सामंथा रुथ प्रभु की खास ‘सीमंथम’ रस्म, पति राज संग मनाया जश्न, हर मंत्र और तोहफे का बताया खास मतलब
सामंथा रुथ प्रभु की जिंदगी में इन दिनों एक बेहद खास दौर चल रहा है। एक्ट्रेस अपने पति राज निदिमोरू के साथ अपने पहले बच्चे का स्वागत करने की तैयारी कर रही हैं।
उन्होंने सोमवार को इंस्टाग्राम पर अपनी सीमंथम रस्म की कुछ खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। सादगी से भरी इस रस्म में सामंथा हल्के पीले रंग के चूड़ीदार सूट और फूलों की माला में नजर आईं।
श्रीविद्या परंपरा से जुड़ी थी सामंथा की सीमंथम रस्म
सामंथा ने बताया कि उनकी सीमंथम रस्म श्रीविद्या परंपरा के अनुसार की गई। आमतौर पर सीमंथम को गर्भवती महिला और आने वाले बच्चे के लिए आशीर्वाद से जुड़ी रस्म माना जाता है।
सामंथा के लिए इस समारोह का अनुभव इसलिए भी अलग रहा क्योंकि उन्हें रस्म के हर हिस्से के पीछे का मतलब बताया गया। इससे उनके लिए यह सिर्फ एक परंपरा निभाने का मौका नहीं रहा, बल्कि इसे समझने और महसूस करने का अनुभव भी बन गया।
गर्भवती महिला को देवी के रूप में सम्मान देने की परंपरा
सामंथा की सीमंथम रस्म का सबसे भावुक हिस्सा वह था, जिसमें गर्भवती महिला को देवी के रूप में सम्मान दिया जाता है। इस परंपरा में मां बनने वाली महिला को उस पवित्र शक्ति के रूप में देखा जाता है, जिसके माध्यम से एक नए जीवन का जन्म होने वाला है। समारोह में महिलाओं ने सामंथा को आशीर्वाद दिया और पारंपरिक तरीके से उनके सिर और छाती को स्पर्श किया।
पति राज निदिमोरू भी रस्म में रहे साथ
सामंथा की इस खास रस्म में राज निदिमोरू भी उनके साथ नजर आए। दोनों ने पूजा और पारंपरिक रस्मों में साथ हिस्सा लिया। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में दोनों की मौजूदगी समारोह को और खास बनाती दिखाई दी। सामंथा ने जिस तरह इस पूरे अनुभव को साझा किया, उससे साफ है कि उनके लिए यह केवल एक पारिवारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अपनी परंपराओं को नए नजरिए से समझने का भी मौका था।
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स्वरा भास्कर के जौहर कमेंट पर बवाल, कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए साधा निशाना
संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत से जुड़े स्वरा भास्कर के पुराने जौहर वाले बयान को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है। राजपूत समाज और करणी सेना की नाराजगी के बीच अब कवि कुमार विश्वास की प्रतिक्रिया सामने आई है।
उन्होंने स्वरा भास्कर का नाम लिए बिना उन लोगों पर निशाना साधा, जो कुछ घंटों की फिल्म या कहानी के आधार पर इतिहास और संस्कृति की व्याख्या करते हैं। कुमार विश्वास ने राजस्थान के इतिहास, महाराणा प्रताप और बलिदान की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सही इतिहास बताना ज्यादा जरूरी है।
कुमार विश्वास ने बिना नाम लिए स्वरा भास्कर पर साधा निशाना
कुमार विश्वास ने अपने बयान में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी को स्वरा भास्कर के जौहर वाले बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी फिल्म के कुछ घंटों के कंटेंट, किसी कहानी या उसके किसी हिस्से से राजस्थान के गौरवशाली इतिहास और वहां हुए बलिदानों को मिटाया नहीं जा सकता। उनका कहना था कि इतिहास की अहमियत किसी फिल्म या कलाकार की राय से कम नहीं होती।
जौहर कमेंट को लेकर क्यों बढ़ा विवाद
स्वरा भास्कर ने फिल्म पद्मावत में दिखाए गए जौहर के दृश्य को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने रानी पद्मावती और उनके साथ जौहर करने वाली महिलाओं के संदर्भ में आपत्तिजनक मानी गई भाषा का इस्तेमाल किया था। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हुई और राजपूत संगठनों की ओर से भी विरोध सामने आया।
Swara Bhaskar speaks about her letter to filmmaker Sanjay Leela Bhansali on the scene of Jauhar in the movie Padmavat pic.twitter.com/6X4Z0SvFtC
— Yeshi Seli (@YeshiSeli) August 31, 2026
पद्मावत और इतिहास को लेकर पहले भी हुआ था बड़ा विवाद
फिल्म पद्मावत की रिलीज से पहले भी इसके कथानक और रानी पद्मावती के चित्रण को लेकर देशभर में विवाद हुआ था। फिल्म में दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणवीर सिंह मुख्य भूमिकाओं में थे। राजपूत संगठनों ने फिल्म के कुछ हिस्सों और इतिहास के कथित चित्रण पर आपत्ति जताई थी। बाद में फिल्म रिलीज हुई और इसके नाम से लेकर कई पहलुओं को लेकर भी सार्वजनिक बहस जारी रही।
कुमार विश्वास ने सुनाया राजस्थान के इतिहास का उदाहरण
कुमार विश्वास ने अपनी बात को सिर्फ फिल्म और विवाद तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने राजस्थान के इतिहास और महाराणा प्रताप का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अगर किसी को अपनी स्वतंत्रता, सम्मान और संघर्ष की भावना को समझना है तो उसे उन ऐतिहासिक स्थानों को देखना चाहिए, जहां इन घटनाओं की यादें जुड़ी हैं।
कुमार विश्वास ने खास तौर पर कुंभलगढ़ का जिक्र करते हुए महाराणा प्रताप के जन्मस्थान से जुड़े इतिहास को समझने की बात कही। उनके अनुसार, ऐसे स्थानों पर जाकर बच्चों को यह समझाया जा सकता है कि स्वतंत्रता, सम्मान और अपने मूल्यों के लिए संघर्ष का क्या मतलब होता है।
विवाद से आगे बढ़कर इतिहास समझाने पर जोर
कुमार विश्वास की प्रतिक्रिया का सबसे अहम हिस्सा उनका यह संदेश रहा कि किसी टिप्पणी पर केवल गुस्सा करने के बजाय आने वाली पीढ़ी को इतिहास बताना ज्यादा जरूरी है। उनका कहना था कि यदि समाज खुद अपने इतिहास और परंपराओं से बच्चों को परिचित नहीं कराएगा, तो बाद में दूसरे लोगों की बातों पर नाराजगी जताने से समस्या हल नहीं होगी।
स्वरा भास्कर के जौहर कमेंट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब इतिहास, सिनेमा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर एक बड़ी बहस का हिस्सा बन गया है। एक तरफ कलाकारों को अपनी राय रखने का अधिकार है, वहीं दूसरी ओर ऐतिहासिक घटनाओं और धार्मिक-सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक बयान देते समय संवेदनशीलता की जरूरत भी रहती है।
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