MK Stalin ने मद्रास उच्च न्यायालय में आधव अर्जुन के मानहानि केस को नकारा
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) प्रमुख एमके स्टालिन ने मंगलवार को मद्रास उच्च न्यायालय से कहा कि तमिलनाडु के लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुन की ओर से उन पर लगाया गया मानहानि का आरोप बेबुनियाद है। स्टालिन ने कहा कि पार्टी सदस्यों की किसी भी व्यक्तिगत हरकत के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने अर्जुन की ओर से दायर मुकदमा खारिज करने और मंत्री पर भारी जुर्माना लगाने का अनुरोध किया।
स्टालिन ने ये दलीलें अर्जुन की ओर से उनके और द्रमुक की आईटी शाखा के खिलाफ दायर एक करोड़ रुपये के मानहानि मामले में दाखिल जवाबी हलफनामे में दीं। अर्जुन का मुकदमा द्रमुक की आईटी शाखा के एक सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है, जिसमें कथित तौर पर दावा किया गया था कि मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़े मामले का एक आरोपी (जॉन ब्रिटो) अर्जुन का रिश्तेदार है। न्यायमूर्ति के गोविंदराजन थिलकावडी के समक्ष सुनवाई के दौरान स्टालिन ने उनके खिलाफ दायर मानहानि मुकदमे में अंतरिम राहत देने के अनुरोध वाली याचिका का विरोध किया।
न्यायमूर्ति थिलकावडी ने मामले की सुनवाई 26 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी। द्रमुक प्रमुख ने खास तौर पर इस आरोप से इनकार किया कि कथित पोस्ट “उनकी किसी योजना, निर्देश, आदेश या मंजूरी के तहत” प्रसारित की गई थी। स्टालिन ने कहा कि उन्होंने द्रमुक की आईटी शाखा को कोई ऐसा पोस्ट प्रसारित करने का निर्देश या मंजूरी नहीं दी, जिसमें आवेदक (आधव अर्जुन) या उसके परिवार के किसी सदस्य को जॉन ब्रिटो या मादक पदार्थ की तस्करी से संबंधित किसी मामले से जोड़ा गया हो।
स्टालिन ने कहा कि असल बात यह है कि “जॉन ब्रिटो मीडिया के सामने आया था और दावा किया था कि वह विधायक लीमारोज का भाई है, जो और कोई नहीं, बल्कि याचिकाकर्ता (आधव अर्जुन) की सास हैं।” उन्होंने कहा कि यह भी एक तथ्य है कि लीमारोज के भाई जॉन ब्रिटो के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं।
Gujarat के Morbi में पति से बेटे की Stem Cells मैच न होने पर दर्ज हुआ दुष्कर्म का केस
गुजरात के मोरबी में कैंसर पीड़ित व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए ‘स्टेम सेल’ डोनर की तलाश में हुई मेडिकल जांच के दौरान उससे बेटे की स्टेम कोशिकाओं का मिलान नहीं हुआ और इसके बाद रोगी की पत्नी से कथित दुष्कर्म के मामले का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, एक महिला ने 2020 में अपने पति के बोन कैंसर के इलाज के लिए एक लाख रुपये उधार लिए थे। उसने आरोप लगाया कि कर्ज चुकाने में असमर्थता का फायदा उठाकर आरोपी ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने बताया कि उसकी शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपी मोरबी नगर निगम की एक भाजपा पार्षद का पति है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) जे एम आल ने कहा, “शिकायतकर्ता ने बताया कि 2020 में पति के कैंसर के इलाज के लिए उधार लिए गए एक लाख रुपये वापस नहीं कर पाने के बाद आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।” उन्होंने बताया कि मोरबी के ए-डिवीजन पुलिस थाने में नौ सितंबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी और आरोपी के फरार होने के बावजूद आगे की जांच जारी है।
उन्होंने कहा कि यह मामला तब सामने आया जब चिकित्सकों ने पीड़िता के बीमार पति के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सलाह दी। जब बेटे का बोन मैरो पति से मेल नहीं खाया तो महिला ने सामने आकर उस घटना की शिकायत दर्ज कराई। महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसने 2020 में गंभीर बीमारी से पीड़ित अपने पति के इलाज के लिए आरोपी से एक लाख रुपये उधार लिए थे और जब वह यह रकम वापस नहीं कर सकी तो आरोपी ने उसकी स्थिति का फायदा उठाया और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिलाओं के कपड़ों के कारोबार से जुड़ा होने के दौरान पीड़िता के संपर्क में आया था। डीएसपी ने कहा कि पुलिस महिला की शिकायत के आधार पर वैज्ञानिक और अन्य जरूरी सबूत जुटा रही है। सबूत मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है, जिसमें डीएनए जांच भी शामिल है कि महिला के बेटे के स्टेम सेल उसके पति से मेल नहीं खाए थे।
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