आपका पैसा- सेविंग अकाउंट पर पाएं FD के बराबर ब्याज:जानें पूरा प्रोसेस, खाते में कितना मिनिमम बैलेंस जरूरी, कैसे मिलेगा फायदा
सेविंग अकाउंट को अक्सर रोज के लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें लोग बहुत पैसे नहीं रखते हैं, क्योंकि आमतौर पर सेविंग अकाउंट में ब्याज बहुत कम मिलता है। बेहतर रिटर्न के लिए लोग फिक्स डिपॉजिट (FD) का रुख करते हैं। FD में समस्या ये है कि पैसा लॉक हो जाता है। इसका मतलब है कि FD के लॉक-इन पीरियड के दौरान पैसे नहीं निकाल सकते हैं। ऐसा करने पर बैंक पेनल्टी लगाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए कई बैंक ऐसे सेविंग अकाउंट की सुविधा दे रहे हैं, जिनमें पैसा जमा करके FD के बराबर ब्याज कमाया जा सकता है। इसमें न तो पैसा फिक्स करने की जरूरत है और न ही जरूरत पर पैसे निकालने में कोई पेनल्टी लगती है। यह विकल्प खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो सेविंग अकाउंट में कुछ समय के लिए अच्छी-खासी रकम रखते हैं। इसलिए आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में जानेंगे कि सेविंग अकाउंट पर FD जैसा ब्याज कैसे मिलेगा। एक्सपर्ट: राजशेखर, फाइनेंशियल एक्सपर्ट सवाल- ये कैसे सेविंग अकाउंट हैं, जिनमें FD के बराबर ब्याज मिलता है? जवाब- सेविंग अकाउंट पर आमतौर पर 2.5% से 3.5% तक सालाना ब्याज मिलता है। जबकि FD पर ये दर 6% से 7.5% तक होती है। लेकिन अब कई बैंक ऐसे ‘हाई इंटरेस्ट सेविंग अकाउंट’ या ‘ऑटो स्वीप’ अकाउंट की सुविधा दे रहे हैं, जिनमें तय लिमिट से ज्यादा पैसा FD की तरह ट्रांसफर हो जाता है और उस पर FD की दर से ब्याज मिलता है। इन्हें ऑटो स्वीप अकाउंट या फ्लेक्सी फिक्स डिपॉजिट कहा जाता है। सवाल- ऑटो स्वीप अकाउंट या फ्लेक्सी फिक्स डिपॉजिट क्या है? जवाब- इस सुविधा में आपका सेविंग अकाउंट एक तय सीमा तक सामान्य सेविंग अकाउंट की तरह ही काम करता है। इस लिमिट से ज्यादा पैसा आते ही अतिरिक्त रकम अपने आप एक लिंक्ड FD में बदल जाती है, जिस पर FD जितना ब्याज मिलता है। मान लीजिए, आपके खाते की तय सीमा 25,000 रुपए है। अगर खाते में 40,000 रुपए आ जाते हैं तो 15,000 रुपए अपने-आप FD में चले जाएंगे। जब आपको पैसों की जरूरत पड़ेगी और सेविंग बैलेंस कम होगा तो यह FD अपने-आप टूटकर रकम फिर से सेविंग अकाउंट में आ जाएगी। इससे आपको बेहतर ब्याज भी मिलता है और जरूरत पड़ने पर आप पैसा तुरंत निकाल भी सकते हैं। यहां एफडी तोड़ने का झंझट नहीं होता। सवाल- ऑटो स्वीप सुविधा के क्या फायदे हैं? जवाब- ऑटो स्वीप सुविधा उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिनके सेविंग अकाउंट में बड़ा अमाउंट जमा रहता है। लेकिन साथ ही वो अपना पैसा लंबी अवधि के लिए ब्लॉक भी नहीं करना चाहते। उन्हें कभी भी अकाउंट से पैसे निकालने की जरूरत पड़ सकती है। वे चाहते हैं कि अच्छा ब्याज मिले और FD में पैसा लॉक भी न हो। इस तरह के अकाउंट में तय सीमा से ज्यादा रकम अपने-आप FD में चली जाती है, जिससे अच्छा रिटर्न मिलता है। जरूरत पड़ने पर FD टूट जाती है और पैसा फिर से सेविंग अकाउंट में आ जाता है। इससे लिक्विडिटी बनी रहती है, पैसा सुरक्षित रहता है और बिना किसी मेहनत के बेहतर ब्याज मिलता है। सवाल- हाई इंटरेस्ट सेविंग अकाउंट में बेहतर ब्याज के लिए क्या करना चाहिए? जवाब- आमतौर पर बैंक ऐसे ग्राहकों को ज्यादा ब्याज देते हैं, जो खाते में नियमित रूप से अच्छी रकम रखते हैं। इसके अलावा कुछ फिनटेक एप्स अपने बैंकिंग पार्टनर्स के साथ मिलकर 6.75% तक ब्याज की सुविधा देते हैं। हाई इंटरेस्ट सेविंग अकाउंट में बेहतर ब्याज के लिए ज्यादा-से-ज्यादा बैलेंस बनाए रखना चाहिए। इससे बिना अलग निवेश किए बेहतर रिटर्न मिलता है। सवाल- क्या सभी सेविंग अकाउंट्स पर लागू हो सकता है? जवाब- नहीं, यह सुविधा हर सेविंग अकाउंट पर अपने-आप लागू नहीं होती है। आमतौर पर यह ऑप्शन हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI), प्रीमियम या डिजिटल सेविंग अकाउंट्स में दिया जाता है। हालांकि अब कई बैंक सामान्य सेविंग अकाउंट होल्डर्स को भी ऑटो स्वीप जैसी सुविधाएं देने लगे हैं। इसके लिए अलग से रिक्वेस्ट करनी पड़ सकती है या कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं। बेहतर होगा कि आप अपने बैंक से संपर्क कर यह जान लें कि आपके सेविंग अकाउंट में यह सुविधा उपलब्ध है या नहीं और इसे कैसे एक्टिवेट किया जा सकता है। सवाल- ऑटो स्वीप FD के लिए क्या प्रक्रिया है? जवाब- ऑटो स्वीप FD की सुविधा लेने के लिए सबसे पहले आपको अपने बैंक से इसे एक्टिवेट कराना होता है। इसके लिए आप ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल एप या बैंक ब्रांच की मदद ले सकते हैं। एक्टिवेशन के समय आपको एक तय लिमिट चुननी होती है, जैसे 25,000 या 50,000 रुपए। इस लिमिट से ज्यादा जो भी पैसा खाते में आएगा, वह अपने-आप FD में बदल जाएगा। जरूरत पड़ने पर यह FD टूटकर रकम फिर सेविंग अकाउंट में आ जाती है। इससे पैसा सुरक्षित रहता है और बेहतर ब्याज भी मिलता है। सवाल- क्या ऑनलाइन भी इसका फायदा उठाया जा सकता है? जवाब- हां, ऑटो स्वीप FD की सुविधा का फायदा ऑनलाइन भी उठाया जा सकता है। आज ज्यादातर बैंक और डिजिटल बैंकिंग एप्स इसे नेट बैंकिंग या मोबाइल एप के जरिए एक्टिवेट करने का विकल्प देते हैं। कुछ बैंक अकाउंट खोलते समय ही यह सुविधा ऑफर करते हैं, जबकि कई बैंक बाद में इसे ऑन करने की सुविधा देते हैं। इसके लिए ब्रांच जाने की जरूरत नहीं होती और कुछ ही क्लिक में यह सुविधा चालू की जा सकती है। सवाल- इसके नुकसान क्या हैं? जवाब- ऑटो स्वीप FD के ज्यादा नुकसान नहीं होते, लेकिन इन्हें समझना जरूरी है। कुछ मामलों में ब्याज टैक्सेबल होता है या पेनल्टी लग सकती है। आइए ग्राफिक से आसान भाषा में समझते हैं। आइए ग्राफिक्स में दिए पॉइंट्स विस्तार से समझते हैं- टैक्स छूट नहीं मिलती ऑटो स्वीप FD से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है। इस पर आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है। इसमें सेक्शन 80C जैसी कोई टैक्स छूट नहीं मिलती, जो टैक्स सेविंग FD में मिलती है। इसलिए टैक्स बचाने के मकसद से निवेश करने वालों के लिए यह विकल्प ज्यादा आकर्षक नहीं है। ब्याज दर सामान्य FD से कम हो सकती है कुछ बैंक ऑटो स्वीप FD पर रेगुलर FD के मुकाबले थोड़ी कम ब्याज दर देते हैं। वजह यह है कि इसमें जरूरत पड़ने पर FD जल्दी टूट सकती है। ऐसे में लंबे समय के निवेशकों को अपेक्षाकृत कम रिटर्न मिल पाता है। जल्दी ब्रेक होने पर ब्याज में कटौती जब सेविंग अकाउंट का बैलेंस तय सीमा से नीचे जाता है, तो बैंक FD तोड़ देता है। यह अक्सर कम अवधि में होता है, जिस पर ब्याज दर कम मिलती है या बैंक 0.5% से 1% तक पेनल्टी काट सकता है। इससे कुल ब्याज घट जाता है। न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना जरूरी ऑटो स्वीप सुविधा वाले अकाउंट में तय न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है। अगर बैलेंस इससे कम हो जाए, तो बैंक पेनल्टी लगा सकता है या यह सुविधा बंद भी कर सकता है। हर बैंक के नियम अलग होते हैं FD की अवधि, ब्याज दर, स्वीप-इन लिमिट और FD तोड़ने की शर्तें हर बैंक में अलग-अलग होती हैं। सही जानकारी लिए बिना यह सुविधा लेने पर नुकसान हो सकता है। जैसे, किसी बैंक में 25,000 पर स्वीप शुरू होता है, तो किसी में 1 लाख पर। कम अवधि की FD में ब्याज कम होता है स्वीप-इन अकाउंट में बनने वाली FD आमतौर पर 180 दिन या उससे कम अवधि की होती है। इस पर मिलने वाला ब्याज लंबी अवधि वाली FD के मुकाबले कम होता है, जो ज्यादा रिटर्न चाहने वालों को निराश कर सकता है। .................................. आपका पैसा से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- CIBIL स्कोर खराब, नहीं मिल रहा क्रेडिट कार्ड: FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड है अच्छा विकल्प, एक साल में सुधरेगा स्कोर अगर किसी का CIBIL स्कोर खराब है या अब तक कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं बनी है, तो उसके लिए क्रेडिट कार्ड लेना मुश्किल है। ऐसे लोगों के लिए बैंक अलग से एक सुविधा देती है, जिसे FD बेस्ड क्रेडिट कार्ड कहते हैं। पूरी खबर पढ़िए...
जरूरत की खबर- 100 ग्राम पालक में 310% विटामिन A:न्यूट्रिशनिस्ट से जानें पालक के 10 हेल्थ बेनिफिट्स, साथ ही किसे नहीं खाना चाहिए
अगर सर्दियों के मौसम में सब्जी बाजार से गुजरें, तो हर तरफ ताजे हरे साग की खुशबू आती है। इनमें से पालक ऐसा साग है, जो पूरे साल भर हमारी थाली में रहता है। सर्दियों में ज्यादा आसानी से मिलता है। स्वाद में जबरदस्त और न्यूट्रिशन से भरपूर पालक पहली बार पर्शिया यानी आज के ईरान में लगभग 2000 साल पहले उगाया गया था। इसके बाद व्यापारी इसे अपने साथ दक्षिण एशिया लेकर आए। मौजूदा वक्त में पालक सबसे अधिक चीन में उगाया जाता है। पालक हर डिश में आसानी से घुल-मिलकर स्वाद और सेहत दोनों को बढ़ाता है। इसलिए जरूरत की खबर में आज पालक की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, न्यूट्रिशनिस्ट और ‘वनडाइटटुडे’ की फाउंडर सवाल- पालक की न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या है? जवाब- पालक लो-कैलोरी और हाई न्यूट्रिशन वाली हरी सब्जी है। इसमें मौजूद ज्यादातर कार्ब्स फाइबर के रूप में होता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज रोकने में मदद करता है। इसमें शुगर न के बराबर होती है। पालक का इनसॉल्यूबल फाइबर स्टूल को बल्क देता है और गट हेल्थ को सपोर्ट करता है। इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू ग्राफिक में देखिए- सवाल- पालक में कौन से विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं? जवाब- पालक विटामिन्स और मिनरल्स का शानदार सोर्स है। इसमें कैरोटिनॉइड्स होते हैं, जिन्हें शरीर विटामिन A में बदलता है। ये आंखों की रोशनी और स्किन के लिए लाभदायक है। इसमें विटामिन C अच्छी मात्रा में मिलता है, जो इम्यूनिटी और स्किन हेल्थ को सपोर्ट करता है। इसमें मौजूद भरपूर आयरन हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी है, जबकि कैल्शियम हड्डियों और मांसपेशियों के लिए जरूरी मिनरल है। इसमें मौजूद सभी विटामिन और मिनरल्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- पालक खाने के क्या फायदे हैं? जवाब- पालक खाने से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं। इसमें मौजूद विटामिन A आंखों और त्वचा की सेहत को बेहतर बनाता है, जबकि विटामिन C इम्युनिटी मजबूत करता है। इसका इनसोल्यूबल फाइबर पाचन सुधारता है और कब्ज से बचाता है। सवाल- पालक में कौन से मेडिसिनल गुण होते हैं? जवाब- पालक में कई ऐसे मेडिसिनल गुण होते हैं, जो शरीर की हीलिंग और प्रोटेक्शन में मदद करते हैं। विटामिन A और C इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। इसका फाइबर गट हेल्थ सुधारकर पाचन को सपोर्ट करता है। सभी फायदे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या पालक हीमोग्लोबिन और आयरन की कमी पूरी कर सकता है? जवाब- पालक आयरन का अच्छा प्लांट-बेस्ड सोर्स है और हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मददगार हो सकता है। लेकिन इसका आयरन बॉडी आसानी से अवशोषित नहीं कर पाती क्योंकि इसमें ऑक्सेलेट (एक ऑर्गेनिक कंपाउंड) मौजूद होते हैं। इसके बावजूद, नियमित रूप से पालक खाने से आयरन इनटेक बढ़ता है। इसे विटामिन C वाले फूड्स जैसे नींबू, टमाटर के साथ खाने से आयरन का अवशोषण बेहतर होता है। शुरुआती कमी में पालक मदद कर सकता है, लेकिन ज्यादा कमी होने पर सिर्फ पालक पर्याप्त नहीं होता है। डॉक्टर की सलाह के मुताबिक, आयरन सप्लीमेंट या अन्य आयरन-रिच फूड शामिल करने की जरूरत पड़ती है। सवाल- पालक आई साइट और स्किन के लिए कैसे फायदेमंद है? जवाब- पालक आंखों और स्किन दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें मौजूद ल्यूटिन और जीएक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स आंखों को ब्लू लाइट और ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं। इससे मोतियाबिंद और एज-रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन का जोखिम कम होता है। पालक के कैरोटिनॉइड्स शरीर में विटामिन A बनाते हैं, जो नाइट विजन और आंखों की नमी बनाए रखने के लिए जरूरी है। स्किन के लिए पालक में मौजूद विटामिन C कोलेजन बनने में मदद करता है, जिससे स्किन हेल्दी रहती है। इसके एंटीऑक्सिडेंट्स स्किन को फ्री-रेडिकल डैमेज से बचाकर ग्लो सुधारते हैं। सवाल- वजन कम करने के लिए पालक कितना उपयोगी है? जवाब- वजन कम करने में पालक काफी मददगार माना जाता है क्योंकि इसमें कैलोरी बहुत कम और फाइबर ज्यादा होता है। 100 ग्राम पालक में सिर्फ करीब 23 कैलोरी होती हैं। लेकिन फाइबर पेट को भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे ओवरईटिंग कम होती है। इसमें पानी की मात्रा भी 90% से ज्यादा होती है, जो हाइड्रेशन और मेटाबॉलिज्म दोनों को सपोर्ट करती है। पालक के थायलाकोइड्स भूख कम करने वाले हॉर्मोन्स को एक्टिव कर सकते हैं, जिससे क्रेविंग घटती है। यह पेट हल्का रखकर हेल्दी वेट लॉस में सपोर्ट करता है, खासकर जब इसे लो-कैलोरी डाइट का हिस्सा बनाया जाए। सवाल- पालक किसे नहीं खाना चाहिए, किन लोगों को सीमित मात्रा में खाना चाहिए? जवाब- पालक हेल्दी है, लेकिन कुछ लोगों को इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए। इसमें ऑक्सेलेट ज्यादा होता है, जो किडनी स्टोन की हिस्ट्री वाले लोगों में पथरी का जोखिम बढ़ा सकता है, इसलिए उन्हें ध्यान से सेवन करना चाहिए। जिन लोगों को आयरन की गंभीर कमी है, उनके लिए पालक का आयरन कम अवशोषित होने के कारण अकेले पर्याप्त नहीं होता है। ब्लड-थिनर ले रहे लोगों को भी पालक थोड़ा कम मात्रा में खाना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन K दवा के असर को प्रभावित कर सकता है। थायरॉइड की समस्या वाले लोग इसे पकाकर खाएं। सवाल- पालक कच्चा खाना सही है या पकाकर खाना चाहिए? जवाब- पालक कच्चा और पका हुआ, दोनों तरह से खाया जा सकता है, लेकिन हर तरीके के अपने फायदे हैं। कच्चे पालक में विटामिन C और कुछ एंटीऑक्सिडेंट्स ज्यादा सुरक्षित रहते हैं। वहीं पकाने से आयरन, कैल्शियम और कैरोटिनॉइड्स जैसे कुछ पोषक तत्वों का अवशोषण शरीर में बेहतर होता है, क्योंकि गर्मी ऑक्सेलेट को कम कर देती है। हल्का स्टीम किया पालक सबसे अच्छा माना जाता है। इससे न्यूट्रिएंट्स भी बचे रहते हैं और पाचन भी आसान होता है। सलाद में कच्चा पालक ठीक है, लेकिन रोजाना सेवन के लिए हल्का पकाकर खाना ज्यादा लाभदायक है। सवाल- क्या रोज पालक खाना सुरक्षित है? इसकी कितनी मात्रा ठीक है? जवाब- ज्यादातर लोगों के लिए रोज पालक खाना सुरक्षित है, क्योंकि यह लो-कैलोरी, हाई-फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर है। लेकिन इसमें ऑक्सेलेट भी होते हैं, इसलिए बहुत ज्यादा मात्रा में रोज खाना कुछ लोगों में किडनी स्टोन का जोखिम बढ़ा सकता है। आमतौर पर दिन में 1 कप पका हुआ पालक या 2 कप कच्चा पालक पर्याप्त और सुरक्षित माना जाता है। अगर किसी को किडनी स्टोन, थायरॉइड की दिक्कत या ब्लड-थिनर दवाएं लेने की हिस्ट्री है, तो मात्रा सीमित रखें और डॉक्टर से सलाह लें। संतुलित डाइट के साथ पालक को रोटेट करना सबसे अच्छा तरीका है। .......................... जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- इंस्टाग्राम पर दावा, अंडे से होता कैंसर: रील्स देखकर राय न बनाएं, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें अंडे के हेल्थ बेनिफिट्स हाल ही में सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि बाजार में बिकने वाले अंडों में कैंसर पैदा करने वाले तत्व पाए जा रहे हैं। ऐसे दावों ने आम लोगों के मन में भ्रम पैदा कर दिया। देश की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा संस्था (FSSAI) ने इन दावों को भ्रामक बताया और कहा कि अंडा खाना पूरी तरह सेफ है। पूरी खबर पढ़िए...
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