Responsive Scrollable Menu

वैश्विक दबाव के बीच UN में पहले बहुपक्षवाद शिखर सम्मेलन की भारत ने की सह-मेजबानी

(योषिता सिंह) संयुक्त राष्ट्र, 22 सितंबर भारत ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र में बहुपक्षवाद पर आयोजित पहले शिखर सम्मेलन की सह-मेजबानी की और कहा कि यह पहल ऐसे समय में हुई है जब ‘‘वैश्विक व्यवस्था दबाव में है।’’ भारत ने जोर दिया कि अधिक भागीदारी वाली विचार-विमर्श की प्रक्रिया तथा पारदर्शी निर्णय लेने की व्यवस्था अब बेहद जरूरी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय 81वें सत्र के इतर आयोजित पहले ‘पार्टनर्स फॉर मल्टीलेटरलिज्म, इंटरनेशनल लॉ, पीस एंड प्रॉस्पेरिटी’ (बहुपक्षवाद, अंतरराष्ट्रीय कानून, शांति और समृद्धि के लिए साझेदार) यानी पी4एम शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की। उनके साथ ऑस्ट्रेलिया, बारबाडोस, ब्राजील, कनाडा और केन्या के नेताओं ने भी सम्मेलन की सह-मेजबानी की।

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित सम्मेलन में जयशंकर ने कहा, ‘‘भारत को सह-प्रायोजक के रूप में शामिल होकर खुशी है। हम ऐसे समय में मुलाकात कर रहे हैं जब वैश्विक व्यवस्था दबाव में है।’’ उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दशकों में दुनिया ने शक्ति संतुलन में लगातार बदलाव देखा है, जो लंबे समय से अपेक्षित संरचनात्मक परिवर्तन था। जयशंकर ने कहा, ‘‘हालांकि, तीव्र प्रतिस्पर्धा, भू-राजनीतिक तनाव और वास्तविक संघर्षों ने इसे पूरी तरह अलग स्वरूप दे दिया है।

यदि इसे अनियंत्रित छोड़ दिया गया, तो यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मूल भावना पर सवाल खड़ा कर सकता है। इसलिए इस समय बहुपक्षवाद का मजबूती से सामने आना बेहद जरूरी है।’’ उन्होंने कहा कि जारी संघर्षों के मामले में व्यापक शांति के लिए प्रयास करते हुए भी कुछ विशिष्ट पहलुओं पर ध्यान दिया जा सकता है। जयशंकर ने कहा, ‘‘ईंधन, खाद्य, उर्वरक और वित्त की ‘4एफ’ समस्या को अपने हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता।

जब नयी क्षमताएं और चिंताएं सामने आती हैं, तो उनके लिए रूपरेखा और सुरक्षा उपाय तय करने का मजबूत आधार होता है। जहां किसी महत्वपूर्ण मार्ग पर प्रभुत्व और आपूर्ति में बाधा का खतरा हो, वहां जोखिम कम करने और स्रोतों में विविधता लाने को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और जहां कोई ठोस कारण या मजबूत आधार हो, वहां समान सोच रखने वाले देशों को एक साथ आने का भरोसा होना चाहिए।’’ जयशंकर के साथ सम्मेलन के सह-प्रायोजक यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और बारबाडोस की प्रधानमंत्री मिया मोटली भी शामिल हुए। ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो वीएरा और कनाडा के स्थायी प्रतिनिधि डेविड लैमेटी ने भी हिस्सा लिया।

लैमेटी ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की ओर से वक्तव्य पढ़ा। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून, नियमों और मानदंडों का पूरी तरह पालन किए जाने पर ही बहुपक्षवाद को सबसे अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘बहुपक्षवाद को आगे बढ़ाने के लिए इसके समर्थन और व्यवहार, दोनों को मजबूत करना होगा।

इसलिए बहुपक्षवाद में सुधार जरूरी है। अधिक भागीदारी वाला विचार-विमर्श और अधिक पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया दोनों की अब जरूरत है।’’ उन्होंने कहा कि इससे संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को जरूरी उम्मीद और आशावाद मिलेगा तथा साथ मिलकर काम करने का संकल्प मजबूत होगा। जयशंकर ने आगाह किया कि इसमें ‘‘बहुत वास्तविक मुद्दे’’ दांव पर हैं, जिनमें शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा का भविष्य, जलवायु कार्रवाई और जलवायु न्याय, उभरती प्रौद्योगिकियां और विकास वित्त पोषण, आतंकवाद से मुकाबला, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना, आपदाओं से निपटने की क्षमता बढ़ाना और महामारी के लिए तैयारी करना शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि इन सभी के लिए ‘‘सहयोग की इच्छाशक्ति’’ जरूरी है। भारत ने कहा कि ‘‘अब तक हमने जो कुछ हासिल किया है, वह केवल सामूहिक प्रयासों से संभव हुआ है। इसका सबक यह है कि बेहतर की दिशा में प्रयास करते हुए जो अच्छा है, उसकी रक्षा की जाए।’’ कोस्टा ने सम्मेलन के सह-प्रायोजकों को सभी महाद्वीपों का प्रतिनिधित्व करने वाला ‘‘व्यापक और विविध’’ समूह बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय है। संघर्ष का दायरा फैल रहा है, अंतरराष्ट्रीय कानून, जिसमें संयुक्त राष्ट्र चार्टर भी शामिल है, का बार-बार उल्लंघन हो रहा है और बहुपक्षीय व्यवस्था दबाव में है।’’ रूटो ने कहा कि जिन संस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय सहयोग बनाए रखने के लिए बनाया गया था, जब वे स्वयं बढ़ते दबाव में हों तो देशों के बीच सहयोग में विश्वास बहाल करने का सवाल अब टाला नहीं जा सकता। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बनीज ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान देश अकेले काम करके नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा कि यूरोप में जमीनी युद्ध, पश्चिम एशिया में संघर्ष, वैश्विक महंगाई और कृत्रिम बुद्धिमत्ता समेत नयी प्रौद्योगिकियों का उभार ऐसी चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर को लेकर प्रतिबद्ध होना होगा और व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प भी लेना होगा। बारबाडोस की प्रधानमंत्री मोटली ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि उनके जैसे देशों की भी राय को महत्व दिया जाए। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्वतंत्रता प्राप्ति के दौर का उद्देश्य छोटे देशों को अवसर और विकल्प देना था, लेकिन दुर्भाग्य से उनकी भागीदारी और राय के बिना वे अवसर और विकल्प उनसे छीने जा रहे हैं।

ब्राजील के विदेश मंत्री वीएरा ने कहा कि दुनिया आज जलवायु परिवर्तन, नयी प्रौद्योगिकियों और वैश्विक उत्पादन श्रृंखलाओं में बदलाव जैसे अभूतपूर्व परिवर्तनों से गुजर रही है, जो भविष्य को आकार देंगे। उन्होंने कहा कि इनसे पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए कम नहीं, बल्कि अधिक संवाद और बहुपक्षवाद की जरूरत होगी। कनाडा के स्थायी प्रतिनिधि लैमेटी ने कहा कि प्रभावी बहुपक्षवाद कई स्तरों पर काम करता है।

उन्होंने कहा, ‘‘सार्वभौमिक संस्थाएं साझा सिद्धांतों को कायम रखती हैं, वैधता प्रदान करती हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि बड़े और छोटे सभी देशों की आवाज हो।’’ पहला पी4एम शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हुआ है जब 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद गहरे मतभेदों और ध्रुवीकरण का सामना कर रही है तथा दुनिया भर में जारी संघर्षों को रोकने और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने की अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में प्रभावी नहीं रही है। सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी और वीटो अधिकार वाले सदस्यों चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका के बीच तीखे मतभेदों के चलते यह परिषद दुनिया भर में जारी संघर्षों के बीच प्रभावी ढंग से काम करने में असमर्थ रही है।

Continue reading on the app

उज्जैन में मिठाई के पैकेट में मिले कीड़े, शिकायत के बाद खाद्य विभाग ने की दुकान और कारखाने की जांच

उज्जैन में पिछले कुछ समय से लगातार खाद्य विभाग की कार्रवाई देखने को मिल रही है। इस कड़ी में एक बात पर कोयला फाटक स्थित एक मिठाई की दुकान पर ग्राहक की शिकायत के बाद जांच पड़ताल की गई। टीम ने यहां से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं।

दरअसल, ये कार्रवाई लालाश्री मिष्ठान भंडार पर की गई। यहां से एक ग्राहक गुपचुप मिठाई लेकर अपने घर गया था। घर जाकर जब पैकेट खोला तो उसमें कीड़े रेंगते हुए मिले। ग्राहक ने फोटो खींचकर फूड विभाग में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद टीम सोमवार की शाम मिठाई की दुकान और कारखाने पर पहुंची। यहां से सैंपल कलेक्ट किए गए और मौके की जांच भी की गई।

ग्राहक ने की शिकायत

दुकान की मिठाई में कीड़े मिलने की शिकायत कोयला फाटक के रहने वाले चेतन शर्मा ने की है। उन्होंने बताया कि वह ढाई सौ ग्राम गुपचुप खरीद कर लाए थे। जिसके लिए उन्होंने 170 रुपए दिए थे। घर जाकर पैकेट खोला तो बदबू आ रही थी और कीड़े रेंग रहे थे। उनका कहना है कि पहले भी इस दुकान से खराब मिठाई मिली थी। तब शिकायत करने पर संचालक में दूसरी मिठाई दी थी।

फूड विभाग ने की जांच

ग्राहक से मिली शिकायत के आधार पर फूड ऑफिसर बसंत दत्त शर्मा टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि गुपचुप मिठाई में फंगस होने की बात कही गई थी। दुकान के साथ मिठाई बनाने के कारखाने का भी निरीक्षण किया गया है। सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

संचालक का क्या कहना

जब मिठाई में कीड़े रेंगने की बात सामने आई। उस पर दुकान संचालक राजकुमार गुप्ता ने बताया कि जिस ट्रे से निकाल कर गुपचुप मिठाई ग्राहक को दी गई है, उसे चेक किया गया है। ट्रे बिल्कुल ठीक है और कोई समस्या नहीं है। उनका कहना है कि मिठाई खराब मिलने पर इसे बदल दिया जाएगा या फिर ग्राहक को रुपए वापस कर दिया जाएंगे।

Continue reading on the app

  Sports

आखिरकार पाकिस्तान का भी खुला एशियन गेम्स में खाता, क्रिकेट में जीता ब्रॉन्ज मेडल

Asian Games 2026 Pakistan first medal: एक तरफ जहां भारतीय टीम एशियन गेम्स 2026 में अबतक आधा दर्जन से ज्यादा मेडल जीत चुकी है तो दूसरी ओर पाकिस्तानी दल ले-देकर अपना खाता खोल पाई है. महिला क्रिकेट इवेंट में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की है. Tue, 22 Sep 2026 11:11:32 +0530

  Videos
See all

एशिया के पहले TMZ की तैयारी, 5,500 करोड़ निवेश और 18 हजार रोजगार | Gwalior | MP News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-22T05:15:40+00:00

UP Government Jobs: 3 हजार 567 अभ्यर्थियों को Appointment Letter देंगे CM Yogi Adityanath | UP News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-22T05:12:14+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers