बार-बार हो सकता है किडनी स्टोन! बचाव के लिए डेली लाइफ में जरूर शामिल करें ये चीजें
Kidney Stone :किडनी स्टोन एक गंभीर समस्या है और जिन लोगों को यह एक बार हो चुका होता है, उनमें इसके दोबारा होने का खतरा ज्यादा रहता है. ऐसे में हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देंगे, जिन्हें अपनाकर आप इस समस्या से बच सकते हैं. आइए जानते हैं इसके आसान और असरदार तरीके.
The post बार-बार हो सकता है किडनी स्टोन! बचाव के लिए डेली लाइफ में जरूर शामिल करें ये चीजें appeared first on News24 Hindi.
गाजा में शांति के लिए ट्रंप का बड़ा कदम, 'बोर्ड ऑफ पीस' का गठन, प्रेसिडेंट खुद संभालेंगे कमान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में शांति, सुरक्षा और फिर से विकास के लिए एक विशेष “बोर्ड ऑफ पीस” (Board of Peace) बनाने की घोषणा की है. संयुक्त राष्ट्र के समर्थन वाली इस अमेरिकी योजना का मुख्य लक्ष्य गाजा से हथियारों को खत्म करना (विसैन्यीकरण) और वहां एक स्थायी राजनीतिक व्यवस्था बनाना है. राष्ट्रपति ट्रंप खुद इस बोर्ड के अध्यक्ष होंगे और उन्होंने इसे दुनिया का "सबसे प्रतिष्ठित बोर्ड" बताया है.
बोर्ड में शामिल दिग्गज चेहरे
इस बोर्ड में दुनिया भर के कई प्रभावशाली नेताओं और विशेषज्ञों को जगह दी गई है. प्रमुख सदस्यों में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल हैं. इसके अलावा, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर, अरबपति निवेशक मार्क रोवन और विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है. बोर्ड के हर सदस्य को गाजा के पुनर्निर्माण से जुड़ी अलग-अलग विशेष जिम्मेदारियां दी जाएंगी.
गाजा का नया प्रशासनिक ढांचा
गाजा के रोजमर्रा के कामकाज को संभालने के लिए 15 सदस्यों वाली एक फिलिस्तीनी तकनीकी समिति बनाई गई है. इसका नेतृत्व गाजा में जन्मे डॉ. अली शाथ करेंगे. यह समिति गाजा में बिजली, पानी और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं को फिर से शुरू करने का काम करेगी. साथ ही, निकोले म्लादेनोव को गाजा के लिए विशेष उच्च प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है, जो समन्वय का काम संभालेंगे.
इजरायल की शर्तें क्या है?
इस योजना को लेकर कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं. हालांकि योजना में भविष्य में फिलिस्तीनी शासन की बात कही गई है, लेकिन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण की किसी भी भूमिका का विरोध किया है. इजरायली सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' ने समिति के सभी 15 सदस्यों की जांच की है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनमें से कोई भी हमास से जुड़ा नहीं है.
फिलिस्तीनी प्रतिनिधित्व पर उठा सवाल
एक बड़ा विवाद यह है कि इस मुख्य "बोर्ड ऑफ पीस" में किसी भी फिलिस्तीनी प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया गया है. साथ ही, टोनी ब्लेयर की नियुक्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि अतीत में मध्य पूर्व में उनकी भूमिका की फिलिस्तीनी लोग आलोचना करते रहे हैं. इस योजना को सफल बनाने के लिए तुर्की, कतर, मिस्र और यूएई जैसे देशों का भी एक अलग बोर्ड बनाया गया है जो प्रशासन में मदद करेगा.
ये भी पढ़ें- हमास को हर हालत में छोड़ने होंगे हथियार, ट्रंप ने किया टेक्नोक्रेटिक एडमिनिस्ट्रेशन का समर्थन
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
news24
News Nation
























