Unemployment News: देश में बेरोजगारी 6 महीने के निचले स्तर पर, गांवों में बढ़े रोजगार के मौके
भारत में रोजगार के मोर्चे पर अगस्त में राहत की खबर आई। देश की बेरोजगारी दर घटकर 5 फीसदी पर आ गई। जुलाई में यह 5.1 फीसदी थी। यह पिछले 6 महीने का सबसे निचला स्तर। बेरोजगारी में कमी की सबसे बड़ी वजह ग्रामीण इलाकों में रोजगार की स्थिति सुधरना है। हालांकि, शहरों में तस्वीर इसके उलट रही और बेरोजगारी में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सरकार की ओर से 15 सितंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक, 15 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों में बेरोजगारी दर अगस्त में 5 फीसदी रही। इससे पहले फरवरी 2026 में यह 4.9 फीसदी थी।
गांवों में बेरोजगारी तेजी से घटी
अगस्त के आंकड़ों में सबसे बड़ा बदलाव ग्रामीण भारत में देखने को मिला। गांवों में बेरोजगारी दर जुलाई के 4.5 प्रतिशत से घटकर अगस्त में 4.1 प्रतिशत रह गई। यह जनवरी 2026 के बाद ग्रामीण बेरोजगारी का सबसे निचला स्तर है।
शहरों में हालात थोड़े कमजोर हुए हैं। शहरी बेरोजगारी दर जुलाई के 6.7 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 6.8 प्रतिशत हो गई। यानी देश की कुल बेरोजगारी दर में आई कमी के पीछे मुख्य भूमिका ग्रामीण क्षेत्रों की रही।
ग्रामीण पुरुषों की बेरोजगारी दर 4.6 प्रतिशत से घटकर 4.3 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण महिलाओं में भी यह 4.3 प्रतिशत से घटकर 3.9 प्रतिशत रह गई। इसके उलट शहरों में पुरुष बेरोजगारी दर 5.9 प्रतिशत से बढ़कर 6.1 प्रतिशत पहुंच गई। महिलाओं की बेरोजगारी दर में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।
काम करने या तलाशने वालों की संख्या भी बढ़ी
रोजगार बाजार के लिए एक और सकारात्मक संकेत लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट यानी LFPR से मिला है। यह बताता है कि काम करने की उम्र वाले कितने लोग नौकरी या रोजगार कर रहे हैं अथवा उसकी तलाश में हैं।
देश का कुल LFPR जुलाई के 55.4 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 55.6 प्रतिशत हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 58 प्रतिशत से बढ़कर 58.2 प्रतिशत पहुंच गया। शहरों में LFPR 50.4 प्रतिशत पर स्थिर रहा।
महिलाओं की भागीदारी में भी सुधार
रोजगार बाजार में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है। महिला LFPR जुलाई के 34.4 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 34.8 प्रतिशत हो गया। इस बढ़ोतरी में भी गांवों की बड़ी भूमिका रही। ग्रामीण महिलाओं का LFPR 38.8 प्रतिशत से बढ़कर 39.4 प्रतिशत हो गया। शहरों में महिलाओं की भागीदारी लगभग स्थिर रही और LFPR 25.4 प्रतिशत दर्ज किया गया।
सालाना आधार पर देखें तो अगस्त 2025 के मुकाबले कुल LFPR में 0.6 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है। महिला LFPR में एक साल में 1.1 प्रतिशत अंक का सुधार आया है।
रोजगार पाने वालों का अनुपात भी बढ़ा
वर्कर पॉपुलेशन यानी WPR के आंकड़े भी रोजगार की स्थिति में सुधार दिखा रहे हैं। WPR का मतलब कुल आबादी में काम कर रहे लोगों के अनुपात से है। देश का कुल WPR जुलाई के 52.5 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 52.8 प्रतिशत हो गया। यह मार्च 2026 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है।ग्रामीण WPR भी 55.4 प्रतिशत से बढ़कर 55.8 प्रतिशत पहुंच गया। शहरों में यह 47 प्रतिशत पर स्थिर रहा।
सालाना आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति बेहतर हुई है। अगस्त 2025 के मुकाबले ग्रामीण WPR 1.3 प्रतिशत अंक बढ़कर 55.8 प्रतिशत हुआ। दूसरी तरफ शहरी WPR एक साल पहले के 47.5 प्रतिशत से घटकर 47 प्रतिशत रह गया।
गांवों ने सुधारी रोजगार की तस्वीर
अगस्त के रोजगार आंकड़ों का सबसे अहम संदेश गांव और शहर के बीच दिखाई दे रहे अंतर में छिपा है। ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी घटी है। काम करने या रोजगार तलाशने वालों की भागीदारी बढ़ी है और रोजगार पाने वालों का अनुपात भी ऊपर गया है। शहरी भारत में बेरोजगारी का मामूली बढ़ना बताता है कि रोजगार बाजार में सुधार अभी हर जगह एक जैसा नहीं है।
ये आंकड़े पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे के करेंट वीकली स्टेटस के आधार पर तैयार किए गए हैं। इसमें सर्वे से पहले के सात दिनों के दौरान किसी व्यक्ति की गतिविधि के आधार पर यह तय किया जाता है कि वह रोजगार में था या बेरोजगार।
(प्रियंका कुमारी)
Indian Railways:अगस्त में दमदार प्रदर्शन: माल ढुलाई 5.4% बढ़ी, 14 अमृत भारत ट्रेनें हुईं नियमित, यात्रियों की संख्या भी 67.27 करोड़ पहुंची
भोपाल। भारतीय रेल ने अगस्त 2026 में यात्री कनेक्टिविटी और माल ढुलाई, दोनों मोर्चों पर विस्तार दर्ज किया है। अगस्त 2025 की तुलना में इस साल माल ढुलाई 5.4% बढ़कर 137.9 मिलियन टन हो गई। वहीं यात्रियों की संख्या भी बढ़ी है। रेलवे ने इस दौरान 14 अमृत भारत सेवाओं को नियमित किया और 5 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू किए हैं।
माल ढुलाई 5.4% बढ़ी, 137.9 मिलियन टन पहुंची
भारतीय रेल ने अगस्त 2025 में 130.9 मिलियन टन माल ढोया था, जबकि अगस्त 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 137.9 मिलियन टन हो गया। इस तरह सालाना आधार पर 5.4% की वृद्धि दर्ज की गई। माल ढुलाई से प्राप्त राजस्व में भी अगस्त 2025 की तुलना में 6.27% की बढ़ोतरी हुई।
प्रमुख वस्तुओं की ढुलाई में भी वृद्धि दर्ज की गई। लौह अयस्क की ढुलाई 12.1%, क्लिंकर 10.4%, घरेलू कंटेनर 9.2% और कोयले की ढुलाई 6% बढ़ी। तैयार इस्पात में 4.9%, खनिज तेल में 3.1% और उर्वरक की ढुलाई में 1.6% की वृद्धि हुई।
5 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू
माल ढुलाई की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए अगस्त में 5 नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) शुरू किए गए। इसके साथ 31 अगस्त 2026 तक देश में शुरू हो चुके GCT की कुल संख्या 149 हो गई है।
नए टर्मिनल गुजरात के शिवलखा, तमिलनाडु के नल्ली, उत्तर प्रदेश के शक्तिनगर, मध्य प्रदेश के देवराग्राम और ओडिशा के ब्रजराजनगर में शुरू किए गए हैं। इन टर्मिनलों से उत्पादन और खपत केंद्रों के करीब माल संभालने की सुविधा मिलेगी। इससे लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को तेज और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
14 अमृत भारत सेवाएं अब नियमित
यात्री कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अगस्त में 14 अमृत भारत सेवाओं को विशेष से नियमित ट्रेन सेवा में बदल दिया गया। इसके साथ अमृत भारत सेवाओं की कुल संख्या 86 हो गई है।
इन सेवाओं में सूबेदारगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस, गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस, गोरखपुर-दिल्ली जंक्शन, अहमदाबाद-भागलपुर, लोकमान्य तिलक टर्मिनस-प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज-उधना और धनबाद-कोयंबटूर जैसी सेवाएं शामिल हैं।
इन ट्रेनों से उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु समेत कई राज्यों के बीच लंबी दूरी की किफायती रेल कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। खासकर गोरखपुर से मुंबई और दिल्ली, अहमदाबाद से भागलपुर तथा धनबाद से कोयंबटूर के बीच यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिले हैं।
अगस्त में 67.27 करोड़ यात्रियों ने किया सफर
भारतीय रेल ने अगस्त 2026 में 67.27 करोड़ यात्रियों को सफर कराया, जबकि अगस्त 2025 में यह संख्या 64.43 करोड़ थी। उपनगरीय यात्रियों की संख्या में भी 9.02% की वृद्धि हुई। अगस्त 2026 में 38.01 करोड़ उपनगरीय यात्रियों ने यात्रा की, जबकि पिछले साल यह संख्या 34.89 करोड़ थी।
रक्षाबंधन पर विशेष ट्रेनों के 144 फेरे
त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अतिरिक्त विशेष ट्रेनों का संचालन भी बढ़ाया। 25 से 31 अगस्त 2026 के बीच रक्षाबंधन विशेष ट्रेनों के 144 फेरे चलाए गए। अगस्त 2025 में इसी अवधि के दौरान 48 फेरे संचालित किए गए थे।
रेलवे के अनुसार, अतिरिक्त ट्रेनों से त्योहार के दौरान यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिले और नियमित ट्रेनों पर भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिली।
यात्री और माल ढुलाई दोनों पर फोकस
अगस्त 2026 में रेलवे की गतिविधियों से यात्री कनेक्टिविटी, माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर जोर दिखाई देता है। एक ओर अमृत भारत सेवाओं का विस्तार किया गया, वहीं दूसरी ओर नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनलों के जरिए उद्योगों के लिए माल परिवहन की सुविधा बढ़ाई गई। रेलवे का कहना है कि इन प्रयासों से देश में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
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