माणिक्य भस्म : चेहरे पर निखार और हृदय संबंधी विकारों के लिए औषधि, जान लें सेवन की सावधानियां
नई दिल्ली, 16 जनवरी (आईएएनएस)। प्राचीन चिकित्सा शास्त्र यानी आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों के जरिए बड़े से बड़े रोगों का निवारण होता आया है। हिमालय की पहाड़ियों पर मिलने वाली दुर्लभ जड़ी-बूटियों में वह गुण होते हैं जो शरीर को रिसेट करने में मदद करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्राचीन चिकित्सा शास्त्र में रत्नों के जरिए भी गंभीर बीमारियों का इलाज होता आया है?
रत्नों को बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी जड़ी-बूटियों की तरह ही संजीवनी प्रदान करने वाली होती है। आज हम माणिक्य भस्म के बारे में बताएंगे, जो चेहरे को चमकाने से लेकर हृदय संबंधी विकारों से भी राहत देने का काम करते हैं।
माणिक्य एक दुर्लभ भस्म है, जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में होता आया है। माणिक्य भस्म का इस्तेमाल हृदय संबंधी विकारों, अल्पशुक्राणुता के उपचार के लिए, चेहरे का खोया हुआ तेज वापस लाने के लिए, पाचन क्रिया को सही करने के लिए, रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए, सांस संबंधी रोगों के लिए और बुद्धि के विकास के लिए भी किया जाता है।
माणिक्य भस्म का सेवन शरीर में असंतुलन बनाने वाले वात और कफ दोषों को भी संतुलित करता है। जब शरीर के भीतर वात और कफ दोष की बहुतायत होती है, तो सर्दी, जुकाम, बुखार, पेट में अल्सर और गर्मी लगने की समस्या होती है। ऐसे में माणिक्य भस्म का सेवन लाभकारी होता है।
ध्यान रखने वाली बात यह है कि माणिक्य भस्म का सेवन चिकित्सक की सलाह पर करें, क्योंकि इसका सेवन सीधे नहीं किया जा सकता है, बल्कि कुछ न कुछ मिलाकर वजन में रत्ती के अनुसार किया जाता है।
भस्म बनाने में शुद्ध माणिक्य, पारा, ऑर्पिमेंट और आर्सेनिक सल्फाइड का इस्तेमाल होता है और सामग्री का कई बार शोधन किया जाता है। अगर पीलिया या काला बुखार की परेशानी से जूझ रहे हैं तो माणिक्य भस्म औषधि की तरह काम करती है। इसके सेवन से पीलिया कुछ ही दिनों में कम हो जाता है और पुराना बुखार भी अप्रभावी हो जाता है। ये बुखार से जुड़े लक्षणों में भी राहत देता है, चाहे वह जोड़ों में दर्द की परेशानी हो या फिर कमजोरी।
यह रक्त शुद्ध करके खुजली, जलन और एलर्जी जैसी त्वचा संबंधी विभिन्न समस्याओं से राहत दिलाता है। अगर चेहरे का ओज कमजोर पड़ गया है और समय से पहले बुजुर्ग दिखने लगे हैं तो माणिक्य भस्म संजीवनी है। इसके लेपन और सेवन से चेहरे का निखार वापस आ जाता है। इसके अलावा, यह पेट संबंधी विकार, बार-बार पेशाब आना और अन्य मूत्र संबंधी बीमारियों से बचाव कर सकता है।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
देश में मान्यता प्राप्त दो लाख से अधिक स्टार्टअप्स में से 50 प्रतिशत टियर 2 और 3 शहरों से : जितेंद्र सिंह
जम्मू, 16 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि 2014 से पहले देश में करीब 400 स्टार्टअप्स थे, लेकिन मौजूदा समय में मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 2 लाख से अधिक हो गई है, जिसमें से 50 प्रतिशत टियर 2 और 3 शहरों से हैं।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि पहले के समय धारणा थी कि स्टार्टअप्स की शुरुआत केवल बड़े शहरों में हो सकती है, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने यह धारण बदली है। मौजूदा समय में देश में 50 प्रतिशत के करीब स्टार्टअप छोटे शहरों से हैं। इसमें से कई का नेतृत्व महिलाओं द्वारा किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने कई योजनाओं के जरिए पूरा स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित किया है, जिससे युवा सरकारी नौकरियों की अपेक्षा आय अर्जित करने वाले अन्य साधनों की ओर देखें, जहां आमदनी के कई अच्छे अवसर मौजूद हैं।
इस कार्यक्रम में आए उधमपुर युवा कारोबारी ने बताया कि उन्होंने हेल्थ सेक्टर में स्टार्टअप शुरू किया है। उनकी कंपनी हार्ट हेल्थ आदि को लेकर काम कर रही है। हमने इस कार्यक्रम में एक हेल्थ सप्लीमेंट लॉन्च किया है, जो लोगों के पोषण की कमी को दूर करेगा।
वहीं, एक छात्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम में हमें स्टार्टअप शुरू करने के बारे में बताया है और फिलहाल वह कृषि क्षेत्र से चावल की वैरायटी में सुधार करने के लिए एक ऐप पर काम कर रही है।
राष्ट्रीय राजधानी में स्थित भारत मंडपम में स्टार्ट इंडिया मिशन के 10 वर्ष पूरे होने पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज हम स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने का माइलस्टोन सेलिब्रेट कर रहे हैं। 10 साल की यह यात्रा सिर्फ एक सरकारी योजना के सफल होने की कहानी नहीं है, यह आप जैसे लाखों सपनों की यात्रा है।
इस मौके प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप इंडिया मिशन में योगदान देने वाले युवाओं की सराहने करते हुए कहा, हमारे यंग इनोवेटर्स, जिन्होंने नए सपने देखने का साहस दिखाया, मैं उन सभी की बहुत-बहुत सराहना करता हूं।
कार्यक्रम में आगे बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, आप याद कीजिए, 10 साल पहले हालत क्या थे। व्यक्तिगत प्रयास और इनोवेशन के लिए गुंजाइश ही नहीं थी।
हमने उन परिस्थितियों को चैलेंज किया, हमने स्टार्टअप इंडिया लॉन्च किया और हमने युवाओं को खुला आसमान दिया और आज नतीजा हमारे सामने है। सिर्फ 10 साल में स्टार्टअप इंडिया मिशन क्रांति बन चुका है। भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है।
--आईएएनएस
एबीएस/
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