ChakraView | Sumit Awasthi | UP में चुनावी घमासान, शुरू हो गया हिंदू-मुसलमान ! | UP Election 2027
ChakraView | Sumit Awasthi | UP में चुनावी अगले साल चुनाव होना है, जिसको लेकर तमाम राजनीतिक दल सत्ता की कुर्सी हथियाने के लिए एक्शन में जुट गए है, इसी बीच AIMIM Chief Asaduddin Owaisi ने अखिलेश यादव को BJP के खिलाफ साथ लड़ने का ऑफर दिया था, गठबंधन के ऑफर को अखिलेश ने रिजेक्ट कर दिया है। #chakraview #sumitawasthi #akhileshyadav #cmyogi #asaduddinowaisi #upelection #bjp #muslimpolitics #hindinews #aajkikhabar #timesnownavbharat You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Download our App for Breaking News: https://tinyurl.com/bde8rv84 Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat
Chinese Communist Party ने Zhang Youxia और Liu Zhenli को सेना व पार्टी से निकाला
चीन में सेना के दो बेहद सीनियर अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष झांग यूशिया और संयुक्त स्टाफ विभाग के प्रमुख रहे लियू झेनली को पार्टी और सेना से बाहर कर दिया है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, दोनों अधिकारियों पर आर्थिक गड़बड़ी, भ्रष्टाचार और अनुशासन तथा कानून के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।
बता दें कि झांग यूशिया चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बाद देश की सैन्य व्यवस्था में सबसे प्रभावशाली अधिकारियों में शामिल रहे हैं। वह केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष थे और लंबे समय से शी जिनपिंग के करीबी सैन्य सहयोगियों में गिने जाते थे। वहीं लियू झेनली भी केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य रहे हैं और उसके संयुक्त स्टाफ विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार दोनों अधिकारियों के खिलाफ जांच की घोषणा जनवरी में की गई थी। इसके बाद अगस्त के आखिर में उन्हें राज्य के केंद्रीय सैन्य आयोग से हटा दिया गया था। अब कम्युनिस्ट पार्टी ने दोनों को पार्टी और सेना से भी निष्कासित कर दिया है। पार्टी के दस्तावेजों में उन पर पार्टी के प्रति वफादारी नहीं निभाने, भ्रष्टाचार, जिम्मेदारी में लापरवाही और पद का गलत इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिन्हुआ के अनुसार, जांच में यह भी आरोप लगाया गया कि दोनों अधिकारियों ने पार्टी के भीतर गुटबाजी की और पार्टी के प्रति ईमानदार नहीं रहे। दस्तावेजों में कहा गया है कि राजनीतिक और आर्थिक गड़बड़ियां आपस में जुड़ी हुई थीं। साथ ही निजी फायदे के लिए भ्रष्ट तरीके अपनाने के साथ पद का गलत इस्तेमाल और जिम्मेदारियों में लापरवाही भी सामने आई है। चीनी अधिकारियों ने कथित आर्थिक अनियमितताओं में शामिल रकम को बेहद बड़ी बताया है और पूरे मामले के असर को भी गंभीर माना है।
झांग यूशिया की राजनीतिक हैसियत भी काफी ऊंची थी। वह कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेतृत्व वाले पोलित ब्यूरो के सदस्य भी रहे हैं। इसके अलावा वह चीन के उन गिने-चुने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्हें युद्ध का वास्तविक अनुभव रहा है।
गौरतलब है कि शी जिनपिंग के 2013 में राष्ट्रपति बनने के बाद से चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में सेना भी लगातार निशाने पर रही है। अगस्त में जनरल झाओ जोंगछी को भी चीन की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था से हटा दिया गया था। वह 2017 के डोकलाम गतिरोध और 2020 में भारत-चीन के गलवान घाटी संघर्ष के दौरान चीन की पश्चिमी थिएटर कमान के प्रमुख थे। हालांकि उनके खिलाफ कार्रवाई का कोई कारण सार्वजनिक नहीं किया गया था।
इससे पहले अक्टूबर 2025 में चीन के नौ वरिष्ठ जनरलों को पार्टी और सेना से बाहर किया गया था। उन पर पार्टी अनुशासन तोड़ने और विश्वास में गंभीर गिरावट जैसे आरोप लगाए गए थे। दिसंबर 2025 में चीन की संसद ने भी तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि चीन की सेना शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का एक बड़ा केंद्र बनी हुई हैं।
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