कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ के लिए नेशनल अवॉर्ड:इसके लिए 15 किलो वजन घटाया था; फाल्के सम्मान पाने वाले अनंत नाग 11वीं तक ही पढ़े
कार्तिक आर्यन को मंगलवार को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट एक्टर का पुरस्कार मिला। उन्होंने यह अवॉर्ड ममूटी के साथ शेयर किया, जिन्हें ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए यह पुरस्कार मिला। फिल्म 'चंदू चैंपियन' के लिए कार्तिक आर्यन ने अपनी लाइफ का सबसे बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन किया था। ‘चंदू चैंपियन’ देश के पहले पैरालिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर की जिंदगी पर आधारित थी। फिल्म में मुरलीकांत का किरदार निभाने के लिए कार्तिक को अपने शरीर के साथ-साथ बॉक्सिंग स्किल्स पर भी काम करना पड़ा। इसके लिए उन्होंने करीब 14 महीने तक लगातार ट्रेनिंग ली। नेशनल लेवल के बॉक्सर और फिटनेस कोच त्रिदेव पांडे ने कार्तिक के बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन में उनकी मदद की थी। त्रिदेव ने 2024 में दैनिक भास्कर से बातचीत में कार्तिक की ट्रेनिंग से जुड़ी कई बातें बताई थीं। 90 किलो वजन से शुरू हुई ट्रेनिंग त्रिदेव के मुताबिक, जब फिल्म के लिए ट्रेनिंग शुरू हुई, तब कार्तिक का वजन 90 किलो था। लक्ष्य था कि उनका वजन घटाकर 69 से 75 किलो के बीच लाया जाए। इसके साथ ही उन्हें एक बॉक्सर के तौर-तरीकों के लिए तैयार करना था। त्रिदेव ने बताया था कि सिर्फ कार्तिक की बॉडी बनाना लक्ष्य नहीं था। फिल्म में बॉक्सिंग के प्रॉपर सीन थे, इसलिए उन्हें बॉक्सर की तरह तैयार करना जरूरी था। इसके लिए ट्रेनिंग में हैंड-आई कोऑर्डिनेशन पर खास ध्यान दिया गया। बॉक्सिंग में सामने वाले की हर मूवमेंट पर नजर रखना जरूरी होता है। त्रिदेव के मुताबिक, इस खेल में माइक्रो सेकेंड में चीजें बदल सकती हैं। इसलिए कार्तिक को निशाने पर नजर बनाए रखने और उसी के मुताबिक तेजी से प्रतिक्रिया देने की ट्रेनिंग दी गई थी। ट्रेनिंग में कई पंच भी खाने पड़े बॉक्सिंग सीखना कार्तिक के लिए आसान नहीं था। त्रिदेव ने बताया था कि ट्रेनिंग के दौरान कार्तिक को उनसे कई पंच पड़े। कई बार उनके चेहरे और पेट पर भी चोट लगी। कार्तिक को ट्रेनिंग के दौरान काफी दर्द सहना पड़ा। कई मौकों पर वह त्रिदेव से कहते थे, ‘भाई आराम से मारो।’ इसके बावजूद फिल्म की जरूरत के मुताबिक उन्होंने ट्रेनिंग जारी रखी थी। डाइट में 12 अंडे, एक साल तक मिठाई से दूरी कार्तिक की डाइट पर भी खास ध्यान दिया गया। त्रिदेव के मुताबिक, 14 महीने की ट्रेनिंग के दौरान उनके खाने में 12 अंडे शामिल थे। वह मांस नहीं खाते थे। बॉडी में फैट की मात्रा कम करने के लिए कार्तिक ने करीब एक साल तक मिठाई को हाथ नहीं लगाया। त्रिदेव ने कहा था कि लोगों में यह धारणा है कि मांस के बिना बॉडी नहीं बनाई जा सकती, लेकिन ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक की बॉडी इसका उदाहरण थी। पहली फिल्म के लिए मिले थे 70 हजार रुपए ग्वालियर के एक सामान्य परिवार से निकले कार्तिक आर्यन ने बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए लंबा संघर्ष किया। 22 नवंबर 1990 को जन्मे कार्तिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने मुंबई आए थे, लेकिन उनका सपना इंजीनियर बनने का नहीं, एक्टर बनने का था। कॉलेज के साथ वे फिल्मों के ऑडिशन देने लगे। परिवार को भी इसकी ज्यादा जानकारी नहीं थी। ऑडिशन की जानकारी तलाशते और फिर बेलापुर से अंधेरी तक लोकल ट्रेन से पहुंचते थे। कई बार स्टेशन के वॉशरूम में कपड़े बदलकर ऑडिशन देते थे। करीब दो-तीन साल तक उनका यही सिलसिला चलता रहा। इसी दौरान फेसबुक से उन्हें फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ के ऑडिशन की जानकारी मिली। पहली कोशिश में कार्तिक रिजेक्ट हो गए। करीब 6 महीने तक कोई कॉल नहीं आया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने प्रोडक्शन हाउस से अपनी तस्वीरें तक वापस मांगीं, ताकि दूसरे ऑडिशन में इस्तेमाल कर सकें। इसके बाद उन्हें दोबारा ऑडिशन के लिए बुलाया गया। करीब 6 महीने तक अलग-अलग राउंड हुए। फाइनल ऑडिशन में उन्हें 5 पेज का लंबा मोनोलॉग दिया गया। अगले दिन उन्हें इसे परफॉर्म करना था। कार्तिक ने इसे याद किया और ऑडिशन पास कर लिया। साल 2011 में कार्तिक ने ‘प्यार का पंचनामा’ में रजत यानी रज्जो का किरदार निभाया था। इस फिल्म के लिए उन्हें करीब 70 हजार रुपए मिले थे। फिल्म में उनका लंबा मोनोलॉग काफी चर्चा में रहा। हालांकि इसके बाद का सफर आसान नहीं रहा। 2018 में ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ ने बदला करियर ‘आकाशवाणी’ और ‘कांची’ जैसी फिल्मों को खास सफलता नहीं मिली। एक समय ऐसा भी आया जब कार्तिक को लगने लगा था कि शायद उन्हें आगे काम न मिले, लेकिन साल 2018 में ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ ने उनका करियर बदल दिया। फिल्म हिट हुई और कार्तिक की पहचान तेजी से बढ़ी। इसके बाद ‘लुका छुपी’ और ‘पति पत्नी और वो’ जैसी फिल्मों ने उनकी लोकप्रियता और मजबूत की। फिर साल 2022 में ‘भूल भुलैया 2’ ने उन्हें बड़े कमर्शियल स्टार्स की लिस्ट में पहुंचा दिया। कार्तिक ने इसके बाद अलग तरह के किरदार भी चुने। ‘सत्यप्रेम की कथा’ के बाद उन्होंने ‘चंदू चैंपियन’ में पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाया। 70 हजार से 20 करोड़ तक पहुंची फीस कभी 70 हजार में फिल्म करने वाले कार्तिक की जिंदगी में ऐसे पल भी आया, उन्हें मात्र 10 दिन के रोल के लिए 20 करोड़ मिले। कार्तिक आर्यन ने आप की अदालत में बताया था कि उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी एक फिल्म की महज 10 दिनों की शूटिंग के लिए 20 करोड़ रुपये चार्ज किए थे। हालांकि उन्होंने फिल्म का नाम नहीं लिया, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार वह फिल्म 'धमाका' (2021) थी। अनंत नाग: 10वीं में फेल हुए, अब दादासाहेब फाल्के मिला अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड 2024 मिला। यह सम्मान उनके पांच दशक से ज्यादा लंबे फिल्मी सफर के लिए मिला है। अनंत नाग ने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। इनमें कन्नड़ के अलावा हिंदी, तेलुगु, तमिल, मराठी और मलयालम सिनेमा भी शामिल है। लेकिन यहां तक पहुंचने की कहानी आसान नहीं थी। अनंत नाग बचपन में कई स्कूलों और आश्रमों में रहे। करीब 11 साल की उम्र में वे पढ़ाई के लिए मुंबई आ गए। यहां कन्नड़ से सीधे अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई करना उनके लिए मुश्किल रहा। भाषा और पढ़ाई में दिक्कत के चलते वे 10वीं की परीक्षा में फेल हो गए। हालांकि बाद में 10वीं की पढ़ाई पूरी की। वहीं 11वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। उनके माता-पिता चाहते थे कि वे डॉक्टर या इंजीनियर बनें, लेकिन पढ़ाई में लगातार परेशानी के बाद अनंत ने दूसरा रास्ता तलाशना शुरू किया। 1962 और 1965 के युद्धों का उन पर गहरा असर पड़ा और उन्होंने सेना में जाने का फैसला किया। स्कूल के दिनों में वे NCC और ऑक्जीलियरी कैडेट कॉर्प्स में भी शामिल हुए। लेकिन सेना में भी उन्हें सफलता नहीं मिली। कम वजन की वजह से भारतीय सेना ने उन्हें मेडिकल आधार पर रिजेक्ट कर दिया। वहीं खराब नजर के कारण एयरफोर्स में भी उनका चयन नहीं हुआ। एक के बाद एक रास्ते बंद होने के बाद वे अपने भविष्य को लेकर परेशान थे। पांच साल में 50 से ज्यादा नाटक किए फिर अनंत नाग की जिंदगी में थिएटर आया। शुरुआत में एक्टिंग उनका तय करियर नहीं था, लेकिन मंच पर काम करते-करते उन्हें अपना आत्मविश्वास वापस मिलने लगा। अगले पांच साल में उन्होंने 50 से ज्यादा नाटकों में काम किया। उन्होंने कन्नड़, कोंकणी, मराठी और हिंदी थिएटर में अभिनय किया। इसी दौरान सत्यदेव दुबे, गिरीश कर्नाड और अमोल पालेकर जैसे कलाकारों से भी उन्हें सीखने का मौका मिला। साल 1973 में अनंत नाग ने कन्नड़ फिल्म ‘संकल्प’ से डेब्यू किया। इसी साल श्याम बेनेगल की ‘अंकुर’ से उन्होंने हिंदी सिनेमा में भी पहचान बनाई। इसके बाद ‘निशांत’, ‘मंथन’ और ‘भूमिका’ जैसी फिल्मों में काम किया। टीवी पर ‘मालगुडी डेज’ ने भी उन्हें घर-घर तक पहुंचाया। इसके बाद उनका सफर पांच दशक से ज्यादा चलता रहा। 300 से ज्यादा फिल्मों के साथ उन्होंने कन्नड़ सिनेमा के साथ-साथ कई भाषाओं में काम किया। उन्हें पांच फिल्मफेयर अवॉर्ड और पांच कर्नाटक स्टेट बेस्ट एक्टर अवॉर्ड भी मिल चुके हैं। 2025 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। और अब 10वीं में फेल होने वाले उस लड़के के नाम के साथ दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड जुड़ चुका है। उनकी कहानी बताती है कि एक रास्ता बंद होने का मतलब यह नहीं कि सफर भी खत्म हो गया। …………… नेशनल अवॉर्ड से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... नेशनल फिल्म अवॉर्ड में कार्तिक-यामी बेस्ट एक्टर-एक्ट्रेस: KGF अभिनेता को दादासाहेब फाल्के; 72 साल में अवॉर्ड्स 7 से बढ़कर 45 हुए कार्तिक आर्यन को ‘चंदू चैंपियन’ और ममूटी को ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट एक्टर का पुरस्कार दिया गया। यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया। सेरेमनी गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में मंगलवार को हुई। विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई को हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें...
New data shows El Niño is strongest ever with major shift in global weather patterns | BBC News
The developing El Niño climate event is now the strongest on record, according to scientists monitoring Pacific Ocean temperatures. The powerful natural climate phenomenon pushes up global temperatures and can increase the risks of extreme weather. Added to the effects of human-induced climate change, the Met Office is warning that it is "very likely" to mean 2027 is the hottest year on record globally. There is growing evidence that weather patterns around the world are already being affected, with below-average monsoon rains in India and suppressed hurricane activity in the Atlantic Ocean. There is no clear evidence that climate change is making El Niño events more likely, but its weather impacts are likely to be more extreme in a warming world. Reeta Chakrabarti presents BBC News at Ten reporting by Justin Rowlatt. Subscribe to our channel here: https://bbc.in/bbcnews For the latest news download the BBC News app or visit BBC.com/news #BBCNews
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