US F-16 Fighter Jet Crash: अमेरिका के मिशिगन में वायुसेना का F-16 लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त; पायलट सुरक्षित निकलने में सफल
अमेरिका के उत्तरी मिशिगन स्थित ग्रैंड ट्रैवर्स काउंटी के ग्रामीण इलाके में गुरुवार को अमेरिकी वायुसेना का एक F-16 फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त होकर एक खुले खेत में गिर गया। यह लड़ाकू विमान टेक्सस स्थित 'जॉइंट बेस सैन एंटोनियो-लैकलैंड' की 149वीं फाइटर विंग का हिस्सा था, जो अलपेना नेशनल गार्ड बेस पर आयोजित एक नियमित अभ्यास में शामिल था।
समय रहते इजेक्ट कर पायलट ने बचाई जान
हादसे के दौरान विमान उड़ा रहे पायलट ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए समय रहते इजेक्ट कर लिया। पैराशूट की मदद से सुरक्षित जमीन पर उतरने के बाद आपातकालीन टीमों ने उन्हें तुरंत रेस्क्यू किया और इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों के अनुसार पायलट पूरी तरह सचेत हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
'बर्ड स्ट्राइक' की आशंका, जांच के आदे
प्रारंभिक रिपोर्टों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से हुई रेडियो बातचीत के आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि विमान से कोई पक्षी टकरा गया था, जिसके बाद जेट का नियंत्रण बिगड़ गया। हालांकि, हादसे के सटीक तकनीकी कारणों का पता लगाने के लिए अमेरिकी वायुसेना ने औपचारिक जांच समिति का गठन कर जांच शुरू कर दी है।
धमाके के बाद केमिकल अलर्ट, 1 मील का दायरा खाली
विमान के गिरते ही जोरदार धमाका हुआ और आसमान में काले धुएं का गुबार फैल गया। हालांकि, जहां विमान गिरा वह इलाका खाली था, जिससे किसी निवासी के हताहत होने की खबर नहीं है। फाइटर जेट के ईंधन और उसमें मौजूद जहरीले रसायनों के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 1 मील के दायरे में रहने वाले लोगों को तुरंत जगह खाली करने के निर्देश जारी किए हैं।
Nepal Flood Death Update: नेपाल में फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या 1,410 पहुंची, 6,100 से ज्यादा लोग अभी भी लापता
नेपाल के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में आई भीषण आपदा से स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास भारी बर्फबारी और चट्टानों के एवलांच के बाद भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे आई फ्लैश फ्लड ने तबाही मचा दी। इस आपदा के कारण कई गांव, सड़कें, पुल और बुनियादी ढांचा पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं।
कई जिलों से बरामद हुए शव, 6100 से ज्यादा लापता
नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी (NDRRMA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रभावित इलाकों से अब तक 1,410 शव बरामद किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा मौतें चितवन (364 शव), नवलपरासी पूर्व (232 शव), नवलपरासी पश्चिम (222 शव) और नुवाकोट (203 शव) जिलों में दर्ज की गई हैं। इसके अलावा रसुवा, गोरखा, धाडिंग और तनाहुं जिलों से भी कई शव बरामद किए गए हैं। लापता 6,145 लोगों की तलाश में अभियान युद्ध स्तर पर जारी है।
13 हजार से अधिक लोगों का हुआ रेस्क्यू
बाढ़ और आपदा की इस घड़ी में सुरक्षाकर्मियों की टीमें लगातार खोज और बचाव अभियान चला रही हैं। अब तक प्रभावित क्षेत्रों से 13,756 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। कई घायलों का इलाज काठमांडू और आसपास के अस्पतालों में चल रहा है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स और सड़कों को भारी नुकसान
भोटेकोशी नदी के उफान ने नेपाल के प्रमुख बुनियादी ढांचे को तगड़ा झटका दिया है। कई महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों के बह जाने से राजधानी काठमांडू का कई दूरदराज के इलाकों से संपर्क पूरी तरह कट गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में मौजूद कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स भी मलबे और बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
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