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Emergency Apps: मुसीबत के 3 साथी, बिना बटन दबाए भी मांग सकते हैं मदद; मोबाइल में हैं ये ऐप?

स्मार्टफोन में मौजूद ऐप्स सिर्फ मनोरंजन और रोजमर्रा के काम के लिए नहीं होते। कुछ ऐप ऐसे भी हैं, जो इमरजेंसी में आपकी या किसी दूसरे व्यक्ति की जान बचाने में मदद कर सकते हैं। पुलिस, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड से लेकर प्राकृतिक आपदा की चेतावनी तक, ऐसे कई ऐप आपके फोन में जरूर होने चाहिए।

आज लगभग हर उम्र के व्यक्ति के स्मार्टफोन में कई तरह के ऐप मौजूद हैं। सोशल मीडिया, शॉपिंग, मनोरंजन और दूसरे कामों के लिए हम अलग-अलग ऐप डाउनलोड करते हैं। लेकिन क्या आपके फोन में कोई ऐसा ऐप है, जो अचानक मुसीबत आने पर आपके काम आ सके?

हाल ही दिल्ली में एक महिला अधिवक्ता के साथ हुई घटना ने इस सवाल को और महत्वपूर्ण बना दिया। घर पर अकेली महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह मदद के लिए दिल्ली पुलिस के ‘से-हेल्प’ ऐप का इस्तेमाल करने में सफल रहीं। अलर्ट मिलने के बाद पुलिस टीम एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था के साथ उनके घर पहुंची और समय पर मदद मिलने से उनकी जान बच गई।

ऐसी स्थिति कभी भी किसी के सामने आ सकती है। इसलिए अपने फोन में मौजूद जरूरी Emergency Apps की जानकारी रखना और उन्हें इस्तेमाल करना सीखना बेहद उपयोगी हो सकता है।

1. Delhi Police का ‘से-हेल्प’ ऐप

दिल्ली पुलिस का ‘से-हेल्प’ ऐप महिलाओं, बुजुर्गों और आम लोगों को आपात स्थिति में सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया है।

इस ऐप की खासियत इसका वॉयस-एक्टिवेटेड फीचर है। यानी संकट की स्थिति में यूजर को मदद मांगने के लिए जरूरी नहीं कि फोन पर कोई बटन दबाना पड़े या नंबर डायल करना पड़े।

अगर कोई व्यक्ति ऐसी स्थिति में है, जहां वह फोन इस्तेमाल करने की स्थिति में नहीं है, तो आवाज के जरिए मदद मांगी जा सकती है। ऐप को सक्रिय करने के लिए ‘Help Help Help’ बोलने जैसी सुविधा इसे सामान्य हेल्पलाइन से अलग बनाती है।

क्यों है उपयोगी?
मान लीजिए कोई व्यक्ति घर में अकेला है और अचानक उसकी तबीयत बिगड़ जाती है। वह फोन उठाकर नंबर डायल करने या स्क्रीन पर बटन दबाने की स्थिति में नहीं है। ऐसे समय में वॉयस कमांड के जरिए मदद मांगने की सुविधा काफी उपयोगी हो सकती है।

दिल्ली की महिला अधिवक्ता के मामले में भी ऐप से मिले अलर्ट के बाद संबंधित थाना प्रभारी स्टाफ, एंबुलेंस और प्राथमिक उपचार के सामान के साथ मौके पर पहुंचे।

2. 112 India App: पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए

इमरजेंसी की स्थिति में 112 India एक महत्वपूर्ण सरकारी सेवा है। इसका उद्देश्य पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को एकीकृत तरीके से उपलब्ध कराना है।

किसी संकट की स्थिति में 112 से मदद मांगी जा सकती है। ऐप के जरिए यूजर की लोकेशन जैसी जानकारी का इस्तेमाल संबंधित आपातकालीन सहायता तक पहुंच बनाने के लिए किया जाता है।

इसमें महिलाओं और बच्चों की तत्काल सहायता के लिए ‘SHOUT’ सुविधा भी दी गई है। इस फीचर के जरिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर तक अलर्ट पहुंचाया जा सकता है और आसपास मौजूद रजिस्टर्ड वॉलिंटियर्स से भी सहायता मिलने की व्यवस्था है।

कब काम आ सकता है 112 India?

  • सड़क हादसे की स्थिति में
  • मेडिकल इमरजेंसी में
  • किसी सुरक्षा संबंधी खतरे में
  • आग लगने की स्थिति में
  • महिलाओं या बच्चों को तत्काल मदद की जरूरत होने पर

ऐसी स्थिति में फोन में इस सेवा की जानकारी पहले से होना उपयोगी हो सकता है।

3. ‘सचेत’ ऐप: आपदा से पहले मिलेगी चेतावनी

इमरजेंसी का मतलब सिर्फ अपराध या मेडिकल समस्या नहीं है। प्राकृतिक आपदा और खराब मौसम भी अचानक बड़ी परेशानी पैदा कर सकते हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी NDMA का ‘सचेत’ ऐप लोगों को प्राकृतिक आपदाओं और मौसम से जुड़ी चेतावनियों के बारे में जानकारी देने के लिए उपयोगी है।

ऐसे अलर्ट लोगों को संभावित खतरे के बारे में पहले से सतर्क करने में मदद कर सकते हैं। खासकर बाढ़, चक्रवात, भूकंप और दूसरे प्राकृतिक खतरों की आशंका वाले क्षेत्रों में समय पर जानकारी बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।

सिर्फ ऐप डाउनलोड करना काफी नहीं

फोन में Emergency App डाउनलोड करके छोड़ देना पर्याप्त नहीं है। आपको यह भी पता होना चाहिए कि जरूरत पड़ने पर उसे कैसे इस्तेमाल करना है।

किसी ऐप को पहली बार इमरजेंसी के दौरान समझने की कोशिश करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए सामान्य समय में ही उसके जरूरी फीचर्स देख लें। जरूरत के अनुसार जरूरी परमिशन, लोकेशन और अन्य सेटिंग्स को भी समझना चाहिए।

साथ ही फोन में बहुत सारे ऐसे ऐप रखने से बचें, जिनका इस्तेमाल आप लंबे समय से नहीं कर रहे हैं। इससे फोन का स्टोरेज खाली रखने के साथ जरूरी ऐप को आसानी से खोजने में भी मदद मिलती है।

अपने फोन में इन ऐप्स की जानकारी जरूर रखें

इमरजेंसी की स्थिति में कुछ सेकंड भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसलिए सिर्फ सोशल मीडिया और मनोरंजन से जुड़े ऐप्स पर निर्भर रहने के बजाय अपने फोन में जरूरी Safety और Emergency Apps की जानकारी रखना समझदारी है।

112 India जैसी इमरजेंसी सेवा, दिल्ली पुलिस का से-हेल्प और NDMA का सचेत ऐप अलग-अलग तरह की परिस्थितियों में उपयोगी हो सकते हैं।

सबसे जरूरी बात यह है कि इन सेवाओं की जानकारी सिर्फ अपने तक सीमित न रखें। परिवार के सदस्यों, बुजुर्गों और बच्चों को भी बताएं कि इमरजेंसी में किस तरह मदद मांगी जा सकती है। आपकी यह छोटी-सी तैयारी किसी मुश्किल समय में बड़ी मदद साबित हो सकती है।

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BRICS समिट के लिए भारत पहुंचे व्लादिमीर पुतिन, आज PM मोदी के साथ होगी अहम बैठक

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार देर रात BRICS समिट में शामिल होने के लिए भारत पहुंचे। दरअसल रात करीब 3 बजे उनका विमान नई दिल्ली पहुंचा जहां विदेश राज्य मंत्री केवी सिंह ने उनका स्वागत किया। रेड कार्पेट और गार्ड ऑफ ऑनर के बाद उनका काफिला मौर्या शेरटन होटल के लिए रवाना हुआ। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस के बाहर आयोजित किसी BRICS समिट में पुतिन की यह पहली व्यक्तिगत भागीदारी है।

दरअसल उनकी यात्रा को भारत-रूस संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है क्योंकि BRICS कार्यक्रम से पहले उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अलग से द्विपक्षीय बैठक तय है।

मोदी-पुतिन बैठक में रक्षा सौदों पर रहेगी नजर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की बैठक में कई रक्षा परियोजनाओं पर बातचीत हो सकती है। इनमें Su-57 फाइटर जेट, S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की बाकी खेप और SU-30MKI लड़ाकू विमानों के अपग्रेड जैसे मुद्दे शामिल हैं। रूस पहले ही भारत को Su-57 फाइटर जेट की बिक्री के साथ भारत में उत्पादन और तकनीक साझा करने की पेशकश कर चुका है। भारत चाहता है कि इस सहयोग से भविष्य में स्वदेशी लड़ाकू विमान बनाने में भी तकनीकी मदद मिल सके। इसके अलावा ब्रह्मोस मिसाइल के नए और हल्के संस्करण ब्रह्मोस-NG पर भी चर्चा हो सकती है। यह मिसाइल मौजूदा ब्रह्मोस से हल्की होगी और इसे तेजस जैसे लड़ाकू विमानों से भी दागा जा सकेगा।

BRICS समिट से पहले व्यापार पर भी फोकस

वहीं पुतिन के भारत पहुंचने से पहले उनके काफिले की बख्तरबंद Aurus Senat लिमोजिन और अन्य सुरक्षा वाहन तीन रूसी ट्रांसपोर्ट विमानों से भारत लाए गए। उनके साथ आया IL-96-300PU विमान रूस का विशेष राष्ट्रपति विमान है जिसे चलता-फिरता कमांड सेंटर माना जाता है। रूस की एफएसओ सुरक्षा एजेंसी पुतिन की अंदरूनी सुरक्षा संभाल रही है, जबकि बाहरी सुरक्षा भारतीय एजेंसियों के जिम्मे है। उनके भोजन की अलग सुरक्षा जांच की व्यवस्था भी की गई है और रूस अपने रसोइयों का इस्तेमाल करेगा।

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  Sports

Patna Cricket League: पटना क्रिकेट लीग का बजा बिगुल, 10 अक्टूबर से फॉर्म मिलेंगे, 16 नवंबर तक होगा चुनाव

PDCA Cricket League 2026-27: पटना जिला क्रिकेट संघ (PDCA) की बैठक में 2026-27 की घरेलू क्रिकेट लीग, पटना टीम के प्रदर्शन और संघ के चुनाव पर अहम चर्चा हुई. लीग के फॉर्म 10-11 अक्टूबर को मिलेंगे और 24-25 अक्टूबर को जमा होंगे. 16 नवंबर तक नई कमेटी के गठन का लक्ष्य है. Sat, 26 Sep 2026 17:36:20 +0530

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