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Chabahar Port Crisis | चाबहार पोर्ट पर संकट टालने की कोशिश! 26 अप्रैल की समयसीमा से पहले अमेरिका से प्रतिबंधों में छूट मांग रहा है भारत

भारत और ईरान के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह परियोजना को लेकर विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को बड़ी जानकारी साझा की है। भारत सरकार ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि भारत इस प्रोजेक्ट से बाहर हो गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत इस परियोजना पर अमेरिकी प्रतिबंधों से छूट पाने के लिए वाशिंगटन के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिससे सिस्तान-बलूचिस्तान में ईरान के दक्षिणी तट पर रणनीतिक रूप से स्थित चाबहार पोर्ट के विकास में भारत की भूमिका को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।

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हालांकि अमेरिका ने इस प्रोजेक्ट पर अपनी पिछली छूट रद्द कर दी थी, लेकिन उसने भारत को छह महीने की छूट दी, जो 26 अप्रैल, 2026 तक वैलिड है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की कि भारत शर्तों को साफ करने और सुरक्षित तरीके से अपनी भागीदारी जारी रखने के लिए अमेरिका के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है।

अपने हितों की रक्षा के लिए भारत के कदम

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत कई विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें प्रोजेक्ट में सीधे जोखिम को कम करने के लिए अपने तय $120 मिलियन को ट्रांसफर करना शामिल है। एक और संभावना जिस पर चर्चा हो रही है, वह है चाबहार के विकास को जारी रखने के लिए एक नई इकाई बनाना, जबकि भारतीय सरकार के लिए जोखिम को कम से कम किया जाए।

भारत इस प्रोजेक्ट के प्रति प्रतिबद्ध है क्योंकि यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) में इसकी संभावित भूमिका है, जो भारत, ईरान, अफगानिस्तान, रूस, मध्य एशिया और यूरोप को जोड़ने वाला 7,200 किलोमीटर का ट्रांसपोर्ट नेटवर्क है।
 

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पिछले साल ईरान के साथ भारत का दो-तरफ़ा व्यापार $1.6 बिलियन था, जिसमें $1.2 बिलियन का निर्यात और $0.4 बिलियन का आयात शामिल था। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बावजूद, सरकारी सूत्रों ने कहा कि नए टैरिफ का भारत के व्यापार पर बहुत कम असर पड़ने की उम्मीद है।

ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा

विदेश मंत्रालय ईरान में स्थिति पर करीब से नज़र रख रहा है, जहाँ सरकार विरोधी विरोध प्रदर्शनों में 2,500 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई है।

भारतीयों के लिए एडवाइजरी

चाबहार पर बातचीत के बीच, ईरान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं:

यात्रा न करने की सलाह: MEA ने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा करने से बचने की सलाह दी है।
 
देश छोड़ने का निर्देश: जो भारतीय नागरिक पहले से ईरान में हैं (लगभग 9,000 लोग, जिनमें छात्र और पेशेवर शामिल हैं), उन्हें उपलब्ध व्यावसायिक उड़ानों के माध्यम से जल्द से जल्द ईरान छोड़ने को कहा गया है।
 
ट्रंप प्रशासन का प्रभाव: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी के बाद भारत के लिए यह 'डिप्लोमैटिक बैलेंसिंग' काफी चुनौतीपूर्ण हो गई है।

फिलहाल, लगभग 9,000 भारतीय, जिनमें ज़्यादातर छात्र हैं, ईरान में रहते हैं। भारत ने अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है और वहाँ रहने वालों से उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने का आग्रह किया है। जायसवाल ने ज़ोर देकर कहा कि तेहरान में भारतीय दूतावास उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में है।

ईरान में अशांति ईरानी मुद्रा में गिरावट के बाद शुरू हुई, जो आर्थिक शिकायतों से राजनीतिक बदलाव की मांगों में बदल गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई जारी रखती है तो सैन्य कार्रवाई की जाएगी।

भारत के लिए चाबहार न केवल व्यापारिक बल्कि सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। 26 अप्रैल 2026 की समयसीमा से पहले भारत का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा स्थायी कूटनीतिक समाधान निकालना है जिससे अमेरिकी प्रतिबंधों का खतरा टल जाए और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बाधित न हो।

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Rishikesh Ganga Aarti controversy | ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर गंगा आरती जारी रहेगी, उच्च न्यायालय ने शर्तों के साथ दी अनुमति

 ऋषिकेश, जिसे 'विश्व की योग राजधानी' कहा जाता है, अपनी आध्यात्मिकता और शांति के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहाँ के त्रिवेणी घाट पर होने वाली गंगा आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है जो आत्मा को शांति और दिव्यता से भर देता है। लेकिन इसे लेकर कुछ विवाद हुआ। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किया है। अदालत ने जनहित और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को प्राथमिकता देते हुए आरती को कुछ शर्तों के साथ जारी रखने की अनुमति दे दी है।

न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की अवकाशकालीन पीठ ने जनहित और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह आदेश पारित किया। मामले के अनुसार, ऋषिकेश नगर निगम ने एक आदेश जारी कर श्री गंगा सभा को गंगा आरती करने से इस आधार पर रोक दिया था कि उसका पंजीकरण समाप्त हो चुका है और इसलिए उसे आरती करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

नगर निगम ने श्री गंगा सभा पर व्यावसायिक शोषण और गंदगी फैलाने के आरोप भी लगाए थे। नगर निगम के इस आदेश को चुनौती देते हुए श्री गंगा सभा ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उच्च न्यायालय ने गंगा आरती के सांस्कृतिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप की प्राचीन सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत का हिस्सा है और इसे अचानक रोकना उचित नहीं है। न्यायालय ने कहा कि वर्षों से जारी परंपरा को बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक समाप्त करना जनहित में नहीं है और इससे तीर्थयात्रियों तथा पर्यटकों को गंभीर असुविधा हो सकती है।

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हालांकि न्यायालय ने यह स्वीकार किया कि श्री गंगा सभा का पंजीकरण समाप्त हो चुका है और उसके पास कोई स्थायी अधिकार नहीं है, लेकिन अस्थायी व्यवस्था के रूप में गंगा आरती जारी रखने की अनुमति देना आवश्यक बताया। न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को निर्धारित की है और तब तक श्री गंगा सभा को आरती करने से रोकने के नगर निगम के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही न्यायालय ने निर्देश दिया कि श्री गंगा सभा आरती में भाग लेने के लिए किसी भी श्रद्धालु से कोई प्रवेश शुल्क या धन नहीं लेगी।

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नगर निगम की अनुमति के बिना फूल, दीये और अन्य पूजा सामग्री बेचने वाले स्थानीय दुकानदारों से कोई कमीशन या किराया भी नहीं लिया जाएगा। न्यायालय ने यह भी कहा कि घाट पर गंदगी न फैले, यह सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी श्री गंगा सभा की होगी। आरती के बाद फूल, कपूर, तेल आदि के अवशेषों का उचित निपटान अनिवार्य रूप से किया जाएगा ताकि गंगा नदी प्रदूषित न हो।

आध्यात्मिक महत्व

त्रिवेणी घाट ऋषिकेश का सबसे बड़ा और सबसे पवित्र घाट है। माना जाता है कि यहाँ तीन पवित्र नदियों— गंगा, यमुना और सरस्वती—का अदृश्य संगम होता है। श्रद्धालु यहाँ पितृ तर्पण और पवित्र स्नान के लिए आते हैं, लेकिन शाम होते ही यहाँ का नजारा पूरी तरह बदल जाता है।

त्रिवेणी घाट की आरती का आयोजन अक्सर गीता भवन ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। यहाँ की विशेषता यह है कि यह अन्य घाटों की तुलना में अधिक शांत और सामुदायिक अहसास कराती है। यहाँ बैठकर भक्त गंगा मैया के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिन्हें जीवन देने वाली देवी माना जाता है। 

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  Sports

Video: दुनियाभर में घूम-घूम कर नाक कटवा रहे पाकिस्तानी खिलाड़ी, भारत के खिलाफ गन सेलिब्रेशन करने वाले फरहान को जॉन सीना बनना पड़ा महंगा

Pakistan batter Sahibzada Farhan Mocks Bowler: बांग्लादेश प्रीमियर लीग में पाकिस्तान के साहिबजादे फरहान ने Ruyel Miah को WWE जॉन सीना स्टाइल में चिढ़ाया. ऐसा करना उनको महंगा पड़ा क्योंकि अगली ही गेंद पर ही उनको आउट होकर आउट होकर लौटना पड़ा. ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. Sat, 17 Jan 2026 13:58:29 +0530

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