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आरबीआई बढ़ती महंगाई के चलते 2026 में दो बार बढ़ा सकता है ब्याज दर: रिपोर्ट

नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म नोमुरा के ग्लोबल मैक्रो रिसर्च प्रमुख रॉब सुब्बारमन ने मंगलवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि महंगाई का दबाव बढ़ने से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) आने वाली दोनों मौद्रिक नीति बैठकों (अक्टूबर और दिसंबर) में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है।

एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी हुई है। नोमुरा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि आने वाले महीनों में महंगाई 6 प्रतिशत के पार जा सकती है।

सुब्बारमन ने कहा कि भारत के पास वैश्विक निवेश आकर्षित करने और वैश्विक वैल्यू चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की संभावनाएं हैं।

भारत के पास विभिन्न क्षेत्रों में बड़े अवसर हैं, लेकिन अगर अमेरिका और उत्तर-पूर्व एशिया में एआई निवेश की कहानी बहुत मजबूत बनी रहती है, तो कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में भारत पीछे रह सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत अधिक पूंजी आकर्षित कर सकता है। एफसीएनआर-बी जमा में उम्मीद से बेहतर प्रवाह देखने को मिला है और मजबूत भुगतान संतुलन अधिशेष की भी संभावना है।

सुब्बारमन ने बताया कि बाजारों की नजर संयुक्त राष्ट्र महासभा में होने वाली कूटनीतिक गतिविधियों और इस सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच संभावित बैठक पर है।

वैश्विक मौद्रिक नीति पर सुब्बारमन ने कहा कि इस साल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की कम से कम एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद है, जो संभवतः दिसंबर में हो सकती है।

उन्होंने कहा कि अगर महंगाई ऊंची बनी रहती है तो दरों में और बढ़ोतरी का जोखिम है। उन्होंने कहा कि एफओएमसी के ताजा अनुमान व्यापक रूप से सख्त मौद्रिक नीति की दिशा की ओर संकेत करते हैं। 18 नीति निर्माताओं में से 12 ने इस साल एक और दर बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है, जबकि चार ने दो और बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है और केवल दो ने आगे किसी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं की है।

अमेरिकी फेड ने पिछले सप्ताह अपनी नीतिगत ब्याज दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी कर इसे 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के दायरे में कर दिया था।

सुब्बारमन ने कहा कि बाजारों को उम्मीद है कि कूटनीति वैश्विक तनाव और अमेरिका-चीन व्यापार प्रतिबंधों को कम करने में मदद कर सकती है, जिससे ऊर्जा की लागत और लंबी अवधि की बॉन्ड यील्ड में कमी आ सकती है।

उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब भी दबाव बनाने की क्षमता है, क्योंकि ऊंची ऊर्जा कीमतें अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ईंधन की ऊंची कीमतें डाउनस्ट्रीम तेल कारोबार पर दबाव डाल रही हैं। अमेरिका में गैसोलीन की कीमत करीब 4.50 डॉलर और डीजल की कीमत रिकॉर्ड स्तर के करीब 6.50 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई है।

—आईएएनएस

एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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डिजिटल क्लास से लेकर इंटरनेट तक की सुविधा, यूपी के 14 हजार से ज्यादा प्राइमरी स्कूल होंगे स्मार्ट

UP Primary Schools: उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में अब पढ़ाई का तरीका पहले से ज्यादा तकनीक आधारित होने जा रहा है. राज्य सरकार ने पहले चरण में 14,429 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल बनाने के लिए 300 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इसका मकसद बच्चों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों से जोड़ना और कक्षा में पढ़ाई को ज्यादा इंटरैक्टिव बनाना है.

नई व्यवस्था के तहत स्कूलों में सिर्फ डिजिटल स्क्रीन ही नहीं लगाई जाएगी, बल्कि इंटरनेट, डिजिटल कंटेंट और लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी. इससे शिक्षक पाठ्यक्रम को वीडियो, एनीमेशन और अन्य डिजिटल माध्यमों से बच्चों को समझा सकेंगे.

65 इंच की स्क्रीन से होगी पढ़ाई

चयनित स्कूलों में कम से कम 65 इंच की 4K UHD इंटरैक्टिव स्क्रीन लगाई जाएगी. इसके साथ ओपीएस कंप्यूटर, वायरलेस माइक्रोफोन, वेबकैम और स्पीकर भी उपलब्ध कराए जाएंगे. बिजली की समस्या के कारण डिजिटल पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए इन्वर्टर-बैटरी की व्यवस्था भी होगी. एक घंटे के इन्वर्टर और कम से कम चार घंटे के बैटरी बैकअप का प्रावधान किया गया है. स्कूलों को वाई-फाई, LAN और ब्लूटूथ से भी जोड़ा जाएगा. इसके अलावा 12 महीने के लिए कम से कम 30 Mbps अनलिमिटेड ब्रॉडबैंड की सुविधा देने की योजना है.

बच्चों के लिए डिजिटल कंटेंट भी होगा उपलब्ध

स्मार्ट स्कूलों में सिर्फ उपकरण लगाने पर ही जोर नहीं है, बल्कि पढ़ाई के लिए डिजिटल सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी. कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए NCERT और SCERT आधारित पाठ्य सामग्री तैयार रहेगी. इसमें वीडियो, एनीमेशन और वर्कशीट जैसी सामग्री शामिल होगी.

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लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए ई-दीक्षा और ई-विद्या आधारित पाठ योजनाओं के साथ क्विज, मूल्यांकन, उपस्थिति और विद्यार्थियों की प्रगति का विश्लेषण किया जा सकेगा. शिक्षकों को इन सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

तीन साल तक तकनीकी सहायता

एक स्मार्ट स्कूल को तैयार करने की अनुमानित लागत 2,07,910 रुपये रखी गई है. परियोजना के लिए श्रीट्रान इंडिया लिमिटेड को कार्यदायी संस्था बनाया गया है. तकनीकी व्यवस्था लंबे समय तक चलती रहे, इसके लिए तीन साल की हेल्प डेस्क सुविधा भी दी जाएगी. किसी तकनीकी समस्या या शिकायत के समाधान के लिए तीन स्तर की शिकायत निस्तारण व्यवस्था भी रखी गई है.

पहले से डिजिटल सुविधाओं पर काम

सरकारी प्राथमिक स्कूलों को स्मार्ट बनाने की यह योजना राज्य में चल रहे डिजिटल शिक्षा विस्तार का अगला चरण है. उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में पहले ही 32 हजार से ज्यादा स्कूलों में स्मार्ट क्लास और 15 हजार से ज्यादा विद्यालयों में ICT लैब विकसित की जा चुकी हैं.

इसके अलावा 1,129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है और करीब 2.61 लाख शिक्षकों को टैबलेट दिए जा चुके हैं. इससे शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों के जरिए पढ़ाई की तैयारी और कंटेंट तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है.

ऑपरेशन कायाकल्प से बुनियादी सुविधाओं पर जोर

उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने का काम केवल डिजिटल सुविधाओं तक सीमित नहीं है. ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी काम किया गया है. इस अभियान के तहत स्कूल भवन, कक्षाओं, पेयजल, शौचालय, बिजली और दूसरी जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया. राज्य सरकार के अनुसार, करीब 1.32 लाख प्राथमिक विद्यालयों का कायाकल्प किया जा चुका है.

इस तरह सरकारी स्कूलों में सुधार का फोकस अब दो स्तरों पर दिखाई दे रहा है. एक तरफ स्कूलों में भवन, बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ स्मार्ट क्लास, ICT लैब, डिजिटल लाइब्रेरी और ऑनलाइन कंटेंट के जरिए पढ़ाई को तकनीक से जोड़ा जा रहा है. 

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भारतीय महिला टीम की ओपनर बल्लेबाज शेफाली वर्मा आईसीसी टी20 रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंच गई है. शेफाली ने इससे पहले छठे स्थान पर थीं. शेफाली के रैंकिंग में ये बदलाव एशियन गेम्स में उनके दमदार प्रदर्शन के कारण हुआ है. शेफाली ने एशियन गेम्स के सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ टी20 में अपना पहला शतक लगाया था. Tue, 22 Sep 2026 21:46:59 +0530

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