Delhi Police ने 75 लाख की धोखाधड़ी के मामले में 50 हजार का इनामी Sarmad Ali पकड़ा
दिल्ली पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार संपत्ति बेचने के मामले में 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान उत्तराखंड में हरिद्वार निवासी 37 वर्षीय सरमद अली के तौर पर हुई है।
अधिकारी ने बताया कि उसे सुभाष प्लेस थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था और उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, यह मामला धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित है, जिसमें शिकायतकर्ता को संपत्ति के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लगभग 75 लाख रुपये देने के लिए प्रेरित किया गया था। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान, लेन-देन में अली की भूमिका सामने आई, जिसके बाद वह फरार हो गया और गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपने स्थान और पेशे बदलता रहा।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अदालत ने उसे 12 नवंबर, 2025 को भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया था। पुलिस को छह सितंबर को उसके उत्तराखंड के रूड़की इलाके में मौजूद होने की सूचना मिली। पुलिस ने कहा कि सूचना को सत्यापित करने के बाद एक अंतरराज्यीय अभियान शुरू किया गया।
अधिकारी ने बताया कि टीम ने रूड़की, हरिद्वार और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर व मेरठ में अली की तलाश की तथा आठ सितंबर को सहारनपुर से पकड़ लिया। पुलिस ने कहा कि आगे के सत्यापन से मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में दर्ज दो अन्य मामलों में उसकी कथित संलिप्तता का पता चला। पुलिस ने कहा कि उसे संबंधित अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
Assam में ISRO के उन्नत रडार अनुसंधान केंद्र का शिलान्यास, अंतरिक्ष मलबे पर रहेगी नजर
(तस्वीरों के साथ) गुवाहाटी, 21 सितंबर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि अंतरिक्ष मलबे पर नजर रखने के भारत के प्रयासों में राज्य जल्द ही एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। शर्मा ने यहां के पास चंद्रपुर में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के उन्नत रडार अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखने के बाद कहा कि यह केंद्र अंतरिक्ष एजेंसी को मलबे पर नजर रखने और देश की महत्वपूर्ण अंतरिक्ष परिसंपत्तियों की सुरक्षा में मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, यह केंद्र असम को राष्ट्रीय अंतरिक्ष क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला राज्य बनाएगा।
इसके साथ ही यह उन विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों की सूची में एक और कड़ी है, जो राज्य में अपना आधार स्थापित कर रहे हैं। इनमें सेमीकंडक्टर, खाद्य विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, आतिथ्य और कोच ओवरहॉलिंग समेत कई क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल उद्योगों को आकर्षित नहीं कर रही है, बल्कि ऐसी स्थितियां भी बना कर रही है, जिसमें राज्य के युवाओं को इस बदलाव का हिस्सा बनने का अवसर मिले।
शर्मा ने कहा कि असम दो दशक पहले आंदोलन, धरना, बंद और उल्फा तथा एनडीएफबी जैसे उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में असम के लोगों के अथक प्रयासों से राज्य में व्यापक बदलाव आया है और एम्स, आईआईटी तथा आईआईएम समेत राष्ट्रीय महत्व के कई संस्थान तथा केंद्रीय विश्वविद्यालय यहां स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में राज्य अब तक पीछे रहा था और यहां अंतरिक्ष से संबंधित कोई संस्था स्थापित नहीं हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा, आईआईटी के साथ मिलकर एक लघु अंतरिक्ष केंद्र विकसित किया जा रहा है, जो छात्रों को मंच उपलब्ध कराने और विभिन्न कॉलेज में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने में मदद करेगा। उन्होंने कहा, अंतरिक्ष के साथ असम का जुड़ाव अभी शुरू हुआ है। असमसैट परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है।
इसके जरिए मौसम, वर्षा, जंगलों और अन्य कारकों का मानचित्रण किया जा सकेगा, जिससे बेहतर संसाधन नियोजन में मदद मिलेगी। शर्मा ने कहा कि आने वाले कुछ वर्षों में चंद्रपुर में स्थापित होने वाला अंतरिक्ष केंद्र, अनुसंधान एवं विकास में अपने योगदान के कारण बेंगलुरु स्थित इसरो के समान महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि असम जल्द ही अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बनकर उभरेगा।
मुख्यमंत्री ने इस उन्नत रडार अनुसंधान केंद्र के लिए असम को चुने जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इसरो के प्रति आभार जताया। असम सरकार ने इस परियोजना के लिए करीब 6.61 एकड़ जमीन आवंटित की है।
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