IAS Transfer: दो राज्यों में प्रशासनिक फेरबदल, 4 आईएएस अफसरों के तबादले, आदेश जारी
इस सप्ताह देश के कई राज्यों में प्रशासनिक फेरबदल (IAS Transfer) हुआ है। उत्तर प्रदेश के बाद पंजाब और तमिलनाडु की ब्यूरोक्रेसी में बड़ी हलचल देखने को मिली है। दोनों ही राज्यों में दो-दो आईएएस अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया गया है। कुछ अफसरों को एडिशनल चार्ज सौंपा गया है। प्रधान सचिव, प्रशासनिक सचिव समेत कई पदों पदों के प्रभाव में बदलाव किया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू है।
15 सितंबर को जारी आदेश के तहत आईएएस अधिकारी एस बलचंद्र को उनकी वर्तमान सेवाओं से मुक्त किया गया है। इससे पहले वह कॉर्पोरेशन ऑफ तांबरम के आयुक्त पद पर कार्यरत थे। फिलहाल उन्हें पोस्टिंग की प्रतीक्षा में रखा गया है। राज्यपाल की मंजूरी से बाद इससे संबंधित आदेश एम साई कुमार, सरकार के मुख्य सचिव ने जारी किया है।
तांबरम निगम के नए आयुक्त कौन?
आईएएस अधिकारी टीएमटी आर सारण्या आयुक्त तांबरम निगम पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान में वह अवदी निगम के आयुक्त पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बता दें कि 8 सितंबर को जारी एक आदेश के तहत मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार ने 13 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया था। सिविल सप्लाईज एंड कंज्यूमर प्रोटक्शन के आयुक्त पद पर थिरु अजय यादव को नियुक्त किया गया था। वही मिल्क प्रोडक्शन एंड डेयरी डेवलपमेंट के निदेशक पद की जिम्मेदारी को थिरु एस सिवरसु को सौंपी गई थी। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव पद पर टीएमटीजे इनोसेंट दिव्या को नियुक्त किया गया था। थिरु धर्मेंद्र प्रताप यादव को ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के प्रधान सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई थी।
पंजाब आईएएस तबादला
सोमवार को जारी आदेश के तहत बैच 201 अधिकारी गुरकीरत कृपाल सिंह को प्रधान सचिव, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास पद पर नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्हें प्रधान सचिव पावर और प्रधान सचिव न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी सोर्सेस पद का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इसके अलावा वह अध्यक्ष-सह- प्रबंध निदेशक, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड और पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड पद का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।
बैच 2005 के आईएएस अधिकारी बसंत गर्ग जो पावर और प्रशासनिक सचिव पद पर कार्यरत है। उन्हें इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के प्रशासनिक सचिव पद पर नियुक्त किया गया है। साथ ही वह प्रशासनिक सचिव इन्वेस्टमेंट प्रमोशन और प्रशासनिक सचिव प्रमोशन ऑफ़ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री पद का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।
TRAI New Rules: स्पैम कॉल्स पर अब AI रखेगा नजर, ऑटोमेटेड कॉल्स को लेकर भी बदले नियम
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने अनचाही कमर्शियल कम्युनिकेशन यानी स्पैम कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए अपने नियमों को और सख्त कर दिया है। नए नियमों में संदिग्ध स्पैम गतिविधियों की पहचान के लिए AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल, ऑटोमेटेड कमर्शियल कॉल्स के लिए नए प्रावधान और कुछ A2P कॉल्स पर टर्मिनेशन चार्ज शामिल हैं।
इसके अलावा, टेलीकॉम कंपनियों को संदिग्ध स्पैम से जुड़े नंबरों की जानकारी एक-दूसरे के साथ साझा करनी होगी। एक ही सेंडर से जुड़े कई नंबरों के खिलाफ शिकायत या स्पैम गतिविधि सामने आने पर अतिरिक्त जांच भी की जा सकेगी।
AI की मदद से होगी स्पैम नंबरों की पहचान
TRAI के नए फ्रेमवर्क के तहत टेलीकॉम ऑपरेटर ऐसे नंबरों की पहचान करने के लिए AI आधारित तरीकों का इस्तेमाल करेंगे, जिनसे स्पैम गतिविधि की आशंका ज्यादा है। ऐसे नंबरों से जुड़ी जानकारी दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटरों के साथ भी साझा की जाएगी।
अगर किसी सेंडर से जुड़े 5 या उससे ज्यादा नंबर 10 दिनों के भीतर संदिग्ध स्पैम गतिविधि के तौर पर फ्लैग किए जाते हैं, तो ऑपरेटर KYC री-वेरिफिकेशन और फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर ऐसे सेंडर की आउटगोइंग सेवाओं को ब्लॉक किया जा सकता है। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने पर कनेक्शन भी काटा जा सकता है।
ऑटोमेटेड कमर्शियल कॉल्स के लिए भी नए नियम
TRAI ने Application-to-Person (A2P) कॉल्स को लेकर भी नियमों में बदलाव किया है। A2P कॉल्स ऐसी कॉल्स हैं, जो किसी एप्लिकेशन, सॉफ्टवेयर सिस्टम या ऑटोमेटेड प्लेटफॉर्म के जरिए की जाती हैं और इनमें कोई व्यक्ति सीधे नंबर डायल नहीं करता। इसमें ऑटोडायल कॉल्स, रोबोकॉल्स, प्री-रिकॉर्डेड मैसेज और आर्टिफिशियल या रिकॉर्डेड आवाज का इस्तेमाल करने वाली कॉल्स शामिल हैं।
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अब ऐसे A2P कॉलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले कारोबारों और अन्य संस्थाओं को अपने टेलीकॉम प्रोवाइडर को इस सेवा की जानकारी देनी होगी। साथ ही, इन कॉल्स के लिए इस्तेमाल होने वाले नंबर भी बताने होंगे। अगर कोई संस्था A2P कॉल की घोषणा नहीं करती है, तो TRAI उसे अनचाही कमर्शियल कम्युनिकेशन (UCC) के तौर पर मान सकता है।
A2P कॉल्स पर लगेगा 5 पैसे प्रति मिनट तक चार्ज
नए नियमों के तहत कुछ A2P कॉल्स पर 5 पैसे प्रति मिनट तक का टर्मिनेशन चार्ज लगाया जा सकता है। हालांकि, रेगुलेटेड कमर्शियल कम्युनिकेशन के लिए निर्धारित नंबरिंग सीरीज से की जाने वाली कॉल्स को इस चार्ज से छूट दी जाएगी। TRAI की ओर से विशेष रूप से अधिकृत कॉल्स पर भी यह चार्ज लागू नहीं होगा।
ग्राहकों को मिलेगा अपील का अधिकार
संशोधित एंटी-स्पैम फ्रेमवर्क में ग्राहकों और संबंधित पक्षों के लिए अपील की व्यवस्था भी शामिल की गई है। यानी नियमों के तहत की गई कुछ कार्रवाइयों के खिलाफ अपील करने का विकल्प उपलब्ध होगा। TRAI ने कमर्शियल हेडर्स और कंटेंट टेम्पलेट्स के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए भी अतिरिक्त सुरक्षा उपाय जोड़े हैं।
कॉल-मैनेजमेंट ऐप्स पर भी नई पाबंदियां
नए नियमों का असर कॉल-मैनेजमेंट ऐप्स पर भी पड़ेगा। ऐसे ऐप्स को निर्धारित नंबरिंग सीरीज से आने वाली कॉल्स को हैंडल करते समय नए नियमों का पालन करना होगा। कॉल-मैनेजमेंट ऐप्स 140xx, 1600xx और 1601xx नंबरिंग सीरीज से आने वाली कॉल्स को सामूहिक रूप से ब्लॉक, फिल्टर या स्पैम के तौर पर लेबल नहीं कर सकेंगे।
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