LPG Update: 1 अक्टूबर से बदल रहे रसोई गैस के नियम, सस्ते सिलेंडर के लिए तुरंत करें यह छोटा सा काम
LPG Update: देश भर में घरेलू रसोई गैस का उपयोग करने वाले करोड़ों परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. शनिवार को लिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि आगामी 1 अक्टूबर से घरेलू गैस ग्राहकों को रियायती दर पर सिलेंडर बुक कराने के लिए बायोमेट्रिक आधार सत्यापन कराना अनिवार्य होगा. सरकार का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि सरकारी खजाने से दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ सिर्फ वास्तविक और पात्र परिवारों तक ही पहुंचे. अगर किसी उपभोक्ता ने तय समय सीमा तक अपनी पहचान प्रमाणित नहीं कराई, तो उसे सब्सिडी वाले दाम पर सिलेंडर लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और उसे सामान्य बाजार भाव पर ही गैस खरीदनी पड़ेगी.
90 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने पूरा किया सत्यापन
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार देश के अधिकांश सक्रिय घरेलू उपभोक्ता पहले ही इस प्रक्रिया को पूरा कर चुके हैं. 19 सितंबर तक 27.43 करोड़ से अधिक सक्रिय घरेलू उपभोक्ताओं ने अपनी पहचान की पुष्टि करा ली है. यह आंकड़ा कुल सक्रिय ग्राहकों का लगभग 89.9 प्रतिशत यानी करीब 90% बैठता है. जिन ग्राहकों ने पहले ही अपना सत्यापन पूरा कर लिया है, उन्हें आगे कुछ भी करने की जरूरत नहीं है.
वहीं जिन उपभोक्ताओं ने अब तक किसी कारण से यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें 1 अक्टूबर से पहले इसे पूरा करने की सलाह दी गई है. हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैसे ही उपभोक्ता अपना बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करेंगे, उन्हें तुरंत फिर से सस्ती दर पर रिफिल बुकिंग की सुविधा मिलने लगेगी.
घर बैठे और गैस एजेंसी पर सत्यापन के आसान रास्ते
पहचान की पुष्टि कराने के लिए आम जनता की सुविधा को पूरी तरह ध्यान में रखा गया है ताकि किसी भी व्यक्ति को बेवजह भागदौड़ न करनी पड़े. सरकार ने साफ कहा है कि इस नियम का मकसद लोगों को परेशान करना बिल्कुल नहीं है. इसके लिए कई बेहद आसान विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं. सबसे सरल तरीका यह है कि जब भी डिलीवरी कर्मचारी आपके घर पर सिलेंडर पहुंचाने आए, तो आप उसी समय उसके मोबाइल या बायोमेट्रिक स्कैनर के जरिए अपनी उंगलियों के निशान या चेहरे की पहचान दर्ज करा सकते हैं. इसके अतिरिक्त उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी के कार्यालय या नजदीकी बिक्री केंद्र पर जाकर भी वहां लगे विशेष काउंटरों से अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को मिनटों में पूरा करा सकते हैं.
मोबाइल ऐप और हेल्पलाइन से भी मिलेगी पूरी मदद
यदि उपभोक्ता घर से बाहर नहीं निकलना चाहते हैं, तो वे आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर अपने स्मार्टफोन के माध्यम से भी यह काम खुद कर सकते हैं. तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए आधार आधारित चेहरा पहचान की सुविधा दी गई है. इंडियन ऑयल के ग्राहक अपने फोन में इंडियन ऑयल वन ऐप डाउनलोड करके चेहरा स्कैन कर सकते हैं. इसी प्रकार भारत गैस के उपभोक्ता हैलो बीपीसीएल ऐप और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के उपभोक्ता एचपी पे ऐप की सहायता से घर बैठे ही यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. किसी भी तरह की उलझन, सवाल या तकनीकी समस्या होने पर उपभोक्ता सरकार द्वारा जारी किए गए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 2333 555 पर भी संपर्क करके पूरी सहायता प्राप्त कर सकते हैं.
फर्जी कनेक्शन हटाने के लिए 7 बार बढ़ाई गई तारीख
यह नई व्यवस्था अचानक लागू नहीं की गई है, बल्कि इसका अभियान काफी समय से लगातार चलाया जा रहा है. देश भर में यह अभियान अक्टूबर 2023 से चल रहा है. आम जनता को जागरूक करने के लिए सरकार और तेल कंपनियों ने 7 बार समय सीमा को आगे बढ़ाया ताकि कोई भी पात्र परिवार छूट से वंचित न रह जाए. तेल कंपनियों की तरफ से ग्राहकों को 12 करोड़ से ज्यादा एसएमएस और व्हाट्सएप संदेश भेजकर लगातार सतर्क किया गया है. डिस्ट्रीब्यूटर, डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों, स्पेशल कैंप और फोन कॉल के माध्यम से जन जन तक यह बात पहुंचाई गई है ताकि दोहरे और फर्जी कनेक्शनों पर रोक लगाकर केवल सही लोगों तक ही सरकारी मदद पहुंचे.
प्रति सिलेंडर 721 रुपये तक पहुंच गया था सब्सिडी का बोझ
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें आम लोगों की पहुंच में रखने के लिए सरकार हर महीने बहुत बड़ा वित्तीय बोझ खुद उठाती है. जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतें बहुत बढ़ जाती हैं, तब जनता को महंगाई की मार से बचाने के लिए भारी छूट दी जाती है. आंकड़ों के अनुसार इस साल जून के महीने में प्रति 14.2 किलो वाले सिलेंडर पर छिपी हुई सब्सिडी 721 रुपये तक पहुंच गई थी. इसका मतलब यह था कि अंतरराष्ट्रीय दरों के मुकाबले ग्राहकों को सस्ता सिलेंडर देने के लिए सरकार खुद प्रति सिलेंडर 721 रुपये का भारी वित्तीय भार उठा रही थी. बाद में वैश्विक बाजार में सुधार होने पर सितंबर में यह घटकर 210 रुपये प्रति सिलेंडर रह गई. इसी भारी भरकम खर्च को सही दिशा में लगाने के लिए फर्जी कनेक्शनों को प्रणाली से बाहर करना बेहद जरूरी हो गया था.
क्या 1 अक्टूबर के बाद बंद हो जाएगी गैस सप्लाई
कई उपभोक्ताओं के मन में यह डर बना हुआ है कि क्या 1 अक्टूबर के बाद उन्हें गैस मिलना ही बंद हो जाएगा. सरकार ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी परिवार की गैस आपूर्ति बंद नहीं की जाएगी. जिन लोगों का बायोमेट्रिक सत्यापन बाकी रह जाएगा, उन्हें सिलेंडर तो मिलेगा लेकिन वह रियायती दर पर नहीं बल्कि सामान्य बाजार भाव पर दिया जाएगा. इसके अलावा जरूरत और उपलब्धता के आधार पर ऐसे ग्राहकों के लिए 5 किलो या 10 किलो के छोटे सिलेंडर का विकल्प भी खुला रहेगा.
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सीएम धामी का सख्त एक्शन जारी, जन स्वास्थ्य की अनदेखी पर नपे छह इंजीनियर
उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के संकल्प को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक्शन जारी है. सोमवार को जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले अफसरों के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया गया है. जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति और अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर उत्तराखण्ड जल संस्थान और पेयजल निगम के छह वरिष्ठ और कनिष्ठ इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. राज्य में जन स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी मामले में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है.
प्रवेश प्रक्रिया भी रद्द कर दी
मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है. एक दिन पूर्व ही सीएम धामी ने NEET UG 2026 की राज्य केंद्रीयकृत काउंसिलिंग के दौरान फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रवेश लेने के मामले में सख्त एक्शन लिया है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब तक इस मामले में शामिल आठ अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं और उनकी प्रवेश प्रक्रिया भी रद्द कर दी गई है.
कड़ी कार्रवाई अमल में लाने का आदेश दिया
जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड होने की शिकायत मिली तो मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों को पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषी अफसरों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई अमल में लाने का आदेश दिया. इसी क्रम में जिला प्रशासन नैनीताल की रिपोर्ट के आधार पर अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है. इनमें जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता, नैनीताल जल संस्थान के सहायक अभियंता, अपर सहायक अभियंता तथा पेयजल निगम भीमताल के अधिशासी अभियंता, प्रभारी सहायक अभियंता तथा कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं. नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को भविष्य में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा, जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. हमारी सरकार के लिए जनहित सर्वोपरि है और जो भी अधिकारी या कर्मचारी जनता के हितों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा. सभी विभागाध्यक्षों और शीर्ष अधिकारियों को इस संबंध में बार-बार निर्देशित भी किया गया है.
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