Premanand Ji Maharaj: कमजोर शरीर, कठोर दिनचर्या और आधी रोटी, फिर भी वृंदावन से बाहर क्यों नहीं जाते प्रेमानंद महाराज?
Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद महाराज का क्षेत्र सन्यास उनके जीवन का सबसे बड़ा संकल्प है. खराब किडनियों, कम भोजन और कठिन दिनचर्या के बावजूद वह वृंदावन नहीं छोड़ते. राधा रानी के प्रति समर्पण और हठ योग ही उनकी असली शक्ति है.
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