Mark Wood ने International Cricket को कहा अलविदा, England के लिए 146 मैचों में लिए 253 विकेट
इंग्लैंड के बेहतरीन तेज़ गेंदबाज़ मार्क वुड ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का फ़ैसला किया है। 36 साल के वुड को लंबे समय तक चोटों से जूझना पड़ा, जिसके कारण आख़िरकार 146 मैचों में 253 विकेट लेने के बाद उनका करियर खत्म हो गया। उन्होंने 30.79 की औसत से 119 विकेट लेकर अपना टेस्ट करियर खत्म किया। उन्होंने 2015 में एशेज़ जीती और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में, वुड उस टीम का हिस्सा थे जिसने 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2022 T20 वर्ल्ड कप जीता था।
इसे भी पढ़ें: Babar Azam की Test कप्तानी पर Waqar Younis ने उठाए सवाल, बल्लेबाजी पर असर की जताई चिंता
उन्होंने मंगलवार सुबह डरहम के रिवरसाइड में श्रीलंका के ख़िलाफ़ इंग्लैंड के वनडे इंटरनेशनल मैच से पहले अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया। इस फ़ैसले के पीछे की वजह बताते हुए वुड ने कहा कि उनका तीन साल का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने वाला है और मेडिकल सलाह के मुताबिक अब लंबे फ़ॉर्मेट में खेलना मुमकिन नहीं है। फ़िलहाल, उनका इरादा डरहम के लिए घरेलू T20 क्रिकेट और फ़्रैंचाइज़ी लीग खेलने के साथ-साथ ब्रॉडकास्टिंग और कोचिंग करने का है।
अपने विदाई भाषण में वुड ने यह भी कहा कि उन्हें इंग्लैंड के लिए खेले हुए काफी समय हो गया है और उन्हें लगता है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में मुकाबला करने के लिए उसी लेवल पर वापस आना उनके लिए मुश्किल होगा। वुड ने कहा कि नवंबर में पर्थ में खेले गए मेरे आखिरी मैच के बाद से काफी समय बीत चुका है, यानी डेढ़ साल हो गए हैं। इस दौरान मैं बस यही सोचता रहा कि 'देखो, मैं अब कभी इस लेवल पर वापस नहीं आ पाऊंगा'।
इसे भी पढ़ें: Asian Games में Gold जीतने के बाद बोलीं Harmanpreet Kaur, अन्य खेलों के लिए खुला पदकों का रास्ता
उन्होंने आगे कहा कि मेरा कॉन्ट्रैक्ट सितंबर में खत्म हो रहा है और मुझे लगता है कि यही सही समय है। मैं कभी भी इंग्लैंड के लिए खेलना नहीं छोड़ना चाहता था, लेकिन जो नए खिलाड़ी आ रहे हैं, वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। अब खबरें उन खिलाड़ियों के बारे में होनी चाहिए जिन्हें कॉन्ट्रैक्ट मिलने वाला है, और मैं दूसरी चीज़ों पर ध्यान दे सकता हूं। वुड 2015 में इंग्लैंड की टीम में शामिल हुए। अपने पूरे जोश वाले अंदाज़ की वजह से वे तुरंत ही फ़ैन्स के पसंदीदा बन गए और उसी गर्मी में ट्रेंट ब्रिज पर नाथन लियोन को आउट करके एशेज़ सीरीज़ में जीत पक्की की।
Babar Azam की Test कप्तानी पर Waqar Younis ने उठाए सवाल, बल्लेबाजी पर असर की जताई चिंता
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वकार यूनिस ने बाबर आजम की कप्तानी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पाकिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाजों में गिने जाने वाले वकार का मानना है कि टेस्ट टीम की कप्तानी दोबारा बाबर आजम को सौंपने से पाकिस्तान एक अच्छे बल्लेबाज को खो रहा है। उनका कहना है कि कप्तानी का दबाव बाबर के खेल पर असर डालता है और वह इस जिम्मेदारी को संभालते हुए अपनी बल्लेबाजी पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाते हैं।
वकार यूनिस पाकिस्तान पुरुष टीम के साथ कई बार कोच रह चुके हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि बल्लेबाज के तौर पर बाबर तकनीकी रूप से काफी मजबूत और संपूर्ण खिलाड़ी हैं। हालांकि, जब उनके ऊपर कप्तानी की जिम्मेदारी आती है तो वह जरूरत से ज्यादा दबाव अपने ऊपर ले लेते हैं। वकार के मुताबिक, कप्तानी मिलने पर बाबर का प्रदर्शन उस स्तर का नहीं रहता, जैसा एक बल्लेबाज के रूप में उनसे उम्मीद की जाती है।
उन्होंने कहा कि अगर बाबर को यही जिम्मेदारी लगातार दी जाती रही तो पाकिस्तान एक खिलाड़ी के रूप में उनका नुकसान कर सकता है। वकार ने यह भी कहा कि कप्तान को अपने खिलाड़ियों का मजबूती से साथ देना चाहिए। अगर कोई कप्तान अपने साथियों के पीछे खड़ा नहीं हो सकता तो यह खिलाड़ियों और कप्तानी की जिम्मेदारी, दोनों के लिए ठीक नहीं है।
वकार की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान को इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 0-3 से हार का सामना करना पड़ा है। यह सीरीज पाकिस्तान क्रिकेट के लिए कई कारणों से चर्चा में रही। पहले दो मुकाबलों के बाद पाकिस्तान 0-2 से पिछड़ गया था। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सात खिलाड़ियों और दो कोचों को वापस भेज दिया था, जिससे टीम प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठे थे।
तीसरे टेस्ट से पहले बाबर आजम ने कहा था कि टीम में हुए बदलावों को लेकर उनसे सलाह नहीं ली गई और उनका इन फैसलों में कोई योगदान नहीं था। बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के नेतृत्व में लिए गए इन फैसलों को लेकर बाबर की टिप्पणी पर कई पूर्व खिलाड़ियों ने नाराजगी जताई थी। वसीम अकरम ने भी बाबर की आलोचना करते हुए कहा था कि कप्तान को मुश्किल समय में अपनी टीम के साथ खड़ा रहना चाहिए।
बता दें कि बाबर इस समय टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय से शतक के लिए इंतजार कर रहे हैं। उनका आखिरी टेस्ट शतक दिसंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ आया था। इसके बाद वह कई बार बड़ी पारी के करीब पहुंचे, लेकिन शतक पूरा नहीं कर सके। वेस्टइंडीज के खिलाफ भी वह शतक के करीब पहुंचे थे और इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में भी उनके पास मौका था, लेकिन अचानक विकेट गंवाने के कारण पारी आगे नहीं बढ़ सकी।
गौरतलब है कि इस साल पाकिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज गंवाई थी। इसके बाद शान मसूद को कप्तानी से हटाकर बाबर आजम को फिर से टेस्ट कप्तानी दी गई थी। वहीं विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में पाकिस्तान फिलहाल नौवें स्थान पर है और उसके खाते में सिर्फ चार अंक हैं।
एजबेस्टन, बर्मिंघम में खेले गए तीसरे टेस्ट में धीमी गेंदबाजी गति के कारण पाकिस्तान के 11 अंक भी काटे गए हैं। ऐसे में टीम के सामने खराब प्रदर्शन, कप्तानी और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में स्थिति सुधारने जैसी कई चुनौतियां एक साथ हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi







