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तुषार मेहता ने किसे बता दिया 'नक्सली', CJI की कोर्ट में भड़के वकील; जजों ने बीच में दिया दखल

वंदे मातरम केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में तुषार मेहता और एस मुरलीधर के बीच तीखी बहस हुई। ‘नक्सली’ टिप्पणी पर मुरलीधर ने कड़ा विरोध जताया। कोर्ट ने कहा कि इस शब्द को रिकॉर्ड में नहीं लिया जाएगा।

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India International Water Week 2026 में बोले CP Radhakrishnan, टिकाऊ जल प्रबंधन जरूरी

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को जल के विवेकपूर्ण इस्तेमाल और संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और बढ़ती आबादी से उत्पन्न चुनौतियों के बीच नदी बेसिन प्रबंधन, भूजल पुनर्भरण, वर्षा जल संचयन और सिंचाई के कुशल इस्तेमाल को शामिल करने वाला एकीकृत दृष्टिकोण बेहद महत्वपूर्ण है। राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘जल सुरक्षा से जन सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित होगी।’’ उन्होंने जल संसाधनों के संरक्षण, भंडारण, प्रबंधन और विवेकपूर्ण इस्तेमाल का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसा केवल वर्तमान जरूरतों के लिए ही नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए भी किया जाना चाहिए। राधाकृष्णन यहां भारत मंडपम में नौवें भारत अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह (आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू) के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

जल शक्ति मंत्रालय द्वारा प्रमुख मंत्रालयों, राज्य सरकारों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, अनुसंधान एवं शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग संगठनों, विकास साझेदारों, नागरिक समाज और निजी क्षेत्र के साझेदारों के सहयोग से यह कार्यक्रम 22 से 26 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत के पास दुनिया के कुल भू-भाग का 2.4 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि दुनिया की 18 प्रतिशत आबादी देश में रहती है। इसके बावजूद भारत के पास दुनिया के मीठे जल संसाधनों का केवल करीब चार प्रतिशत हिस्सा है।

उन्होंने कहा, ‘‘जल से जुड़ी समस्याएं जलवायु परिवर्तन, तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जनसंख्या वृद्धि जैसे मुद्दों के कारण और जटिल हो गई हैं।’’ राधाकृष्णन ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है, जबकि अन्य हिस्सों में बाढ़ की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में राज्यों के बीच जल बंटवारे को लेकर विवाद अब भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में जल बंटवारे को लेकर अंतरराज्यीय सहयोग के 10 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

उन्होंने केन-बेतवा और किशाऊ परियोजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि ये इस तरह के सहयोग के उदाहरण हैं। राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘छह राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश ने जल बंटवारे को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।’’ इसे जल शक्ति मंत्रालय की बड़ी उपलब्धि बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जब दो राज्य भी आपसी सहमति नहीं बना पाते, ऐसे में आप छह राज्यों के बीच सहमति बना रहे हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है।’’ राधाकृष्णन ने कहा कि आबादी और शहरीकरण बढ़ने के साथ जल की कमी संघर्ष का एक बड़ा कारण बन सकती है।

उन्होंने कहा, ‘‘दुनियाभर के बुद्धिजीवी अब कह रहे हैं कि अगर तीसरा विश्व युद्ध हुआ, तो वह केवल पानी के लिए हो सकता है।’’ उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत के 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ने के साथ कुशल और टिकाऊ जल प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू 2026 में होने वाली चर्चा से जलवायु के अनुरूप और एकीकृत जल प्रबंधन के लिए तकनीकी, नीतिगत, सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से नए एवं अभिनव दृष्टिकोण सामने आएंगे। पांच दिवसीय इस आयोजन की थीम ‘‘जलवायु अनुकूल जल प्रबंधन’’ है।

इसमें नीति निर्माता, वैश्विक जल क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञ, शोधकर्ता, क्षेत्रीय विशेषज्ञ, उद्योग जगत, नागरिक समाज और युवा पेशेवर हिस्सा ले रहे हैं। नीदरलैंड और जर्मनी इसमें साझेदार देशों के रूप में भाग ले रहे हैं, जबकि 14 प्रदेश साझेदार राज्यों के रूप में हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में मंत्रिस्तरीय मंच, वैश्विक जल नेताओं का मंच, देश-विशेष मंच, क्षेत्रीय विशेषज्ञों का मंच और विषयगत मंच के अलावा स्टार्टअप, युवा और औद्योगिक मंच भी शामिल हैं।

दूसरा अंतरराष्ट्रीय ‘वॉश’ सम्मेलन भी आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू के साथ आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन 22 से 24 सितंबर तक चलेगा।

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  Sports

दिल्ली के क्रिकेटर Vansh Bedi ने Match Fixing आरोपों को नकारा, CSK विवाद पर दी सफाई

दिल्ली के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज वंश बेदी ने भारतीय क्रिकेट से जुड़े कथित मैच फिक्सिंग विवाद में अपना नाम सामने आने के बाद सफाई दी है। वंश बेदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि उनका नाम पूर्व रणजी ट्रॉफी क्रिकेटर रचित भाटिया के कथित स्टिंग अभियान में बताए गए चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ी से जोड़ना पूरी तरह गलत है। उन्होंने इस तरह के दावों को झूठा और मानहानि करने वाला बताया है।

वंश बेदी ने अपने बयान में साफ कहा है कि वह उस खिलाड़ी नहीं हैं, जिसका कथित तौर पर रचित भाटिया ने जिक्र किया था। उन्होंने यह भी कहा कि कथित मैच फिक्सिंग या उससे जुड़ी किसी भी गतिविधि में उनकी कोई भूमिका नहीं है। बेदी के मुताबिक, उनके नाम को इन आरोपों से जोड़ने वालों के खिलाफ उनकी कानूनी टीम उचित सिविल और आपराधिक कार्रवाई कर रही है।

गौरतलब है कि यह विवाद रचित भाटिया से जुड़े एक कथित सिक्रेट अभियान के बाद चर्चा में आया है। इस दौरान भाटिया ने कथित तौर पर दावा किया था कि उन्हें वर्ष 2025 के आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की संभावित अंतिम एकादश से जुड़ी अंदरूनी जानकारी मिलती थी। उनके अनुसार, यह जानकारी लंदन में मौजूद सट्टेबाजों तक स्नैपचैट के जरिए पहुंचाई जाती थी।

भाटिया ने कथित तौर पर यह भी दावा किया था कि उन्होंने पांच मुकाबलों में प्रत्येक से करीब 60 लाख रुपये कमाए थे। इस तरह उन्होंने कुल करीब तीन करोड़ रुपये की कमाई का दावा किया था। उनके कथित बयान में जानकारी देने वाले व्यक्ति को चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े एक दोस्त के तौर पर बताया गया था। हालांकि, सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी में उस व्यक्ति का नाम वंश बेदी के रूप में घोषित नहीं किया गया था।

इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बेदी का नाम चर्चा में आ गया। इसकी एक वजह यह रही कि वह वर्ष 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ जुड़े हुए थे। बाद में उन्होंने दिल्ली प्रीमियर लीग में सेंट्रल दिल्ली किंग्स का प्रतिनिधित्व किया। आईपीएल के दौरान टखने में चोट के कारण वह आगे के सत्र से बाहर भी हो गए थे। इन अलग-अलग घटनाओं को जोड़कर सोशल मीडिया पर उनके नाम को लेकर अटकलें लगाई जाने लगीं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, कथित गुप्त अभियान में सेंट्रल दिल्ली किंग्स से जुड़े एक मामले का भी जिक्र हुआ था। इसमें दिल्ली प्रीमियर लीग के एक मुकाबले से पहले संभावित टीम संयोजन की जानकारी दिए जाने की बात कही गई थी। इसी चर्चा में वंश बेदी के नाम का संदर्भ आया था। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता है कि टीम से जुड़ी जानकारी उन्होंने ही उपलब्ध कराई थी।

दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ ने भी पूरे मामले को लेकर बीसीसीआई से मार्गदर्शन मांगा है। संघ की ओर से यह कहा गया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना उचित नहीं होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी खिलाड़ी की गलती जांच में साबित होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, मामले में एक अहम बात यह भी सामने आई है कि दिल्ली प्रीमियर लीग के पिछले सीजन के दौरान वंश बेदी ने कथित तौर पर खुद भ्रष्ट गतिविधि से जुड़े एक प्रस्ताव की जानकारी भ्रष्टाचार निरोधक अधिकारियों को दी थी। ऐसे में अब उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों और उनके द्वारा किए गए इस खंडन को लेकर जांच के तथ्यों का महत्व और बढ़ गया है।

बता दें कि फिलहाल बीसीसीआई की ओर से ऐसा कोई सार्वजनिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है, जिसमें वंश बेदी को कथित गतिविधियों में शामिल बताया गया हो। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों और किसी आधिकारिक जांच में सामने आए निष्कर्ष के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

फिलहाल वंश बेदी की सफाई के बाद मामला इस सवाल पर टिक गया है कि उनके नाम को कथित विवाद से जोड़ने का ठोस आधार क्या है। जांच एजेंसियों या क्रिकेट अधिकारियों की ओर से आगे जो तथ्य सामने आते हैं, वही यह स्पष्ट कर पाएंगे कि कथित आरोपों में उनकी कोई भूमिका है या नहीं है।

Wed, 23 Sep 2026 19:03:00 +0530

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