HDFC Bank News: नए MD और CEO के लिए 3 बड़ी संभावनाएं, अब RBI के फैसले पर टिकी नजर
HDFC Bank News: प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank के नए MD और CEO को लेकर फैसला अहम मोड़ पर है। RBI दोनों उम्मीदवारों पर विचार कर रहा है। कैजाद भरूचा की अंदरूनी दावेदारी के साथ अनूप बागची का नाम भी चर्चा में है। जानिए नेतृत्व बदलाव में क्या-क्या संभावनाएं बन रही हैं।
SC/ST Act: पीड़ितों की सुरक्षा और सहायता में न हो देरी, Uttarakhand सरकार करेगी डिजिटल निगरानी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए बनाई गई राज्य-स्तरीय सतर्कता और निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता की और अधिकारियों को लंबित मामलों का तय समय में निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। धामी ने 2024 से इस अधिनियम के तहत दर्ज उन मामलों की समीक्षा की जिनकी जांच अभी भी लंबित है। उन्होंने अधिकारियों को देरी के कारणों की जांच करने और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने लंबे समय से लंबित और गंभीर मामलों में पुलिस, प्रशासन और अभियोजन विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी ज़ोर दिया। मुख्यमंत्री ने विशेष अदालतों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया और अधिकारियों से कहा कि वे प्रभावी अभियोजन के लिए जहां भी ज़रूरत हो, वहां विशेष लोक अभियोजकों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
इसे भी पढ़ें: Manipur संकट से GST Collection में ₹475 करोड़ की चपत, CM ने बंद खत्म करने को कहा
धामी ने ज़ोर दिया कि पीड़ितों को तय राहत राशि देने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को उन मामलों की अलग से समीक्षा करने का निर्देश दिया जिनमें राहत भुगतान में देरी हुई है और कहा कि प्रभावित परिवारों को ज़रूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सुरक्षा, पुनर्वास और अन्य पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गंभीर और संवेदनशील मामलों में पीड़ितों और उनके परिवारों की सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के बच्चों की शिक्षा में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए और पात्र बच्चों को स्कॉलरशिप और अन्य शैक्षिक सहायता योजनाओं से जोड़ा जाना चाहिए।
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, राज्य में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अत्याचार के पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है, जिसमें अपराध की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग चरणों में सहायता दी जाती है।
इसे भी पढ़ें: Pinarayi Vijayan के खिलाफ ED की रिपोर्ट पर केरलम में पुलिस जांच के आदेश
धामी ने अधिनियम के तहत मामलों की निगरानी के लिए हर ज़िले में वरिष्ठ स्तर पर जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया और पुलिस कर्मियों को इसके प्रावधानों, संवेदनशील मामलों की जांच और पीड़ितों के साथ उचित व्यवहार के बारे में नियमित प्रशिक्षण देने को कहा। उन्होंने समाज कल्याण, पुलिस और अभियोजन विभागों को संयुक्त रूप से रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया और अधिकारियों से जांच, अदालती कार्यवाही, राहत भुगतान और अन्य सहायता को ट्रैक करने के लिए एक डिजिटल निगरानी प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा। धामी ने कहा कि जिन ज़िलों में जांच, मामलों के निपटारे या राहत वितरण में प्रगति असंतोषजनक है, उनकी अलग से समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले ज़िलों द्वारा अपनाए गए प्रभावी तरीकों को अन्य ज़िलों के साथ साझा किया जाना चाहिए।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Moneycontrol
prabhasakshi









