शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शनिवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव 'धोखे' से जीता है और वह मुंबई को गिरवी रखना चाहती है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि मुंबईवासी इसे कभी नहीं भूलेंगे। हालांकि, ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी "ईश्वर की इच्छा से" मुंबई में अपना महापौर नियुक्त करेगी। भगवा पार्टी द्वारा उनकी पार्टी से बीएमसी छीनने के एक दिन बाद मुंबई के शिवसेना भवन में शिवसेना (यूबीटी) कार्यकर्ताओं से बातचीत करते हुए, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा को लगता है कि उसने शिवसेना (यूबीटी) को खत्म कर दिया है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने हर संभव प्रयास किया लेकिन वफादारी नहीं खरीद सकी।
भाजपा-शिवसेना गठबंधन द्वारा ठाकरे परिवार से बीएमसी की सत्ता छीनने के एक दिन बाद, उद्धव ठाकरे ने शिवसेना (उबाठा)कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा मुंबई को गिरवी रखना चाहती है और उसने धोखे से चुनाव जीता है। उन्होंने कहा कि मराठी मानुष इस ‘पाप’ को कभी माफ नहीं करेंगे। ठाकरे ने कहा कि मुंबई में शिवसेना(उबाठा) का महापौर बनाना उनका सपना है, और अगर ईश्वर की इच्छा हुई तो यह सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह गलतफहमी है कि उसने शिवसेना(उबाठा) को खत्म कर दिया है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
ठाकरे ने कहा कि शिवसेना को भाजपा जमीनी स्तर पर खत्म नहीं कर सकी।’ प्रत्यक्ष रूप से उनका इशारा बीएमसी चुनावों में शिवसेना (उबाठा) द्वारा जीती गई 65 सीटों की ओर था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा निष्ठा खरीदने के लिए साम-दाम दंड भेद का इस्तेमाल कर रही है। ठाकरे ने कहा, ‘‘उसने (भाजपा ने) मुंबई को गिरवी रखकर विश्वासघात के जरिए जीत हासिल की है। मराठी मानुष इस पाप को कभी माफ नहीं करेंगे। लड़ाई अब खत्म नहीं हुई है, बल्कि अभी शुरू हुई है।’’ बीएमसी के 227 सदस्यीय सदन में भाजपा ने 89 सीट जीतीं हैं, जबकि सहयोगी शिवसेना ने 29 सीट अपने नाम की है। वहीं, शिवसेना(उबाठा) को 65 और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(मनसे)को छह सीट मिलीं।
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