अफसरों के यहां कुक-नाई पुलिसकर्मियों की महाकाल को अर्जी:लिखा- वर्दी अपमान से झुकी हुई, बच्चे गुलाम न समझें; जनरल ड्यूटी में मर्ज करने की मांग
हमारी वर्दी आज अपमान से झुकी हुई है। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे न कहें कि उनके पिता गुलाम हैं। ये अर्जी अफसरों की ‘चाकरी’ (अर्दली व्यवस्था) के विरोध में मध्य प्रदेश पुलिस के सिपाही-हवलदारों ने महाकाल के दरबार में लगाई है। मप्र में ऐसा पहली बार हुआ है, जब ट्रेड आरक्षक कैडर यानी कुक, नाई, धोबी, मोची, स्वीपर जैसे पुलिसकर्मियों ने सरकारी आदेशों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मप्र पुलिस में ऐसे ट्रेड आरक्षक कैडर के 5500 पुलिसकर्मी हैं, जो आरक्षक जीडी (जनरल ड्यूटी) में संविलियन (मर्ज) की मांग कर रहे हैं। मुराद पूरी कराने उज्जैन महाकाल के दरबार में ऐसे पुलिसकर्मियों का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा। पुलिसकर्मियों ने सामूहिक रूप से लिखित अर्जी महाकाल के चरणों में दी है। प्रमोशन के बाद भी स्वीपर का काम आरक्षक ट्रेड कैडर से भर्ती हुए ये पुलिसकर्मी तकरीबन 7 साल की सेवा पूरी कर जिला पुलिस के सहयोगी बनने के पात्र हो गए हैं। 12 साल से इनके जीडी में मर्ज पर रोक लगी है। पड़ोसी राज्यों में मर्ज कर बल की कमी पूरी की जा रही है। नतीजा ये है कि ट्रेड में भर्ती हुए इन पुलिसकर्मियों को प्रमोशन तो मिल रहा है, लेकिन उन्हें काम कुक, नाई, धोबी, मोची, स्वीपर के ही करने पड़ रहे हैं। इनमें कई तो ऐसे भी हैं, जो पदोन्नति पाकर सब इंस्पेक्टर स्तर तक पहुंच गए, लेकिन काम अफसरों के घर पर ही कर रहे हैं। डीजीपी नंदन दुबे ने 2012 में जारी किए थे आदेश ट्रेड आरक्षकों ने महाकाल को दिए अपने पत्र में बताया है कि पहले मध्यप्रदेश में नियम जी.ओ.पी-57/93 के तहत 5 वर्ष की सेवा के बाद उन्हें जनरल ड्यूटी (GD) में संविलियन किया जाता था। इससे वे फील्ड में कानून व्यवस्था संभालते थे। लेकिन वर्ष 2012 में निजी स्वार्थ के लिए अचानक जी.ओ.पी-57/93 बंद कर दी गई, जिससे 5500 जवान में से कई आज भी अफसरों की निजी सेवा में फंसे हुए हैं। ट्रेड आरक्षकों ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से सीधे नहीं, बल्कि बाबा महाकाल के दरबार में प्रार्थना पत्र शिवलिंग पर समर्पित कर मुख्यमंत्री के हृदय में करुणा जगाने की गुहार लगाई है। ये भी पढ़ें... कुत्ते के लिए आरआई ने कॉन्स्टेबल को बेल्ट से पीटा खरगोन में पालतू डॉग के गुम होने से नाराज रिजर्व इंस्पेक्टर (आरआई) ने कॉन्स्टेबल की पिटाई कर दी। कॉन्स्टेबल का आरोप है कि आरआई और उनकी पत्नी ने जातिसूचक अपशब्द कहे और बेल्ट से पीटा। मामला 23 अगस्त का है। सोशल मीडिया पर चोटें दिखाने का वीडियो वायरल होने के बाद पीड़ित कॉन्स्टेबल राहुल चौहान ने बुधवार को अजाक (अनुसूचित जाति/जनजाति) थाने में लिखित शिकायत दी है। पढ़ें पूरी खबर...
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