Zubeen Garg Death: जुबीन गर्ग की पहली बरसी पर पत्नी गरिमा का छलका दर्द, बोलीं- 'हमें न्याय चाहिए'
Zubeen Garg Death anniversary: असम के मशहूर गायक और बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर रहे जुबीन गर्ग की मौत को एक साल बीत गया है। 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में सिंगर की पानी में जूबने से मौत की वजह सामने आई थी, हालांकि उनके फैंस और परिवार अब भी इस केस में न्याय का इंतजार कर रहे हैं। जुबीन गर्ग की पहली पुण्यतिथि पर असम में तीन दिनों के लिए ‘जुबीन दिवस’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी मौके पर सिंगर की पत्नी गरिमा गर्ग भावुक हो गईं और उन्होंने जुबीन को याद करते हुए न्याय की मांग की है।
लोगों की भीड़ में जुबीन को महसूस कर रही हैं गरिमा
असम के कामरकुची स्थित जुबीन क्षेत्र में 17 सितंबर से जुबीन गर्ग की याद में कार्यक्रम में आयोजित किया गया जिसमें संगीत, प्रार्थना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए दिवंगत गायक को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
इस मौके पर जुबीन की पत्नी गरिमा गर्ग ने NDTV से बातचीत में कहा, “मुझे वे हर जगह दिखाई देते हैं, और वे यहां इसलिए हैं क्योंकि जिस तरह से लोग बाहर आए हैं, वे यह नहीं सोच रहे कि वे किस बैकग्राउंड से हैं, उनका धर्म क्या है या उनकी मान्यताएं क्या हैं। वे एक इंसान के तौर पर यहां आए हैं। यहां हम बस लोगों को देख सकते हैं, और यही उनकी फिलॉसफी और विचारधारा है; एक सुंदर असम के लिए यही उनका सपना है। हर कोई यहां प्यार और उनके प्रति सम्मान के साथ आया है।”
‘जुबीन की बरसी नहीं, जुबीन दिवस मना रहे हैं लोग’
गरिमा ने कहा कि असम के लोग जुबीन की अंतिम यात्रा या मृत्यु को याद करने के बजाय उनके जीवन और रचनात्मकता का जश्न मना रहे हैं। उन्होंने बताया कि जुबीन हमेशा रचनात्मकता और सकारात्मकता की बात करते थे।
उनके अनुसार, जुबीन का मानना था कि इंसान के भीतर मौजूद ऊर्जा कभी खत्म नहीं होती, बल्कि उसका रूप बदल जाता है। गरिमा ने बताया कि जुबीन ने अपनी जिंदगी में आने वाले मुश्किल दौर और परेशानियों को भी अपनी रचनात्मकता में बदलने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि आज जुबीन अपने प्रशंसकों के बीच अलग-अलग रूपों में मौजूद हैं और उनके चाहने वालों की संख्या लाखों में है।
जुबीन की मौत के मामले में न्याय का इंतजार
असम सरकार ने सिंगापुर में ज़ुबीन गर्ग की मौत से जुड़े हालात की जांच के आदेश दिए थे। इस मामले से जुड़ी कानूनी कार्रवाई भी अभी कोर्ट में चल रही है। परिवार की न्याय की मांग पर गरिमा ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है और परिवार इस प्रक्रिया के नतीजे का इंतज़ार कर रहा है। उन्होंने कहा, "हमें न्याय चाहिए। प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया कोर्ट में हो रही है। इसलिए हम सभी ज़ुबीन गर्ग के लिए न्याय चाहते हैं। हम जानना चाहते हैं कि 19 सितंबर को सिंगापुर में असल में क्या हुआ था। हम अभी भी उस जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं, और हमें वह न्याय मिलना ही चाहिए। और अगर ज़ुबीन को न्याय नहीं मिलेगा, तो किसे मिलेगा? तो क्या इसका कोई मतलब है? कम से कम असम में तो हमें ज़ुबीन गर्ग के लिए न्याय मिलना ही चाहिए।"
19 सितंबर 2025 को हुआ था जुबीन का निधन
जुबीन गर्ग का 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में निधन हो गया था। वह 52 वर्ष के थे। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद असम समेत देशभर में उनके प्रशंसकों और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी।
Ganesh Utsav पर बिना दाल भिगोए बनाएं Puran Poli, नोट करें आसान Recipe
हर जगह गणेश उत्सव की धूम देखने को मिल रही हैं। घर-घर में श्री गणेश को स्थापित किया गया है। ऐसे में लोग अपने बप्पा के भोग के लिए तरह-तरह के मोदक और मिठाई का भोग लगा रहे हैं। गणेशोत्सव के दौरान बप्पा को हर दिन कुछ न कुछ भोग में अर्पित किया जाता है।
गणपति को प्रसन्न करने के लिए मीठी पूरन पोली बना सकती हैं। वैसे पूरन पोली बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को काफी पसंद आती है। हालांकि, इसे बनाने में काफी समय लगता है, क्योंकि चना दाल को भिगोने और फिर पकने में समय लग ही जाता है।
अगर आप दाल भिगोना भूल गए हैं, तो आपको परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है। आप चना दाल को बिना भिगोए प्रेशर कुकर में अच्छी तरह पका सकते हैं और फिर इससे पूरन तैयार कर सकती हैं। कम समय में भी आपकी स्वादिष्ट पूरन पोली बन जाएगी। आइए आपको इसकी रेसिपी बताते हैं।
पूरन पोली बनाने की सामग्री
-पूरन के लिए चना दाल- 1 कप
-गुड़ या चीनी- 1 से 1 चौथाई कप
-इलायची पाउडर- आधा छोटा चम्मच
-जायफल पाउडर- 1 चुटकी
-आटे के लिए गेहूं का आटा- 2 कप
-नमक- 1 चुटकी
-पानी- जरूरत के अनुसार
-तेल या घी- 1 से 2 बड़े चम्मच
-सेंकने के लिए घी- जरूरत के अनुसार
पूरन पोली की बनाने की विधि
- सबसे पहले आप चना दाल को 2 से 3 बार पानी में अच्छे से धो लें। इस दाल को भिगोना नहीं है, बस सीधे प्रेशर कुकर में पकाना होगा। अब दाल में जरुरत के हिसाब से पानी डालें और कुकर का ढक्कन बंद कर दें। इसे अच्छी तरह से गलने दें। दाल नरम हो जानी चाहिए। हालांकि, ज्यादा पानी न डालें।
- पकी हुई दाल को छान लें। अब बचा हुआ पानी फेंकने की जरुरत नहीं है। इसे अलग रख सकती हैं और जरुरत पड़ने पर आटा गूंथने या किसी दूसरी चीजों में इस्तेमाल कर सकती हैं।
- अब पकी हुए चाना डाल को कड़ाही में डालें। इसमें गुड़ या चीनी डालकर धीमी से मीडियम फ्लेम पर पकाएं। इसे लगातार चलाते रहें, जिससे दाल नीचे से चिपके नहीं। जब दाल का पानी सूख जाए, तो मिश्रण को गाढ़ा होते ही इसमें इलायची पाउडर और जायफल पाउडर डाल दें।
- इस मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक यह गाढ़ा न हो जाए कि आसानी से पोली के अंदर भरा जा सके। अब गैस बंद कर दें और पूरन को थोड़ा ठंडा होने दें। जब यह अच्छे से ठंडा हो जाए, तो इसे अच्छी तरह से मैश कर लें या पूरन को छान लें।
- इसके बाद आटा को तैयार करें। इसके लिए आप गेहूं का आटा ले, इसमें थोड़ा-सा नमक और जरुरत के हिसाब से पानी डालकर नरम आटा गूंथ लें। इसमें थोड़ा तेल या घी लगाकर आटे को कुछ देर के लिए ढककर रख दें। ताकि आटा बेलने में आसानी हो।
- अब आटे की लोई लें और इसे थोड़ा-सा फैलाएं। बीच में तैयार पूरन रखें और आटे को चारों तरफ बंद कर दें। इसे हल्के हाथ से दबाकर थोड़ा बड़ा करें और सूखे आटा लगाकर इस बेल लें।
- इसके बाद तवा गर्म करें और उस तैयार पूरन पोली डाल दें। दोनों साइड से अच्छे घी लगाकर सेंक लें। इस बात का ध्यान रहे कि दोनों तरफ से यह करारी रहे।
- तैयार है आपकी इंस्टेंट पूरन पोली। इसे बप्पा को भोग में अर्पित करने के बाद परिवार के साथ प्रसाद के रुप में खा सकती हैं।
कैसे करें सर्व?
पूरन पोली को गरमा-गरम सर्व करने से इसका टेस्ट और भी कमाल का लगता है। इसके ऊपर थोड़ा-सा घी डालें और इसके बाद भगवान गणेश जी को अर्पित करें और इसके बाद परिवार के साथ प्रसाद के रुप में लें।
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