Asian Games 2026: भारत के 503 खिलाड़ी, 36 खेल और 703 करोड़ की तैयारी... जानिए एशियन गेम्स से जुड़े हर जरूरी सवाल का जवाब
नई दिल्ली: जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स के 20वें संस्करण की शुरुआत हो गई है। उद्घाटन समारोह के दौरान एथलीट्स परेड में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत भारतीय दल का नेतृत्व किया। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में 45 देशों के खिलाड़ी 43 खेलों के 469 मेडल इवेंट में हिस्सा ले रहे हैं। भारत भी कई खेलों में अपनी चुनौती पेश कर रहा है। जानिए एशियन गेम्स की हर महत्वपूर्ण जानकारी।
503 खिलाड़ियों के साथ उतरेगा भारत
भारत ने एशियन गेम्स के लिए 503 खिलाड़ियों का दल भेजा है। इसमें 269 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। दल के 314 खिलाड़ी पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगे। यानी करीब 63 फीसदी खिलाड़ी डेब्यू कर रहे हैं। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भारतीय दल के सबसे युवा खिलाड़ी हैं, जबकि 55 साल की श्रुति वोरा सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। वैभव क्रिकेट और श्रुति घुड़सवारी में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। खिलाड़ियों की संख्या के लिहाज से एथलेटिक्स में 79, हॉकी में 40, क्रिकेट और शूटिंग में 30-30, कबड्डी में 24 और रोइंग में 22 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं।
TEAM INDIA AT THE ASIAN GAMES 2026 OPENING CEREMONY! ????????????
— ;-) (@timeout_7) September 19, 2026
Olympic medallist Manu Bhaker and kabaddi star Pawan Sehrawat lead the Indian contingent as the nation’s flag bearers in Nagoya, Japan.#AsianGames | @TheKhelIndia pic.twitter.com/ogDMgBe6Xf
36 खेलों के 256 इवेंट में भारत की चुनौती
भारत 43 में से 36 खेलों के कुल 256 इवेंट में हिस्सा लेगा। एथलेटिक्स में 43, शूटिंग में 27, कयाकिंग-कैनोइंग में 14, ट्रैक साइकिलिंग में 11 और बैडमिंटन में 7 इवेंट शामिल हैं। क्रिकेट में पुरुष और महिला दोनों टीमें टी-20 फॉर्मेट में खेलेंगी।
6 नए खेलों की एंट्री
इस बार छह खेल पहली बार मेडल स्पोर्ट के रूप में एशियन गेम्स का हिस्सा बने हैं। इनमें मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, पैडल, सर्फिंग, टेकबॉल, वर्चुअल ताइक्वांडो और बीएमएक्स फ्रीस्टाइल शामिल हैं।
मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में बॉक्सिंग, रेसलिंग, ब्राजीलियन जिउ-जित्सु और किकबॉक्सिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होता है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मेल है, जबकि पैडल टेनिस जैसा रैकेट खेल है। वर्चुअल ताइक्वांडो में मोशन-ट्रैकिंग और वर्चुअल रियलिटी तकनीक का इस्तेमाल होगा। बीएमएक्स फ्रीस्टाइल में खिलाड़ी हवा में जंप और अलग-अलग ट्रिक्स के आधार पर अंक हासिल करेंगे।
वहीं, ड्रैगन बोट, रोलर स्पोर्ट्स और माइंड स्पोर्ट्स को इस बार कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया है।
चार खेलों से मिल सकता है ओलिंपिक टिकट
आइची-नागोया एशियन गेम्स को लॉस एंजेलिस 2028 ओलिंपिक के लिए चार खेलों में क्वालिफिकेशन पाथवे बनाया गया है। इनमें आर्चरी, हॉकी, स्क्वॉश और टेनिस शामिल हैं।
स्क्वॉश में पुरुष और महिला सिंगल्स के चैंपियन को ओलिंपिक कोटा मिलेगा। हॉकी में पुरुष और महिला चैंपियन भी ओलिंपिक कोटा हासिल कर सकते हैं, हालांकि इसके लिए संबंधित खेल के क्वालिफिकेशन नियम लागू होंगे।
तैयारी पर खर्च हुए 703 करोड़ रुपये
भारत ने नवंबर 2023 से अगस्त 2026 तक एशियन गेम्स की तैयारी पर करीब 703 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए 252 करोड़, घरेलू ट्रेनिंग और राष्ट्रीय कोचिंग कैंप पर 118 करोड़, खेल उपकरणों पर 89 करोड़, विदेशी कोच और सपोर्ट स्टाफ पर 86 करोड़ और विदेशी ट्रेनिंग पर 40 करोड़ रुपये खर्च हुए।
30 खेलों में 50 विदेशी विशेषज्ञ और कोच भी जोड़े गए हैं। इनमें एथलेटिक्स के 14, हॉकी के 8 और शूटिंग के 5 विशेषज्ञ शामिल हैं।
इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें
भारत की उम्मीदों में अनाहत सिंह, ईशा सिंह, ज्योति सुरेखा वेन्नम, गुलवीर सिंह, अविनाश साबले, पारुल चौधरी, अंसी सोजन, मीराबाई चानू और अमन सहरावत जैसे नाम शामिल हैं।
अनाहत वर्ल्ड जूनियर स्क्वॉश चैंपियन रह चुकी हैं। ईशा सिंह ने म्यूनिख वर्ल्ड कप में 25 मीटर पिस्टल का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। ज्योति सुरेखा वेन्नम 2023 एशियन गेम्स में तीन गोल्ड जीत चुकी हैं।
गुलवीर सिंह के नाम 5,000 और 10,000 मीटर के भारतीय रिकॉर्ड हैं। अविनाश साबले और पारुल चौधरी भी पिछले एशियन गेम्स में गोल्ड जीत चुके हैं। अंसी सोजन ने 2026 में 6.88 मीटर की छलांग लगाकर अंजू बॉबी जॉर्ज का 22 साल पुराना भारतीय लॉन्ग जंप रिकॉर्ड तोड़ा। मीराबाई चानू ने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड जीता, जबकि अमन सहरावत पेरिस ओलिंपिक ब्रॉन्ज के बाद एशियन स्तर पर पदक बढ़ाने उतरेंगे।
एशियन गेम्स में भारत का रिकॉर्ड
1951 से 2022 तक भारत ने एशियन गेम्स में 778 मेडल जीते हैं। इनमें 183 गोल्ड, 238 सिल्वर और 357 ब्रॉन्ज शामिल हैं। ऑल टाइम मेडल टेबल में भारत पांचवें स्थान पर है।
2023 के हांगझोउ गेम्स में भारत ने पहली बार 100 मेडल का आंकड़ा पार किया था। टीम ने 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज के साथ कुल 106 मेडल जीते थे।
एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल है, जिसमें 283 मेडल मिले हैं। इसके बाद शूटिंग में 80, रेसलिंग में 65 और बॉक्सिंग में 61 मेडल हैं। पी.टी. उषा भारत की सबसे ज्यादा व्यक्तिगत एशियन गेम्स मेडल जीतने वाली एथलीट हैं। उनके नाम 11 मेडल हैं, जिनमें 4 गोल्ड और 7 सिल्वर शामिल हैं।
1951 में भारत से हुई थी एशियन गेम्स की शुरुआत
एशियन गेम्स की शुरुआत साल 1951 में नई दिल्ली से हुई थी। पहले संस्करण में 11 देशों के खिलाड़ियों ने 6 खेलों में हिस्सा लिया था। भारत अब तक दो बार, 1951 और 1982 में एशियन खेलों की मेजबानी कर चुका है। इस बार जापान का आइची-नागोया आयोजन का केंद्र है, जहां 45 देशों के खिलाड़ी 43 खेलों के 469 मेडल इवेंट में हिस्सा ले रहे हैं।
होटल और क्रूज शिप में ठहरेंगे खिलाड़ी
इस बार पारंपरिक एथलीट विलेज नहीं बनाया गया है। खिलाड़ियों के लिए होटल, अस्थायी कंटेनर हाउस और कोस्टा सेरेना क्रूज शिप का इस्तेमाल होगा। प्रतियोगिताएं जापान के 54 वेन्यू पर आयोजित होंगी। गेम्स की आधिकारिक थीम 'एक एशिया की कल्पना' है।
2027 World Cup: आखिरी वक्त बड़े बदलाव नहीं... अभी से टीम बनाएं, 2011 वर्ल्डकप हीरो की टीम इंडिया को सलाह
Yuvraj singh 2027 ODI World Cup: भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर टीम इंडिया को खास सलाह दी है। 2011 वनडे वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज का मानना है कि भारत को अभी से अपनी सबसे मजबूत टीम तैयार करनी चाहिए और वर्ल्ड कप तक उसी टीम के खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।
युवराज ने कहा कि टीम को आखिरी समय में बड़े बदलाव करने से बचना होगा। उनके मुताबिक, भारत जब भी बड़े टूर्नामेंट में लड़खड़ाया है, तब आखिरी समय या टूर्नामेंट के दौरान टीम में बड़े बदलाव किए गए हैं। इसलिए जो खिलाड़ी टीम को वर्ल्ड कप जिताने की क्षमता रखते हैं, उन पर असफल होने के बावजूद भरोसा बनाए रखना जरूरी है।
युवराज ने कहा कि संभावित 16 से 20 खिलाड़ियों के ग्रुप को पर्याप्त मैच खेलने का मौका मिलना चाहिए। वनडे क्रिकेट के मुकाबले T20 मैचों की संख्या ज्यादा होने के कारण 50 ओवर के मैच कम हो रहे हैं। ऐसे में जो भी वनडे मुकाबले मिलें, उनमें खिलाड़ियों को पर्याप्त गेम टाइम देना जरूरी होगा, ताकि वे वर्ल्ड कप के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
भारत की 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी 27 सितंबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू तीन मैचों की वनडे सीरीज से शुरू होगी। हालांकि, चयनकर्ताओं के सामने कई बड़े सवाल भी हैं। इनमें पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का अंतरराष्ट्रीय भविष्य सबसे अहम है। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वर्ल्ड कप को देखते हुए तेज गेंदबाजी ऑलराउंडरों पर भी नजर रहेगी। चोटों से जूझ रहे हार्दिक पंड्या का नाम भी इसी वजह से चर्चा में है।
युवराज ने ऑलराउंडरों की उपयोगिता को स्वीकार किया, लेकिन उनका कहना है कि सिर्फ भूमिका के आधार पर खिलाड़ियों को चुनने के बजाय मैच जिताने की क्षमता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक टीम में 12-14 खिलाड़ी लगभग तय होने चाहिए, जबकि 15वें खिलाड़ी का चयन परिस्थितियों के हिसाब से किया जा सकता है। जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त स्पिनर, तेज गेंदबाज या ऑलराउंडर को मौका दिया जा सकता है।
युवराज ने ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण देते हुए कहा कि उसकी वर्ल्ड कप सफलता की बड़ी वजह टीम में मौजूद मैच-विनर्स रहे हैं। ऐसे खिलाड़ी किसी एक दिन अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं और मुश्किल समय में पूरी टीम मिलकर मुकाबला जीत सकती है।
उन्होंने भारत के हालिया T20 वर्ल्ड कप प्रदर्शन से भी सीख लेने की बात कही। भारत ने 2024 और 2026 में लगातार दो T20 वर्ल्ड कप जीते हैं। युवराज के मुताबिक, इन अभियानों में टीम की निरंतरता नजर आई। भारत 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में भी पहुंचा था। इसलिए 2027 के लिए भी लक्ष्य पहले सेमीफाइनल में जगह बनाना और फिर नॉकआउट मुकाबलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होना चाहिए।
इस बीच युवराज सिंह Canada Super 60 के सह-मालिक भी बने हैं। इस T10 लीग का दूसरा सीजन 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक वैंकूवर के BC Place में खेला जाएगा। युवराज का कहना है कि यह लीग कनाडा में क्रिकेट को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय बच्चों को भी आगे बढ़ने का मंच दे सकती है। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान भी इस टूर्नामेंट में Vancouver Anchors टीम के सह-मालिक हैं।
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