Jharkhand News: झारखंड के इस जिले में बनेगा सोलर विलेज, ग्रामीणों को मिलेगी 24 घंटे बिजली, रचेगा नया इतिहास
Jharkhand News: झारखंड का गढ़वा जिला ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. जिले में सोलर विलेज विकसित करने की योजना अब अंतिम चरण में है. इस योजना के तहत चयनित गांव में पारंपरिक बिजली आपूर्ति को पूरी तरह खत्म कर सोलर ऊर्जा आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी. इससे गांव को बिजली कटौती से स्थायी राहत मिलेगी और वह ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेगा.
गांव के हर घर को मिलेगा सोलर कनेक्शन
सोलर विलेज में घरेलू, कृषि और सार्वजनिक सभी जरूरतें सोलर ऊर्जा से पूरी की जाएंगी. गांव के हर घर को सोलर बिजली कनेक्शन दिया जाएगा, जिससे बल्ब, पंखा, कूलर, एसी, आयरन, मिक्सी जैसे सभी बिजली उपकरण बिना रुकावट चल सकेंगे. रसोई के लिए इंडक्शन आधारित चूल्हे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे गैस पर निर्भरता कम होगी और घरेलू खर्च में भी कमी आएगी.
जगह-जगह लगेंगी सोलर लाइटें
गांव की हर गली और सड़क को सोलर स्ट्रीट लाइट से रोशन किया जाएगा. पंचायत भवन, स्वास्थ्य उपकेंद्र, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य सरकारी व सार्वजनिक भवनों को भी सोलर सिस्टम से जोड़ा जाएगा. इससे रात में अंधेरे की समस्या खत्म होगी और जनसेवाएं सुचारु रूप से चल सकेंगी.
किसानों को सिंचाई में राहत
इस योजना से किसानों को सबसे बड़ी राहत मिलने वाली है. खेतों में सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाए जाएंगे, जिससे बिजली कटौती, भारी बिल और डीजल खर्च से छुटकारा मिलेगा. समय पर सिंचाई होने से फसल उत्पादन बढ़ने और किसानों की आय में सुधार की उम्मीद है.
अभियंता ने क्या बताया?
गढ़वा विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता असगर अली ने बताया कि जिले के लगभग 5 हजार की आबादी वाले 10 गांवों की सूची झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (ज्रेडा) को भेजी जा चुकी है. तकनीकी जांच के बाद इनमें से एक गांव को पूरी तरह सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा.
इस परियोजना से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी. साथ ही सोलर सिस्टम की स्थापना और रखरखाव के लिए स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. अधिकारियों का मानना है कि योजना सफल रही तो भविष्य में गढ़वा के अन्य गांवों को भी इसी मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिससे जिला हरित ऊर्जा की दिशा में नई पहचान बनाएगा.
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BMC Election Results: UBT-MNS गठबंधन की इस गलती का भाजपा को मिला फायदा, नागपुर और पुणे के परिणाम पवार गुट के लिए झटका
BMC Election Results: महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल हुई है. राज्य में 29 नगर निगमों के चुनाव के परिणामों का ऐलान हो चुका है. इसमें भारतीय जनता पार्टी और महायुति गठबंधन ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है. महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि भाजपा की अगुवाई वाली महायुति गठबंधन 29 नगर निगमों में से 25 में सत्ता हासिल करने के लिए तैयार है.
UBT-MNS ने मराठी मुद्दों का जमकर उछाला
चुनाव प्रचार के दौरान बीएमससी चुनाव में UBT-MNS गठबंधन ने मराठी मुद्दों का जमकर उछाला, मगर इसका फायदा जमीनी स्तर पर नहीं पहुंच पाया. इसे पोलराइजिंग समझा गया. वहीं भाजपा की विकास केंद्रित कैंपेन और एंटी इनकंबेंसी के फैक्टर ने पार्टी को जीत दिलाई है.
भाजपा ने विकास मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया
BJP की जीत के कई कारण हैं. दरअसल BJP ने विकास और प्रगति के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया, जिसने मतदाताओं को आकर्षित किया इसके साथ एंटी-इनकंबेंसी को तोड़ने में सफलता हासिल की, सत्ता-विरोधी वोटों को आकर्षित करने में सहायता मिली. वहीं UBT-MNS गठबंधन के पोलराइजिंग प्रभाव ने मराठी वोटों को विभाजित किया, इससे भाजपा को काफी लाभ हुआ.
UBT-MNS गठबंधन की हार के ये हैं कारण
UBT-MNS गठबंधन का पोलाइजिंग प्रभाव मराठी वोटों को विभाजित कर दिया. इससे BJP को फायदा हुआ UBT-MNS गठबंधन ने विकास और प्रगति के मामलों को नहीं उठाया, इसके कारण मतदाताओं उनके वादों में दम नहीं दिखा. गठबंधन को एंटी-इनकंबेंसी का भी सामना करना पड़ा. वहीं दूसरी ओर BJP की मजबूत संगठन और प्रचार ने UBT-MNS गठबंधन को पीछे छोड़ दिया. इसके अलावा कांग्रेस की कमजोर स्थिति ने भी गठबंधन को नुकसान पहुंचाया.
पुणे ओर नागपुर में विपक्ष को भारी नुकसान
विपक्ष को सबसे ज्यादा नुकासान पुणे में उठाना पड़ा पुणे नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार जीत हासिल की है. BJP ने 165 सीटों में से 123 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जबकि NCP को 40 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटें मिली हैं. पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 128 सीटों में से 84 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जबकि अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को 37 सीटें मिली हैं. नागपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार जीत हासिल की है BJP ने 151 सीटों में से 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जबकि कांग्रेस को 34 सीटें मिली हैं शिवसेना (शिंदे गुट) को 1 सीट और शिवसेना (उद्धव गुट) को 2 सीटें मिली हैं
भाजपा से अलग होकर अजीत पवार नहीं मिला फायदा
नागपुर में आए परिणामों से पता चलता है कि यहां पर आक्रामक प्रचार अभियान छेड़ा गया. यह मुख्यमंत्री फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र है. यहां पर भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. भाजपा से अलग होकर अजीत पवार लड़ रहे थे. हार के बाद अजीत पवार की राजनीतिक स्थिति को झटका लगा है. उनकी महायुति सरकार में भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. अजीत पवार ने चुनाव परिणामों के बाद कहा कि वे जनता के निर्णय को स्वीकार करते हैं और आगे की रणनीति पर विचार करेंगे.
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