Radha Ashtami 2026: राधा रानी को प्रिय है अरबी की सब्जी? राधाष्टमी पर ऐसे बनाकर लगाएं भोग
Radha Ashtami 2026: राधा अष्टमी राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस दिन घरों और मंदिरों में राधा-कृष्ण की पूजा के साथ अलग-अलग सात्विक व्यंजन तैयार किए जाते हैं। ब्रज की कुछ लोक-परंपराओं और मान्यताओं में अरबी की सब्जी को राधा रानी के भोग से जोड़ा जाता है। खासतौर पर बिना प्याज-लहसुन के बनाई गई अरबी भोग की थाली में शामिल की जाती है।
अगर आप भी इस राधा अष्टमी पर राधा रानी के लिए कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो मसालों से तैयार यह आसान अरबी की सब्जी बना सकते हैं। इसे बनाने में ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती और यह भोग की थाली में भी अच्छी लगती है।
अरबी की सब्जी बनाने के लिए सामग्री
- 5-6 अरबी
- 1-2 चम्मच तेल या घी
- 1 चम्मच जीरा
- थोड़ा सा अजवाइन
- 1 चम्मच धनिया पाउडर
- थोड़ी हल्दी
- लाल मिर्च पाउडर
- सेंधा नमक या स्वादानुसार नमक
- थोड़ा सा हरा धनिया
- स्वाद के अनुसार नींबू का रस
ऐसे बनाएं अरबी की सब्जी
1. अरबी तैयार करें
सबसे पहले अरबी को अच्छी तरह धोकर उबाल लें। ठंडी होने के बाद इसका छिलका उतारकर अरबी को छोटे टुकड़ों में काट लें।
2. मसालों का तड़का लगाएं
कड़ाही में तेल या घी गर्म करें। इसमें जीरा और अजवाइन डालकर हल्का भूनें।
3. मसाले मिलाएं
अब हल्दी, धनिया पाउडर और लाल मिर्च डालें। मसालों को धीमी आंच पर थोड़ी देर भूनें, ताकि उनका स्वाद अच्छी तरह निकल आए।
4. अरबी डालकर पकाएं
कटी हुई अरबी डालकर मसालों के साथ अच्छी तरह मिलाएं। इसे धीमी आंच पर कुछ मिनट पकाएं और बीच-बीच में चलाते रहें।
5. आखिर में डालें हरा धनिया
अरबी के अच्छी तरह पक जाने पर ऊपर से हरा धनिया डालें। चाहें तो थोड़ा नींबू का रस भी मिला सकते हैं।
राधा अष्टमी के भोग के लिए बनाए जाने वाले व्यंजनों को लेकर अलग-अलग घरों और परंपराओं में नियम अलग हो सकते हैं। अगर आपके यहां सात्त्विक भोग की परंपरा है, तो प्याज और लहसुन के बिना अरबी की सब्जी तैयार करें। इसे राधा रानी को अर्पित करने के बाद प्रसाद के रूप में परिवार के लोगों को परोसा जा सकता है।
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Fitness Tips: स्क्वाट को लोअर बॉडी की बेसिक एक्सरसाइज में गिना जाता है। इसे सही तरीके से करने पर जांघों, हिप्स और ग्लूट्स के साथ शरीर के बीच वाले हिस्से यानी कोर की मांसपेशियां भी एक्टिव रहती हैं।
खास बात यह है कि स्क्वाट के कई वेरिएशन हैं, जिन्हें फिटनेस लेवल और जरूरत के हिसाब से चुना जा सकता है। अगर आप हर बार एक ही तरह का स्क्वाट करते हैं, तो वर्कआउट में बदलाव के लिए अलग-अलग वेरिएशन आजमा सकते हैं।
1. बॉडीवेट स्क्वाट
यह स्क्वाट का सबसे आसान और बेसिक रूप है। इसमें किसी वजन या उपकरण की जरूरत नहीं होती। शुरुआती लोग अपने शरीर के वजन के साथ इसे कर सकते हैं। पैरों को कंधों की चौड़ाई के आसपास रखें, घुटनों को मोड़ते हुए नीचे जाएं और फिर एड़ियों पर दबाव डालते हुए वापस खड़े हो जाएं।
2. गोब्लेट स्क्वाट
इसमें डंबल या केटलबेल को दोनों हाथों से छाती के सामने पकड़कर स्क्वाट किया जाता है। वजन सामने होने की वजह से शरीर को सीधा रखने पर ध्यान देना पड़ता है। यह बॉडीवेट स्क्वाट से थोड़ा ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
3. सूमो स्क्वाट
सूमो स्क्वाट में पैरों के बीच सामान्य स्क्वाट की तुलना में ज्यादा दूरी रखी जाती है और पंजे बाहर की ओर रहते हैं। इसके जरिए जांघों के अंदरूनी हिस्से और ग्लूट्स पर भी काम किया जाता है।
4. जंप स्क्वाट
यह स्क्वाट का थोड़ा ज्यादा एक्टिव वेरिएशन है। सामान्य स्क्वाट की स्थिति से ऊपर आते समय हल्की छलांग लगाई जाती है। इसमें पैरों की ताकत के साथ शरीर की पावर पर भी काम होता है।
5. वॉल स्क्वाट
इस एक्सरसाइज में पीठ को दीवार से टिकाकर स्क्वाट की स्थिति बनाई जाती है और कुछ समय तक उसी पोजिशन में रहना होता है। यह पैरों की मांसपेशियों को होल्ड करने की क्षमता बढ़ाने वाले वर्कआउट का हिस्सा हो सकता है।
6. बल्गेरियन स्प्लिट स्क्वाट
यह एक पैर पर ज्यादा फोकस करने वाला स्क्वाट वेरिएशन है। इसमें पीछे वाले पैर को बेंच या किसी स्थिर ऊंची सतह पर रखा जाता है और आगे वाले पैर की मदद से शरीर को ऊपर-नीचे किया जाता है। इसे करते समय संतुलन और सही फॉर्म पर खास ध्यान देना जरूरी है।
7. फ्रंट स्क्वाट
इस वेरिएशन में वजन को शरीर के सामने रखा जाता है। इसे आमतौर पर बारबेल के साथ किया जाता है। इसमें पैरों के साथ कोर को भी शरीर को स्थिर रखने के लिए काम करना पड़ता है। इसे सही तकनीक सीखने के बाद ही वजन के साथ करना बेहतर है।
8. पल्स स्क्वाट
इसमें सामान्य स्क्वाट की स्थिति में नीचे जाने के बाद पूरी तरह ऊपर आने के बजाय छोटी-सी मूवमेंट के साथ कुछ पल्स किए जाते हैं। इससे वर्कआउट की तीव्रता बढ़ सकती है। इसे करते समय घुटनों और पीठ की पोजिशन पर ध्यान देना जरूरी है।
स्क्वाट करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- स्क्वाट का फायदा तभी मिलेगा जब इसे सही फॉर्म के साथ किया जाए।
- शुरुआत में अपनी क्षमता के अनुसार रिपीटेशन रखें और धीरे-धीरे कठिनाई बढ़ाएं।
- घुटनों को पैरों की दिशा में रखें, पीठ को अनावश्यक रूप से न मोड़ें और मूवमेंट को कंट्रोल के साथ करें।
(Disclaimer): अगर लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं की है, चोट है या घुटने/कमर से जुड़ी परेशानी रहती है, तो नया वर्कआउट शुरू करने से पहले फिटनेस प्रोफेशनल या डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
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