राम मंदिर दान चोरी मामले में SIT दो दिन में दाखिल करेगी चार्जशीट, सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी
अयोध्या स्थित राम मंदिर के दान से जुड़ी कथित चोरी और गड़बड़ी के मामले में जांच अब अहम चरण में पहुंच गई है. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम यानी SIT अगले दो दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर देगी. यह जानकारी 21 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान दी गई.
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ कर रही है. उत्तर प्रदेश की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि जांच की प्रगति से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट SIT ने सुप्रीम कोर्ट में पेश कर दी है. अदालत ने भी इस रिपोर्ट पर गौर किया.
अवधि 25 सितंबर को पूरी हो रही
सुनवाई के दौरान 90 दिन की कानूनी समयसीमा का मुद्दा भी सामने आया. सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि मामले में पहली गिरफ्तारी के बाद 90 दिन की अवधि 25 सितंबर को पूरी हो रही है. अगर तय अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं होती है तो आरोपियों को कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत का अधिकार मिल सकता है. इसी वजह से सरकार ने अदालत को बताया कि चार्जशीट दो दिन के भीतर दाखिल कर दी जाएगी.
लेन-देन के व्यापक ऑडिट की मांग
यह मामला राम मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की रकम से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच से संबंधित है. इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं. याचिकाकर्ताओं में आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह, अधिवक्ता एनके गोस्वामी, अजय कुमार राय और हिंदू धर्म परिषद शामिल हैं. याचिकाकर्ताओं की ओर से जांच के अलावा राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन के व्यापक ऑडिट की मांग भी की गई है.
मामले की जांच के लिए SIT गठित
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए SIT गठित की थी. सुप्रीम कोर्ट पहले भी जांच की प्रगति पर रिपोर्ट मांग चुका है. जुलाई में अदालत ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था. अदालत के सामने मुख्य सवाल जांच की निष्पक्षता और अब तक हुई कार्रवाई से जुड़ा है. मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है. इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव के नाम बताए गए हैं. ये लोग मंदिर की दान राशि की गिनती से जुड़े काम में शामिल थे.
सभी की नजर SIT की चार्जशीट पर
SIT की जांच में सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजी रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच किए जाने की जानकारी भी सामने आई है. हालांकि मामले में लगे आरोपों का अंतिम कानूनी निष्कर्ष अदालत में होने वाली आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा. अब सभी की नजर SIT की चार्जशीट पर है. चार्जशीट दाखिल होने के बाद जांच एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोप, आरोपियों की कथित भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की तस्वीर अदालत के सामने अधिक स्पष्ट होगी. सुप्रीम कोर्ट भी मामले में आगे की सुनवाई के दौरान जांच की स्थिति और याचिकाओं में मांगी गई राहत पर विचार करेगा.
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फर्जी-सिम और IMEI से छेड़छाड़ पर 3 साल की जेल:DoT की नई एडवाइजरी- ₹50 लाख तक लग सकता है जुर्माना; चेक करें अपने नाम की सिम
अपने डॉक्यूमेंट्स पर ली गई सिम किसी ओर को देना भारी पड़ सकता है। दूरसंचार विभाग ने आज 21 सितंबर को नई एडवायजरी जारी कर कहा है कि फर्जी ID से सिम खरीदने या बेचने पर या मोबाइल के IMEI नंबर से छेड़छाड़ करने पर 3 साल की जेल और ₹50 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। सरकार ने सलाह दी है कि सभी नागरिक संचार साथी पोर्टल या एप पर जाकर तुरंत चेक करें कि उनकी ID पर बिना जानकारी के कोई अनजान मोबाइल नंबर तो एक्टिव नहीं है। छत्तीसगढ़ के फर्जीवाड़े के बाद सरकार ने जारी की एडवाइजरी दूरसंचार विभाग ने यह कदम छत्तीसगढ़ में हुए एक बड़े साइबर फ्रॉड के बाद उठाया है। वहां एक सिम बेचने वाले एजेंट ने लोगों के डॉक्युमेंट्स का गलत इस्तेमाल करके उनकी जानकारी के बिना 25 फर्जी सिम चालू कर रखे थे। मामला खुलते ही DoT ने उस एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया और री-वेरिफिकेशन में फेल होने पर सभी 25 फर्जी नंबरों को तुरंत बंद कर दिया। म्यूल सिम और किराए पर सिम देने पर मूल ग्राहक भी फंसेगा दूरसंचार विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर आप अपने नाम से सिम खरीदकर किसी और को बेचते हैं, किराए पर देते हैं या साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल होने देते हैं, तो पुलिस केस और कानूनी कार्रवाई आपके खिलाफ भी होगी। इसके अलावा फर्जी कागजात लगाकर सिम लेना, पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करना या किसी और के नाम की सिम का गलत इस्तेमाल करना भी गंभीर अपराध है। IMEI नंबर और कॉलिंग पहचान बदलने पर भी पाबंदी एडवाइजरी के मुताबिक, जिस फोन के IMEI नंबर से छेड़छाड़ या बदलाव किया गया हो, उसका इस्तेमाल करना गैर-कानूनी है। साथ ही, ऐप्स या वेबसाइटों के जरिए किसी और का नंबर दिखाकर कॉल करने (कॉलिंग आईडी बदलने) वाले टूल्स का इस्तेमाल करना भी अपराध है। सरकार ने इसे देश की सुरक्षा और नेटवर्क के लिए बड़ा खतरा माना है। सिम कार्ड की लिमिट का नियम क्या है? भारत में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड रखने का नियम काफी पुराना है। हालांकि, जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए यह नियम थोड़ा अलग है। सुरक्षा कारणों से इन राज्यों में रहने वाले लोग अपने नाम पर अधिकतम 6 सिम कार्ड ही रख सकते हैं। सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को 'डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म' (DIP) का इस्तेमाल करने को कहा है। इस पोर्टल पर देश के सभी मोबाइल यूजर का डेटा मौजूद है। नया सिम एक्टिवेट करने से पहले कंपनियां इस पोर्टल पर चेक करेंगी कि आपके नाम पर कुल कितने सिम चल रहे हैं। पोर्टल पर दिखेगा एक्स्ट्रा सिम वालों का फोटो नियमों को और सख्त बनाने के लिए सरकार 23 अगस्त से डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म पर एक नया फीचर जोड़ दिया है। इसके तहत, जिन लोगों ने सिम कार्ड की तय सीमा (9 सिम) को पार कर लेते हैं, उनकी फोटो इस पोर्टल पर दिखने लगती है। इससे सिम बेचते समय डीलर तुरंत पहचान जाते हैं कि किस ग्राहक को नया सिम देने से मना करना है। 30 नवंबर तक कंपनियों को सिस्टम सुधारने की मोहलत दूरसंचार विभाग ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को अपने सिस्टम को इस नए सरकारी प्लेटफॉर्म के साथ पूरी तरह जोड़ने के लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया है। तब तक कंपनियों को अपना पूरा प्रोसेस दुरुस्त करना होगा ताकि कोई भी एक्स्ट्रा सिम चालू न हो सके। सुरक्षा जांच की जरूरत क्यों? ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… e-KYC नहीं तो LPG सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं मिलेगी:नया नियम 1 अक्टूबर से; घर बैठे मोबाइल एप से e-KYC करें केंद्र सरकार ने देशभर के घरेलू LPG ग्राहकों के लिए e-KYC को लेकर नया आदेश जारी किया है। 1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग जारी रखने के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन यानी e-KYC कराना अनिवार्य होगा, नहीं तो सिलेंडर पर मिलने वाली 210 रुपए की सब्सिडी नहीं मिलेगी। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि यह कदम फर्जी कनेक्शन बंद करने और सब्सिडी का सही फायदा सिर्फ आम घरेलू परिवारों तक पहुंचाने के लिए उठाया गया है। पूरी खबर भी पढ़ें…
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