ गई। मृतक का नाम फुरकान था।
रेस्क्यू अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने का ऑपरेशन अभी भी जारी है। यह आग बीते 13 घंटे से लगी हुई है और इसपर काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसकी वजह से रविवार सुबह तेज गर्मी के कारण बिल्डिंग के कई हिस्से गिर गए।
वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि कम से कम चार लोगों को सिविल हॉस्पिटल ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जबकि दो लोगों को बर्न वार्ड में लाया गया। कुल 15 घायल लोगों को सिविल हॉस्पिटल ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। हालांकि, इनमें से 14 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। दो घायल लोगों को जिन्ना हॉस्पिटल ले जाया गया और इलाज के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।
अग्निशमन अधिकारी प्रमुख हुमायूं खान ने जियो न्यूज को बताया कि गुल प्लाजा दो एकड़ में बना है। प्लाजा के किनारों पर आग अभी भी लगी हुई है और बिल्डिंग को पूरी तरह से जर्जर घोषित कर दिया गया है। सिंध बिल्डिंग कंट्रोल अथॉरिटी (एसबीसीए) के अधिकारी हालात का जायजा लेकर इस मामले में अपना फैसला सुनाएंगे।
खान ने कहा कि बिल्डिंग में बहुत ज्यादा तापमान की वजह से अंदर जाने में दिक्कत हो रही है। इसकी वजह से रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन चलाने में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं। प्लाजा चारों तरफ से सील है और उसमें सही वेंटिलेशन सिस्टम नहीं है। यह भी एक कारण है कि आग बुझाने में काफी परेशानी आ रही है।
इस बीच, सिंध इमरजेंसी सर्विस रेस्क्यू 1122 के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आबिद जलालुद्दीन शेख ने कहा कि गुल प्लाजा के तीन तरफ से 20 फायर टेंडर और चार स्नोर्कल आग बुझाने के काम में लगे हुए थे।
अग्निशमन अधिकारी ने आशंका जताते हुए कहा, हम अभी यह नहीं कह सकते कि बिल्डिंग के अंदर कितने लोग अभी भी फंसे हुए हैं।
बता दें, इससे पहले दो अलग-अलग हादसों में कुल 23 लोगों के मरने की जानकारी सामने आई थी।
--आईएएनएस
केके/एएस
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