दिल्ली के अरविंद गुप्ता डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल में जिला स्तरीय हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता संपन्न, सीनियर वर्ग में आकृति और प्रीति ने लहराया परचम
“वाणी में विचार हो, विचारों में संस्कार हो, तर्क में प्रभाव हो और अभिव्यक्ति में आत्मविश्वास हो।” इसी प्रेरणादायी ध्येय के साथ राष्ट्रीय राजधानी के मॉडल टाउन स्थित अरविंद गुप्ता डी.ए.वी. सेंटेनरी पब्लिक स्कूल में जिला स्तरीय हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। बीते 9 सितंबर 2026 को आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से आए मेधावी विद्यार्थियों ने जूनियर और सीनियर वर्गों में बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई। सभी प्रतिभागियों ने अपनी पैनी तर्कशक्ति, प्रभावशाली शैली और अटूट आत्मविश्वास से दर्शकों और निर्णायकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ भव्य शुभारंभ
इस ज्ञानवर्धक और गरिमामयी कार्यक्रम का विधिवत श्रीगणेश पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। ज्ञान, विवेक और सकारात्मकता के प्रतीक इस दीप प्रज्ज्वलन समारोह में विद्यालय के तमाम पर्यवेक्षक, सम्मानित निर्णायकगण और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। इसके उपरांत, ज़ोन की सांस्कृतिक सचिव श्रीमती राजवंती ने बतौर विशिष्ट अतिथि अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे पूरे आयोजन की शोभा और अधिक बढ़ गई। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती माला सूद ने मुख्य अतिथि और सभी निर्णायकों का स्वागत पौधा भेंट कर अत्यंत आत्मीयता के साथ किया।
निष्पक्ष मूल्यांकन और वक्ताओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन
प्रतियोगिता के दौरान बच्चों की बौद्धिक क्षमता और भाषण कला को परखने के लिए शिक्षा जगत के प्रतिष्ठित चेहरे बतौर जज मौजूद रहे। डॉ. चित्रा भारद्वाज और डॉ. सुभाष ने अपनी बेहद पारखी और निष्पक्ष दृष्टि से छात्र-छात्राओं के तर्कों, भाषा की शुद्धता, प्रस्तुति के ढंग और वैचारिक स्पष्टता का मूल्यांकन किया। इन दोनों अनुभवी विशेषज्ञों के बहुमूल्य मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने मंच पर मौजूद सभी प्रतिभागियों का हौसला कई गुना बढ़ा दिया, जिससे प्रतियोगिता का माहौल और भी अधिक ऊर्जावान हो गया।
मेजबान विद्यालय की छात्राओं ने मारी बाजी
इस जिला स्तरीय महामुकाबले में मेजबान विद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का परिचय देते हुए शानदार सफलता हासिल की। प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में अरविंद गुप्ता डी.ए.वी. सेंटेनरी पब्लिक स्कूल की दो प्रतिभावान छात्राओं- आकृति और प्रीति ने अपनी बेहतरीन वक्तृत्व कला का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान पर कब्जा जमाया। उनकी इस गौरवशाली उपलब्धि से पूरे विद्यालय परिसर में हर्षोल्लास का माहौल है। यह जीत न केवल उनकी कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास का परिणाम है, बल्कि विद्यालय के उच्च शैक्षणिक संस्कारों को भी प्रमाणित करती है।
प्रधानाचार्या का प्रेरणादायी संदेश और समापन
समारोह के समापन अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती माला सूद ने अपने संबोधन में सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों, विशिष्ट अतिथियों और आयोजन को सफल बनाने वाले प्रत्येक सदस्य के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि प्रतियोगिताओं का असली मकसद सिर्फ जीत या हार नहीं है, बल्कि इनके जरिए बच्चों में आत्मविश्वास, गहरी तर्कशक्ति, सशक्त अभिव्यक्ति और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना का सृजन होता है। अंततः, यह जिला स्तरीय हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता सभी के लिए एक ज्ञानवर्धक, प्रेरणास्पद और हमेशा याद रहने वाला अनुभव साबित हुई।
JNU में यौन उत्पीड़न के आरोप: 10 छात्राओं ने प्रोफेसर के खिलाफ की शिकायत, विश्वविद्यालय ने शुरू की जांच
दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। विश्वविद्यालय के कम से कम 10 छात्रों ने प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। आरोपों की जांच JNU की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) कर रही है। शिकायतों में प्रोफेसर पर अनुचित टिप्पणियां करने और छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया गया है।
छात्रों द्वारा लगभग एक महीने पहले दी गई शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि प्रोफेसर अपने कैंपस स्थित आवास पर छात्रों को बुलाते थे और वहां अनुचित व्यवहार तथा आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे। कुछ शिकायतों में यह भी कहा गया है कि कक्षाओं के दौरान भी प्रोफेसर द्वारा अशोभनीय टिप्पणियां की गईं।
मामले के सामने आने के बाद कई वरिष्ठ छात्रों ने शिकायतकर्ताओं का समर्थन किया है। कुछ छात्रों ने दावा किया कि उन्होंने भी प्रोफेसर के व्यवहार को लेकर पहले चिंता जताई थी और इसी तरह की घटनाओं का जिक्र किया है।
फिलहाल, विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। अभी तक JNU प्रशासन और कुलपति कार्यालय की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, छात्र संगठनों की तरफ से भी विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावशीलता को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
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