Thane Court ने अवैध रूप से रहने पर दो बांग्लादेशी महिलाओं को सुनाई जेल की सजा
भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने और बिना वैध दस्तावेजों के रहने के अलग-अलग मामलों में दो बांग्लादेशी महिलाओं को दोषी ठहराया गया है। पहले मामले में, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी. डी. शेल्के ने 55 वर्षीय मोर्जिना ओलियर फकीर को विदेशी अधिनियम की धारा 14ए(बी) के तहत दोषी ठहराया और उन्हें दो साल के सश्रम कारावास तथा 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मानव तस्करी विरोधी प्रकोष्ठ (एएचटीसी) ने फकीर को पिछले साल 12 मई को मीरा मार्ग (पूर्व) के शांति पार्क से गिरफ्तार किया था।
वहीं, दूसरे मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी. एल. भोसले ने 35 वर्षीय रूपबन बेगम चाचामियां शेख को भारतीय पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम और विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत दोषी ठहराया। एएचटीसी ने शेख को 24 मई 2025 को मीरा रोड (पूर्व) से गिरफ्तार किया था। अधिकारियों को उसके मोबाइल फोन में बांग्लादेशी पासपोर्ट और राष्ट्रीय पहचान पत्र की डिजिटल प्रतियां मिली थीं।
अदालत ने उसे पासपोर्ट अधिनियम के तहत छह महीने के सश्रम कारावास और विदेशी अधिनियम के तहत एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
सपा प्रमुख Akhilesh Yadav के चवन्नी वाले तंज पर बोले RLD नेता KC Tyagi, हम 500 रुपये के नोट हैं
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले तंज पर पलटवार करते हुए राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने सोमवार को कहा, ‘‘हम चवन्नी नहीं हैं, बल्कि महात्मा गांधी की तस्वीर वाला 500 रुपये का नोट हैं।’’ त्यागी अखिलेश यादव की अगस्त में की गई उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने अपने पूर्व सहयोगी और रालद प्रमुख जयंत चौधरी को ‘चवन्नी’ कहा था। यह टिप्पणी 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान चौधरी की उस टिप्पणी के संदर्भ में थी, जब उन्होंने सपा के सहयोगी रहते हुए भाजपा के प्रस्तावों को ठुकरा दिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि वह कोई ऐसी ‘चवन्नी’ नहीं हैं, जिसे आसानी से ‘पलटा’ जा सके।
बाद में चौधरी ने सपा से गठबंधन समाप्त कर दिया और भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गए। वर्तमान में वह केंद्रीय मंत्री हैं। यह तीखी बयानबाजी ऐसे समय में हुई है जब राजनीतिक दल 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटे हैं।
त्यागी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पिता मुलायम सिंह यादव पूर्व प्रधानमंत्री और जयंत चौधरी के दादा चौधरी चरण सिंह के राजनीतिक प्रभाव को समझते थे लेकिन अगली पीढ़ी इसे याद नहीं रख पाई। उन्होंने हाथरस के मुरसान में पार्टी की ‘स्वाभिमान सम्मान पदयात्रा एवं समरसता अभियान’ की शुरुआत के अवसर पर यह बात कही। रालोद में शामिल होने के बाद ब्रज क्षेत्र में यह त्यागी का पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था।
‘चवन्नी’ वाली टिप्पणी का जिक्र करते हुए रालोद संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष त्यागी ने कहा, ‘‘ हमें यह साबित करना है कि हम ‘चवन्नी’ नहीं, बल्कि 500 रुपये का नोट हैं।’’ त्यागी ने लोगों से अपील की कि अगर उन्हें कभी लगे कि ‘कमल’ (भाजपा का चुनाव चिह्न) मुरझा रहा है, तो वे ‘नल’ (रालोद का चुनाव चिह्न) से पानी लेकर उसे सींचें, ताकि वह फिर खिल सके।
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