जबलपुर पुलिस ने किया चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, किराए के मकान में युवाओं को देता था ट्रेनिंग, 70 से ज्यादा केस दर्ज
जबलपुर पुलिस के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। दरअसल पुलिस ने एक ऐसे मास्टरमाइंड का खेल उजागर किया है जो भोपाल में किराए का मकान लेकर युवाओं और नाबालिगों को चोरी करने की ट्रेनिंग देता था। जबलपुर के तिलवारा थाना क्षेत्र में करीब 10 लाख रुपए की चोरी के मामले की जांच करते हुए पुलिस पुराने भोपाल तक पहुंची। यहां से फरार चल रहे आरोपी पप्पू मल्लाह उर्फ चकमा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक आरोपी के साथ उसकी पत्नी दीक्षा और तीन अन्य सहयोगियों की भी गिरफ्तारी हुई है जबकि ट्रेनिंग लेने वाले कई युवक पुलिस के पहुंचने से पहले वहां से निकल गए।
वहीं पुलिस का कहना है कि आरोपी खुद हर चोरी में सीधे शामिल नहीं होता था। वह अपने नेटवर्क के जरिए सूने मकानों की जानकारी जुटवाता और प्रशिक्षित युवकों को वारदात के लिए भेजता था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए किन-किन जिलों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया गया।
ऐसे दी जाती थी ट्रेनिंग
दरअसल पप्पू ने भोपाल में किराए का बड़ा मकान लेकर रोजाना करीब तीन से चार घंटे की कथित ट्रेनिंग शुरू कर रखी थी। यहां युवाओं और नाबालिगों को पहले थ्योरी में समझाया जाता था कि सूना मकान कैसे पहचानना है रैकी किस तरह करनी है और ताला तोड़ने के दौरान किन बातों का ध्यान रखना है। इसके बाद उन्हें प्रैक्टिकल तरीके से भी कई बातें सिखाई जाती थीं। पुलिस का दावा है कि ट्रेनिंग के दौरान सीसीटीवी कैमरों से बचने, पुलिस की नजर से दूर रहने और चोरी के समय मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने जैसी हिदायतें दी जाती थीं। जरूरत पड़ने पर भेष बदलने और आसपास लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के तरीके भी बताए जाते थे। जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी के लिए रात 2 बजे से 4 बजे के बीच का समय चुनता था, क्योंकि उस दौरान ज्यादातर लोग गहरी नींद में होते हैं।
पत्नी करती थी रैकी
वहीं पुलिस के मुताबिक आरोपी की पत्नी दीक्षा भी इस कथित नेटवर्क का अहम हिस्सा थी। वह दिन और शाम के समय कॉलोनियों में घूमकर ऐसे मकानों की पहचान करती थी जिन पर ताला लगा हो। रात में दोबारा जाकर यह देखा जाता था कि मकान मालिक लौटे हैं या नहीं। पूरी तरह पुष्टि होने के बाद ही कथित तौर पर चोरी की योजना बनाई जाती थी। दरअसल तिलवारा थाना प्रभारी ब्रजेश मिश्रा के अनुसार पप्पू पुलिस से बचने के लिए बार-बार अपना हुलिया बदलता था और कई बार पुलिस के सामने से भी निकल जाता था। पुलिस का कहना है कि उसके खिलाफ मध्यप्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी चोरी के मामले दर्ज हैं। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद पुराने मामलों को भी खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे और चोरी का सामान कहां खपाया जाता था।
सीएम डॉ. मोहन यादव आज बेंगलुरु में निवेशकों से करेंगे संवाद, ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन पर रहेगा फोकस
मध्यप्रदेश में टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार निवेशकों से सीधे संवाद की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज बेंगलुरु में टेलीकॉम उद्योग से जुड़े प्रमुख निवेशकों और कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ इन्वेस्टर्स राउंड टेबल में शामिल होंगे। बैठक में ग्वालियर में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को निवेश के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री निवेशकों के सामने ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में उपलब्ध सुविधाओं, निवेश के अवसरों और मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों की जानकारी रखेंगे। टेलीकॉम उपकरणों के निर्माण के साथ अनुसंधान, नवाचार और इससे जुड़े उद्योगों के विस्तार की संभावनाओं पर भी बातचीत होगी। निवेशकों की जरूरतों और प्रस्तावों के आधार पर राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले नीतिगत सहयोग पर भी चर्चा होगी।
ग्वालियर टीएमजेड की संभावनाओं का होगा प्रेजेंटेशन
इन्वेस्टर्स राउंड टेबल में ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की प्रमुख विशेषताओं और वहां उपलब्ध निवेश सुविधाओं का प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी निवेशकों को टीएमजेड से जुड़े अवसरों तथा नीतिगत समर्थन की जानकारी देंगे।
बैठक में टेलीकॉम क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। जो कंपनियां ग्वालियर टीएमजेड में निवेश की संभावनाएं तलाश रही हैं, उनके प्रस्तावों और अपेक्षाओं पर भी संवाद होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव निवेशकों को मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए उपलब्ध संसाधनों और राज्य सरकार की ओर से दिए जा रहे सहयोग की जानकारी देंगे।
केंद्र और राज्य के समन्वय पर भी जोर
इस संवाद में भारत सरकार के संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल होंगे। केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उद्योग जगत की मौजूदगी में होने वाली बैठक के जरिए ग्वालियर टीएमजेड में निवेश और टेलीकॉम विनिर्माण से जुड़े अवसरों पर चर्चा की जाएगी।
बेंगलुरु में तकनीकी संस्थानों का दौरा भी करेंगे मुख्यमंत्री
सीएम मोहन यादव बेंगलुरु प्रवास के दौरान टेलीकॉम और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख संस्थानों का भी दौरा करेंगे। वे क्वालकॉम के आरएंडडी सेंटर के साथ सिग्नलचिप इनोवेशन और सिग्नलट्रॉन सिस्टम का अवलोकन करेंगे। इन केंद्रों पर अनुसंधान, नवाचार और टेलीकॉम तकनीक से जुड़े कार्यों की जानकारी ली जाएगी।
इस दौरान बेंगलुरु के तकनीकी इकोसिस्टम और मध्यप्रदेश में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के बीच संभावित सहयोग के क्षेत्रों को भी समझने का प्रयास किया जाएगा। इससे ग्वालियर में टेलीकॉम विनिर्माण के साथ तकनीकी अनुसंधान और इससे जुड़े उद्योगों के विस्तार की संभावनाओं पर आगे की दिशा तय करने में मदद मिल सकती है।
टेलीकॉम सेक्टर में निवेश का नया डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बेंगलुरु में आयोजित ‘निवेश संवाद’ में प्रमुख उद्योग समूहों एवं निवेशकों से करेंगे संवाद
???? इन्वेस्टर्स राउंड टेबल में ग्वालियर TMZ की संभावनाओं और नीतिगत सहयोग पर होगी चर्चा
????️22 सितंबर 2026… pic.twitter.com/uv7QNMk7w3
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) September 22, 2026
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