Monsoon Return Alert: विदाई से पहले फिर बदला मौसम; यूपी, बिहार और एमपी समेत 24 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
देश भर में मानसूनी सीजन अपने अंतिम चरण में है, लेकिन मानसून की विदाई से ठीक पहले एक नया वायुमंडलीय दबाव और मौसमी सिस्टम सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत से लेकर मध्य और पश्चिमी भारत तक बारिश का दौर एक बार फिर लौटने लगा है।
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान देश के 24 राज्यों में मध्यम से भारी बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
यूपी-बिहार में बारिश और वज्रपात की चेतावनी
उत्तर प्रदेश और बिहार में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। यूपी के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में 23 और 24 सितंबर को गरज-चमक के साथ तेज बारिश और हवाएं चलने का अनुमान है।
वहीं बिहार के कई जिलों में 23 सितंबर से मानसूनी बारिश में तेजी आएगी, जिसके चलते 24 और 25 सितंबर को मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश और गुजरात में फिर एक्टिव हुआ मानसून
मध्य प्रदेश में 22 सितंबर से नया मौसम सिस्टम सक्रिय होने से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई संभागों में झमाझम बारिश की संभावना बढ़ गई है। इसके साथ ही गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा के तटीय इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज तूफानी हवाओं और भारी बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मछुआरों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी राज्यों में मौसम की स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में बारिश के साथ भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम का अपडेट देखकर ही सफर करने का आग्रह किया है।
दिल्ली-NCR और राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में मौसम मुख्य रूप से साफ से आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा, जहां अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। वहीं राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में धूप खिलने और मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, हालांकि राज्य के कुछ सीमित पूर्वी इलाकों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
SC Landmark Judgment: अब UAPA समेत सभी मामलों में आरोपी को लिखित में बताने होंगे गिरफ्तारी के कारण
व्यक्तिगत स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद अहम और दूरगामी फैसला सुनाया है। जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने स्पष्ट किया कि संविधान का अनुच्छेद 22(1) केवल एक औपचारिक नियम नहीं है, बल्कि यह देश के हर नागरिक का मौलिक और संवैधानिक अधिकार है। अदालत ने कहा कि चाहे सामान्य अपराध का मामला हो या UAPA जैसे कड़े विशेष कानून का, किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी का लिखित आधार बिना किसी अपवाद के उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
आरोपी की समझ में आने वाली भाषा में देना होगा लिखित कारण
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल मौखिक रूप से बताना या ऐसी भाषा में लिखित कारण देना जो आरोपी समझ न पाए, संवैधानिक संरक्षण को बेअसर कर देता है। जांच एजेंसियों को गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में और उसी भाषा में देने होंगे जिसे आरोपी समझता हो। अगर तुरंत लिखित प्रति देना संभव न हो, तो भी आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने से कम से कम दो घंटे पहले लिखित प्रति मुहैया करानी होगी।
कारण न बताने पर अवैध मानी जाएगी गिरफ्तारी
अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि यदि पुलिस या जांच एजेंसी इस प्रक्रिया और समयसीमा का पालन करने में विफल रहती है, तो ऐसी गिरफ्तारी पूरी तरह से असंवैधानिक और गैर-कानूनी मानी जाएगी। ऐसी स्थिति में गिरफ्तार व्यक्ति तुरंत रिहा होने का हकदार होगा। बेंच ने कहा कि अनुच्छेद 22 के तहत दिए गए बुनियादी सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जा सकता।
दोबारा गिरफ्तारी के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी
सर्वोच्च अदालत ने यह भी व्यवस्था दी कि यदि किसी व्यक्ति को सिर्फ इसलिए अदालत द्वारा रिहा किया जाता है कि उसे गिरफ्तारी के लिखित कारण नहीं दिए गए थे या उसे 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश नहीं किया गया था, तो जांच एजेंसी उसे सीधे दोबारा गिरफ्तार नहीं कर सकती। ऐसी स्थिति में एजेंसी को आरोपी को फिर से गिरफ्तार करने के लिए पहले संबंधित मजिस्ट्रेट से अनुमति लेनी होगी।
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