How GST Works on MDR: क्या UPI MDR पर लगेगा GST? NPCI ने अफवाहों पर लगाया विराम
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने स्पष्ट किया है कि UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर GST लागू होने से छोटे व्यापारियों या आम ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। हाल ही में ऐसी खबरें आई थीं कि MDR पर GST लगने से डिजिटल भुगतान महंगा हो जाएगा, जिसे NPCI ने तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है।
96% यूपीआई लेनदेन रहेंगे दायरे से बाहर
NPCI ने स्पष्ट किया है कि 2,000 रुपये तक के Person-to-Merchant (P2M) भुगतान पर MDR शून्य (0%) है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में होने वाले कुल यूपीआई मर्चेंट ट्रांजैक्शन में से 96% से अधिक लेनदेन 2,000 रुपये से कम के ही होते हैं। चूंकि इन पर कोई MDR लागू ही नहीं होता, इसलिए इन पर किसी भी तरह के GST का सवाल ही पैदा नहीं होता।
छोटे व्यापारियों (P2PM) को पूरी राहत
छोटे वेंडर और दुकानदारों को राहत देने के लिए P2PM (Person-to-Person-Merchant) ढांचा बनाया गया है। जिन छोटे व्यापारियों की यूपीआई के जरिए महीने की कमाई 1 लाख रुपये तक है, उन्हें MDR का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसे में इन छोटे दुकानदारों पर भी MDR या उस पर लगने वाले GST का कोई असर नहीं पड़ेगा।
18% GST पूरे ट्रांजैक्शन पर नहीं, सिर्फ MDR पर लगेगा
सबसे बड़ा भ्रम यह था कि क्या GST पूरे यूपीआई पेमेंट पर लगेगा। NPCI ने साफ किया है कि 18% GST केवल पेमेंट सर्विस (MDR शुल्क) पर लगेगा, न कि सामान या बिक्री की कुल कीमत पर।
उदाहरण से समझें:
मान लीजिए 10,000 रुपये का कोई व्यापारिक यूपीआई ट्रांजैक्शन होता है।
0.4% की दर से इस पर MDR = 40 रुपये बनता है।
अब 18% GST केवल इस 40 रुपये सेवा शुल्क पर लगेगा, जो कि 7.20 रुपये होगा (न कि 10,000 रुपये पर)।
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से भरपाई
टैक्स विशेषज्ञों और NPCI के अनुसार, जो व्यापारी GST में रजिस्टर्ड हैं, वे MDR पर चुकाए गए GST का लाभ इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के रूप में ले सकते हैं।
यानी व्यापारी इस GST को अपनी आउटपुट टैक्स देनदारी से एडजस्ट कर सकेंगे, जिससे यह उनके लिए कोई स्थायी लागत या घाटा नहीं बनेगा। हालांकि, जो व्यवसाय टैक्स फ्री वस्तुओं का व्यापार करते हैं या अनरजिस्टर्ड हैं, उन्हें इसे लागत के रूप में वहन करना पड़ सकता है।
Dadasaheb Phalke Award: अनंत नाग को मिला दादा साहब फाल्के पुरस्कार का सम्मान, 5 दशक के करियर में की 300 से ज्यादा फिल्में
Dadasaheb Phalke Award: भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का आयोजन आज, 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर, केवड़िया में किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को नेशनल अवॉरक्ड से सम्मानित किया। वहीं इस बार दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया। अपने 5 दशक के लंबे फिल्मी करियर में अनंत नाग ने 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर सिनेमा क्षेत्र में योगदान दिया।
अनंत नाग को मिला दादा साहब फाल्के पुरस्कार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अभिनेता अनंत नाग को मंच पर आमंत्रित कर प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के अवॉर्ड का सम्मान दिया।
Veteran actor Anant Nag receives the #DadasahebPhalkeAward at the 72nd National Film Awards, recognising his remarkable contribution to Indian cinema. ????????????#IndiaCelebratesCinema #FilmsThatUnite pic.twitter.com/4MDY4LNqcP
— PIB India (@PIB_India) September 22, 2026
अनंत नाग ने पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर में खास तौर पर कन्नड़ सिनेमा के साथ-साथ भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर दर्शकों और फिल्म जगत में अपनी मजबूत जगह बनाई।
भावुक हुए अभिनेता
अभिनेता ने भावुक होकर अपने भाषण में कहा- "मैं इस कार्यक्रम की भव्यता को समझने और महसूस करने की कोशिश कर रहा हूँ। आज आप सबके बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। एक एक्टर के तौर पर आपने मुझे परफॉर्म करते देखा है। आपने मेरी कुछ झलकियां भी देखी होंगी। मेरा बचपन एक आश्रम में बीता - 12 साल की उम्र तक। मुंबई में मुझे एक नाटक में एक्टिंग करने का मौका मिला।"
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