बिहार में लड़की को बैड टच करने वाले का एनकाउंटर:जमुई में भागने के दौरान पुलिस ने गोली मारी; 10वीं की छात्रा से बदसलूकी की थी
जमुई में नाबालिग छात्रा से बदसलूकी करने वाले मुख्य आरोपी नंदन यादव का पुलिस ने एनकाउंटर किया है। सूत्रों की माने तो आरोपी उसी मड़वा पहाड़ी के आसपास छिपा हुआ था, जहां दोनों स्टूडेंट घूमने गए थे। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ने की कोशिश की, इस दौरान उसने भागने का प्रयास किया, जिसके बाद मुठभेड़ हुई। पुलिस ने नंंदन के बाएं पैर में गोली मारी है। उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो में लाल गमछा पहने दिख रहा युवक ही नंदन यादव है। मामले में अबतक 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनमें तीन नाबालिग हैं। सोशल मीडिया पर वायरल करने वाला अरेस्ट इससे पहले घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रामाशीष चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर यह कार्रवाई की है। 19 सितंबर को हुई थी बदसलूकी घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। दोनों पीड़ित बच्चे 10वीं क्लास में पढ़ते हैं। शनिवार को ट्यूशन के बाद दोनों जमुई स्थित मड़वा पहाड़ी घूमने गए थे। लौटते समय कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया और इसके बाद ये घटना हुई। बिहार के जमुई में छात्रा के साथ बीच सड़क पर छेड़खानी और अश्लील हरकतें की गई। उसके दोस्त के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं, छात्रा के साथ हुई आपत्तिजनक हरकत का वीडियो बनाया, और इसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया। प्राइवेट पार्ट को किया था टच मड़वा पहाड़ी घूमने गए दोनों स्टूटेंड्स के साथ करीब 1 घंटे तक अभद्रता की गई। इस दौरान दोनों ने भागने के लिए कई बार संघर्ष किया। इस दौरान नंदन यादव छात्रा का पीछा करता है और उसे पीछे से पकड़ लेता है। वीडियो में आरोपी छात्रा के साथ जबरदस्ती करता दिखाई देता है। पहले आरोपी ने छात्रा को पीछे से पकड़ा, इसके बाद वो उसके प्राइवेट पार्ट पर हाथ रखते हुए गोद में उठा लेता है। ये हरकत देखकर छात्र तुरंत अपनी दोस्त को बचाने के लिए वहां पहुंचता है और उसे आरोपी के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश करता है। दोनों के बीच खींचतान होती है। छात्र किसी तरह अपनी दोस्त को छुड़ा लेता है। इसके बाद भी आरोपी दोनों को परेशान करने और रोकने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। दोनों बच्चे लगातार वहां से निकलने की कोशिश करते रहते हैं। ---- ये खबर भी पढ़िए… जमुई छेड़खानी कांड-दहशत के एक घंटे; VIDEO:गिड़गिड़ाकर छात्रा बोली- भइया जाने दीजिए, हम दोस्त हैं; आरोपियों ने प्राइवेट पार्ट टच कर जबरन उठा लिया बिहार के जमुई में छात्रा के साथ बीच सड़क पर छेड़खानी और अश्लील हरकतें की गई। उसके दोस्त के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं, छात्रा के साथ हुई आपत्तिजनक हरकत का वीडियो बनाया, और इसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया। पूरी खबर पढ़ें।
'धार्मिक वजह से वंदे मातरम न गाना अपराध नहीं':सुप्रीम कोर्ट बोला- आपराधिक कार्रवाई नहीं हो; 47 दिन पहले बने कानून पर केंद्र से जवाब मांगा
वंदे मातरम से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा, “धार्मिक कारणों से राष्ट्रगीत न गाने वाले व्यक्ति को आपराधिक कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए।” कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस मामले में जवाब मांगा। उम्मीद जताई कि वंदे मातरम् से जुड़े कानून की व्याख्या करते समय 1986 के ‘बिजो एमैनुअल’ फैसले में तय सिद्धांतों को लागू किया जाएगा। यह सुनवाई गायक टीएम कृष्णा की ओर से वंदे मातरम् से जुड़े प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका पर हुई। मामला उस कानून से जुड़ा है, जिसमें वंदे मातरम् के गायन को रोकने या गायन में जानबूझकर बाधा डालने को दंडनीय बनाया गया है। वंदे मातरम् को इस कानून के दायरे में लाने वाला संशोधन संसद से जुलाई में पास हुआ था। 29 जुलाई को राज्यसभा और 30 जुलाई को लोकसभा ने बिल पास किया था। इसके बाद 6 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर यह कानून बना। बिजो एमैनुअल केस: 3 छात्रों ने राष्ट्रगान गाने से मना कर दिया 1986 के बिजो एमैनुअल बनाम केरल सरकार मामले में तीन छात्रों ने धार्मिक विश्वास के कारण राष्ट्रगान नहीं गाया था। हालांकि वे राष्ट्रगान के दौरान सम्मानपूर्वक खड़े रहते थे। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ कार्रवाई को रद्द करते हुए कहा था कि केवल राष्ट्रगान न गाने के आधार पर उन्हें दंडित नहीं किया जा सकता। 2026 वंदे मातरम के अपमान पर कानून बना 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने 'वंदे मातरम' को राष्ट्रीय गीत घोषित किया था। लंबे समय तक इसके अपमान पर कोई अलग कानून नहीं था, लेकिन 2026 के मानसून सत्र में केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम' बनाया। इस कानून के तहत 'वंदे मातरम' के गायन को जानबूझकर रोकने, इसमें बाधा डालने या इसका सार्वजनिक अपमान करने को दंडनीय अपराध माना गया है। ऐसा करने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। इस बार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पहली बार लाल किले की प्राचीर से 'वंदे मातरम' के पूरे 6 छंद गाए गए। केंद्र का आदेश- पहले वंदे मातरम, फिर जन गण मन होगा गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई को सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गायन और बजाने को लेकर नए निर्देश जारी किए थे। इसमें दोनों के सही बोल, उच्चारण और तय प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया था। निर्देशों के मुताबिक, अगर किसी कार्यक्रम में वंदे मातरम और जन गण मन दोनों गाए या बजाए जाते हैं, तो पहले वंदे मातरम और उसके बाद राष्ट्रगान होगा। अगर किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का अपना राज्य गीत भी है, तो पहले राज्य गीत फिर वंदे मातरम और अंत में जन गण मन रहेगा।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 








