Fitness Tips: सीढ़ियां चढ़ते ही थकने लगते हैं पैर? रोज करें ये 8 स्क्वाट एक्सरसाइज, बढ़ेगी पैरों की ताकत
Fitness Tips: स्क्वाट को लोअर बॉडी की बेसिक एक्सरसाइज में गिना जाता है। इसे सही तरीके से करने पर जांघों, हिप्स और ग्लूट्स के साथ शरीर के बीच वाले हिस्से यानी कोर की मांसपेशियां भी एक्टिव रहती हैं।
खास बात यह है कि स्क्वाट के कई वेरिएशन हैं, जिन्हें फिटनेस लेवल और जरूरत के हिसाब से चुना जा सकता है। अगर आप हर बार एक ही तरह का स्क्वाट करते हैं, तो वर्कआउट में बदलाव के लिए अलग-अलग वेरिएशन आजमा सकते हैं।
1. बॉडीवेट स्क्वाट
यह स्क्वाट का सबसे आसान और बेसिक रूप है। इसमें किसी वजन या उपकरण की जरूरत नहीं होती। शुरुआती लोग अपने शरीर के वजन के साथ इसे कर सकते हैं। पैरों को कंधों की चौड़ाई के आसपास रखें, घुटनों को मोड़ते हुए नीचे जाएं और फिर एड़ियों पर दबाव डालते हुए वापस खड़े हो जाएं।
2. गोब्लेट स्क्वाट
इसमें डंबल या केटलबेल को दोनों हाथों से छाती के सामने पकड़कर स्क्वाट किया जाता है। वजन सामने होने की वजह से शरीर को सीधा रखने पर ध्यान देना पड़ता है। यह बॉडीवेट स्क्वाट से थोड़ा ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
3. सूमो स्क्वाट
सूमो स्क्वाट में पैरों के बीच सामान्य स्क्वाट की तुलना में ज्यादा दूरी रखी जाती है और पंजे बाहर की ओर रहते हैं। इसके जरिए जांघों के अंदरूनी हिस्से और ग्लूट्स पर भी काम किया जाता है।
4. जंप स्क्वाट
यह स्क्वाट का थोड़ा ज्यादा एक्टिव वेरिएशन है। सामान्य स्क्वाट की स्थिति से ऊपर आते समय हल्की छलांग लगाई जाती है। इसमें पैरों की ताकत के साथ शरीर की पावर पर भी काम होता है।
5. वॉल स्क्वाट
इस एक्सरसाइज में पीठ को दीवार से टिकाकर स्क्वाट की स्थिति बनाई जाती है और कुछ समय तक उसी पोजिशन में रहना होता है। यह पैरों की मांसपेशियों को होल्ड करने की क्षमता बढ़ाने वाले वर्कआउट का हिस्सा हो सकता है।
6. बल्गेरियन स्प्लिट स्क्वाट
यह एक पैर पर ज्यादा फोकस करने वाला स्क्वाट वेरिएशन है। इसमें पीछे वाले पैर को बेंच या किसी स्थिर ऊंची सतह पर रखा जाता है और आगे वाले पैर की मदद से शरीर को ऊपर-नीचे किया जाता है। इसे करते समय संतुलन और सही फॉर्म पर खास ध्यान देना जरूरी है।
7. फ्रंट स्क्वाट
इस वेरिएशन में वजन को शरीर के सामने रखा जाता है। इसे आमतौर पर बारबेल के साथ किया जाता है। इसमें पैरों के साथ कोर को भी शरीर को स्थिर रखने के लिए काम करना पड़ता है। इसे सही तकनीक सीखने के बाद ही वजन के साथ करना बेहतर है।
8. पल्स स्क्वाट
इसमें सामान्य स्क्वाट की स्थिति में नीचे जाने के बाद पूरी तरह ऊपर आने के बजाय छोटी-सी मूवमेंट के साथ कुछ पल्स किए जाते हैं। इससे वर्कआउट की तीव्रता बढ़ सकती है। इसे करते समय घुटनों और पीठ की पोजिशन पर ध्यान देना जरूरी है।
स्क्वाट करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- स्क्वाट का फायदा तभी मिलेगा जब इसे सही फॉर्म के साथ किया जाए।
- शुरुआत में अपनी क्षमता के अनुसार रिपीटेशन रखें और धीरे-धीरे कठिनाई बढ़ाएं।
- घुटनों को पैरों की दिशा में रखें, पीठ को अनावश्यक रूप से न मोड़ें और मूवमेंट को कंट्रोल के साथ करें।
(Disclaimer): अगर लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं की है, चोट है या घुटने/कमर से जुड़ी परेशानी रहती है, तो नया वर्कआउट शुरू करने से पहले फिटनेस प्रोफेशनल या डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
यह भी पढ़ें: नींद पूरी न होने से बढ़ सकता है वजन? जानें शरीर पर कैसे पड़ता है असर
Radha Rani Ki Aarti: राधा अष्टमी पर जरूर पढ़ें राधा रानी की आरती, यहां देखें पूरी आरती
Radha Rani Ki Aarti: राधा अष्टमी के दिन राधा-कृष्ण की पूजा के साथ भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन किया जाता है। पूजा के बाद दीपक जलाकर राधा रानी की आरती करने से माहौल भक्तिमय हो जाता है। अगर आप भी इस बार राधा अष्टमी पर घर में पूजा कर रहे हैं, तो आरती के लिए पहले से तैयारी कर लें। यहां पढ़ें राधा रानी की पूरी आरती।
राधा रानी की आरती
ओ राधा रानी तेरी आरती उतारूं
मैं वारी जाऊं चरणों में।।
आरती उतारूं तेरी, तुमको मनाऊं
सांझ-सवेरे मैं तो शीश नवाऊं।।
ओ राधा रानी तेरी आरती उतारूं,
मैं वारी जाऊं चरणों में।।
वृषभानु की तुम हो दुलारी, कीर्ति लाड़ लड़ावे जी
तुम ही रमा, तुम सखी हो प्यारी, बरसानो बतलावे जी
तेरी मंद-मंद मुस्कान पे सब वारूं, बसो रे मन आंगन में।।
ओ राधा रानी तेरी आरती उतारूं,
मैं वारी जाऊं चरणों में।।
आंखें तेरी खुलती नहीं रे, कर्ता रची क्या माया है
आंख जो खोली तूने, राधे-श्याम का दर्शन पाया है
तेरे नैनों में मैं श्याम को निहारूं, ऐसे ही बसो अंखियां में।।
ओ राधा रानी तेरी आरती उतारूं,
मैं वारी जाऊं चरणों में।।
ओ राधा लाडली, तेरे रूप पर रीझे मनमोहन घनश्याम
कुंज गली में उनकी मुरली बोले केवल राधा नाम
मैं भी ऐसे तेरे नाम को पुकारूं, देखूं छवि तेरी मधुबन में।।
ओ राधा रानी तेरी आरती उतारूं,
मैं वारी जाऊं चरणों में।।
राधा लाडली ब्रज की किशोरी, कान्हा के मन बसती है
यमुना तट पर बंसी बजती, फूलों में तू हंसती है
रास रचाती कान्हा संग, मैं भी बरसाने में आऊं जीवन में।।
ओ राधा रानी तेरी आरती उतारूं,
मैं वारी जाऊं चरणों में।।
आरती शुभ ये राधा जी की, भक्तों के मन भावे
राधे धाम में, बरसाने में, आरती बड़ी सुहावे
मैं भी तेरे धाम में अपने पल गुजारूं, बसो जी राधा मेरे मन में।।
ओ राधा रानी तेरी आरती उतारूं
मैं वारी जाऊं चरणों में।।
राधा अष्टमी पर पूजा के बाद दीपक जलाकर राधा रानी की आरती की जाती है। आरती के बाद श्रद्धा के अनुसार भोग लगाएं और प्रसाद परिवार के लोगों में बांटें।
यह भी पढ़ें: राधा अष्टमी पर व्रत से पूजा तक ऐसे बिताएं पूरा दिन, जानें जरूरी बातें
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi










