'Angh' Oscar Entry: ‘गोंधल’ के बाद नगालैंड की फिल्म पहुंची ऑस्कर; बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म की रेस में होगा आमना-सामना!
'Angh' Oscar Entry: नागालैंड के फिल्ममेकर देजा रियो की फिल्म ‘अंग’ को ऑस्कर 2027 की इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए चुना गया है। फिल्म ने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म पुरस्कार भी जीता है।
2021 की शॉर्ट फिल्म से बनी कहानी
‘अंग’ देजा रियो की पहली फीचर फिल्म है। उन्होंने इसी नाम की अपनी 2021 की अवॉर्ड जीत चुकी शॉर्ट फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाकर यह फिल्म बनाई है।
उनकी शॉर्ट फिल्म ने 2021 में क्लेरमोंट-फेरां इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में स्पेशल जूरी अवॉर्ड जीता था।
फिल्म की प्रोड्यूसर नैन्सी निसा बेसो ने कहा, “हम कई सालों से ‘अंग’ को अपने साथ लेकर चल रहे हैं। हमें हमेशा भरोसा था कि यह ऐसी कहानी है जिसे हमें अपने तरीके से बताना है।”
देजा रियो ने क्या कहा?
कोहिमा में जन्मे 31 वर्षीय देजा रियो ने कहा कि यह उनके और फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए बेहद खास पल है। उन्होंने कहा कि पहली फिल्म को इस तरह की पहचान मिलना बहुत कम देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि ‘अंग’ को उन्होंने अपने लोगों, अपनी संस्कृति और उस जगह के लिए बहुत प्यार से बनाया है, जहां से वह आते हैं।
1960 के दशक की कहानी
‘अंग’ की कहानी 1960 के दशक में सेट है। फिल्म का ज्यादातर हिस्सा कोन्याक भाषा में है। फिल्म में नागालैंड के एक सुनसान गांव में मिशनरी के आने के बाद वहां की जातीय पहचान पर पड़ने वाले असर को दिखाया गया है।
TIFF जूरी ने की तारीफ
TIFF की प्लेटफॉर्म जूरी ने फिल्म की नई सोच, मजबूत फिल्म निर्माण और एक अलग दुनिया को प्रभावी तरीके से दिखाने के लिए इसकी तारीफ की। देजा रियो ने कहा कि अपनी कम्युनिटी से बाहर के दर्शकों तक फिल्म का पहुंचना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। उन्होंने जूरी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि फिल्म को TIFF की प्लेटफॉर्म प्रतियोगिता और अब ऑस्कर जैसे बड़े मंच पर देश और अपनी संस्कृति को दिखाने का मौका मिला।
ऑस्कर में इस बार बदला तरीका
आमतौर पर इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए अलग-अलग देशों की राष्ट्रीय संस्थाएं फिल्मों का नाम भेजती हैं। हालांकि, इस बार एक नए तरीके के तहत अकादमी ने दुनिया के छह बड़े फिल्म फेस्टिवल्स के प्रतियोगिता विजेताओं को सीधे स्वीकार किया है। इसमें TIFF भी शामिल है, जिसके चलते अंग को ऑस्कर में सीधे एंट्री मिल गई है।
‘गोंधल’ भी करेगी भारत का प्रतिनिधित्व
वहीं, मराठी थ्रिलर फिल्म ‘गोंधल’ भी 99वें अकादमी अवॉर्ड्स में देश का प्रतिनिधित्व करेगी। संतोष डावखर के निर्देशन में बनी इस फिल्म के लिए उन्हें 2025 के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में सिल्वर पीकॉक अवॉर्ड मिला था।
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Maruti Suzuki बढ़ाएगी पूंजीगत निवेश, GST 2.0 के बाद यात्री वाहनों की बिक्री में 36 फीसदी उछाल
यात्री वाहन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ‘जीएसटी 2.0’ के तहत कर दरों को तर्कसंगत बनाए जाने के बाद यात्री वाहनों की मांग में आए भारी उछाल को देखते हुए अपनी पूंजीगत व्यय योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है। कर सुधार का एक साल पूरा होने पर कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अप्रैल-अगस्त, 2026 के दौरान मारुति सुजुकी की यात्री वाहन बिक्री में सालाना आधार पर करीब 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में प्रवेश स्तर के वाहनों की बिक्री 96 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है।
ताकेउची ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एक साल पहले माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधार के ऐतिहासिक कदम ने भारत की वृद्धि यात्रा को नयी गति दी थी। मारुति सुजुकी में अप्रैल-अगस्त 2026 के दौरान यात्री वाहन की बिक्री सालाना आधार पर करीब 36 प्रतिशत बढ़ी। हम विशेष रूप से प्रवेश स्तर के खंड में 96 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि से उत्साहित हैं, जहां कीमतें किफायती होने से लोगों को लाभ मिला।
उन्होंने कहा कि इससे भारतीय उपभोक्ताओं की क्षमता और उत्पादों के किफायती होने के महत्व का पता चलता है। ताकेउची ने कहा, ‘‘जब घरेलू उद्योग पैमाना और प्रतिस्पर्धा हासिल कर लेता है, तो अधिक वैश्विक कारोबार अपने आप हमारे पास आने लगता है, जिससे निर्यात बढ़ता है। इस वृद्धि से उत्साहित होकर हम अपनी पूंजीगत निवेश की योजनाओं को गति दे रहे हैं, जिसका लाभ पूरी अर्थव्यवस्था को मिलेगा।’’ महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के वाहन और कृषि क्षेत्र के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ राजेश जेजुरिकर ने कहा कि जीएसटी के युक्तिकरण से अर्थव्यवस्था को स्पष्ट गति मिली है और प्रमुख श्रेणियों में मांग को समर्थन मिला है।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘इन बदलावों के बाद से हमने एसयूवी श्रेणी में 17 प्रतिशत की वृद्धि देखी है, जबकि हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) और ट्रैक्टर में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जीएसटी परिषद ने 22 सितंबर, 2025 से कर ढांचे में बदलाव को मंजूरी दी थी, जिसके तहत 1,200 सीसी से कम क्षमता और 4,000 मिमी से कम लंबाई वाले पेट्रोल, एलपीजी तथा सीएनजी वाहन पर कर की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई थी। वाहन डीलर संघों के महासंघ (फाडा) के अध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा कि इस सुधार ने सभी वाहन श्रेणियों में उत्पादों को किफायती बनाकर खुदरा मांग को बढ़ावा दिया है।
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