Mastercard ने Pine Labs में अपनी पूरी 4.31 फीसदी हिस्सेदारी 933 करोड़ रुपये में बेची
वैश्विक भुगतान समाधान कंपनी मास्टरकार्ड ने वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी पाइन लैब्स से पूरी तरह बाहर निकलते हुए अपनी 4.31 प्रतिशत हिस्सेदारी 933 करोड़ रुपये में बेच दी है। यह सौदा बीएसई पर अलग-अलग थोक सौदों के जरिये हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी मास्टरकार्ड ने अपनी सहयोगी कंपनी मास्टरकार्ड एशिया/पैसिफिक प्राइवेट लिमिटेड के जरिये नोएडा स्थित पाइन लैब्स के 4,97,24,182 शेयर 13 किस्तों में बेचे।
ये शेयर कंपनी में 4.31 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं। इन शेयरों को औसतन 187.75 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचा गया, जिससे कुल सौदे का मूल्य 933.57 करोड़ रुपये रहा। इस बीच, कोटक महिंद्रा, एडेलवाइस और फ्रैंकलिन टेम्पलटन द्वारा प्रबंधित कई म्यूचुअल फंड के साथ आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने इसी कीमत पर इतनी ही संख्या में शेयर खरीदे।
बीएसई पर मंगलवार को पाइन लैब्स का शेयर दो प्रतिशत की बढ़त के साथ 197.55 रुपये पर बंद हुआ।
Gujarat के Tapi में Torrent Group बनाएगा 800 Bed Hospital, 910 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य परियोजना शुरू
विभिन्न कारोबार क्षेत्रों से जुड़े टोरेंट समूह की परमार्थ संस्थान यूएनएम फाउंडेशन ने मंगलवार को गुजरात के तापी जिले के व्यारा में अस्थायी तौर पर 317 बिस्तर वाले अस्पताल का उद्घाटन किया। साथ ही 800 बिस्तर वाले नए अस्पताल के निर्माण की आधारशिला रखी। सार्वजनिक-निजी भागीदारी वाली यह परियोजना दक्षिण गुजरात और पड़ोसी महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने नए अस्पताल का उद्घाटन किया और बड़े अस्पताल के लिए भूमि पूजन किया। फाउंडेशन के अनुसार, नया अस्पताल मौजूदा 156 बिस्तर वाले सरकारी अस्पताल की जगह लेगा। गुजरात सरकार के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत विकसित इस परियोजना में 150 सीट वाले चिकित्सा महाविद्यालय बनाने की भी योजना है।
तापी जिले का मुख्यालय व्यारा सूरत से करीब 75 किलोमीटर दूर है। सूरत आसपास का सबसे बड़ा शहर है, जहां आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। परियोजना से जुड़े लोगों के अनुसार, दूरी के कारण आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है।
मौजूदा अस्पताल परिसर में अस्थायी तौर बनाए गए नए अस्पताल में 800 बिस्तर वाले नए अस्पताल के निर्माण के दौरान मरीजों और चिकित्सा सेवाओं को जारी रखा जाएगा, ताकि इलाज की सुविधा में कोई रुकावट नहीं आए। इस परियोजना पर करीब 910 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसका पूरा खर्च टोरेंट समूह के प्रवर्तक मेहता परिवार की परमार्थ संस्था यूएनएम फाउंडेशन उठाएगी।
फाउंडेशन पहले से अहमदाबाद और सूरत में हृदय रोग, बाल चिकित्सा और तंत्रिका पुनर्वास संस्थान चला रहा है। इसके साथ ही गुजरात में शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम भी संचालित करता है। गुजरात के जनजातीय विकास मंत्री नरेश पटेल और राज्य मंत्री जयराम गामित भी अस्पताल के उद्घाटन समारोह में मौजूद रहे।
टोरेंट समूह के निदेशक जिनल मेहता ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के प्रति समूह की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को बताता है। मेहता ने कहा कि इससे क्षेत्र के लोगों को अत्याधुनिक इलाज और किफायती चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। फाउंडेशन के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद करीब आठ लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
800 बिस्तर वाले अस्पताल और चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। हालांकि, इसे पूरा करने की कोई समयसीमा नहीं बताई गई है।
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