बेगूसराय सहित 12 जिलों में खाद्य सुरक्षा टीमों की जांच, गया में रेस्टोरेंट को सुधार नोटिस
पटना/बेगूसराय: त्योहारी और रोजमर्रा की खरीदारी के बीच बिहार में खाने-पीने की चीजों की शुद्धता को लेकर स्वास्थ्य विभाग सख्त नजर आ रहा है। विभाग के अनुसार बेगूसराय समेत 12 जिलों में कुल 26 निरीक्षण किए गए हैं। 21 सितंबर 2026 तक राज्य में कुल 652 खाद्य नमूने संग्रहित किए जा चुके हैं। जांच में [...]
महिपालपुर में जलभराव पर हाईकोर्ट सख्त, NHAI और DIAL से मांगा ठोस समाधान
दिल्ली के महिपालपुर इलाके में बार-बार होने वाले जलभराव और ट्रैफिक जाम को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने संबंधित एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि समस्या को लेकर लगातार बैठकें हो रही हैं और कागजी कार्रवाई भी हो रही है, लेकिन जमीन पर यह साफ नहीं है कि कौन सा काम किस एजेंसी को करना है और उसे कब तक पूरा किया जाएगा. जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ महिपालपुर में जलभराव से जुड़ी नागरिक अधिकार समूह सोशल जूरिस्ट की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. यह इलाका एयरपोर्ट के पास होने के साथ-साथ गुरुग्राम की ओर जाने वाले प्रमुख मार्ग से भी जुड़ा है, इसलिए यहां जलभराव होने पर यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड यानी DIAL की भूमिका पर सवाल उठाए. अदालत ने कहा कि बैठकों के बावजूद किसी एजेंसी की स्पष्ट जिम्मेदारी तय नहीं हुई है. कोर्ट ने यह भी कहा कि महिपालपुर में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए.
नाले की व्यवस्था को बेहतर करने पर चर्चा
मामले में पहले दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई थी. इसमें बताया गया कि एयरोसिटी क्षेत्र में हुए विकास कार्यों के बाद मौजूदा जल निकासी व्यवस्था की क्षमता प्रभावित हुई है और नजफगढ़ नाले की ओर पानी की निकासी भी प्रभावित हुई. इसके बाद स्थायी समाधान के तौर पर नाले की व्यवस्था को बेहतर करने पर चर्चा हुई. NHAI को DIAL और दूसरी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर तकनीकी अध्ययन करने और स्थायी जल निकासी व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया था. वहीं DIAL की ओर से NH-48 पर शंकर विहार से रेडिसन सर्कल तक करीब 3.5 किलोमीटर लंबे स्टॉर्म वॉटर ड्रेन का प्रस्ताव सामने आया है. तत्काल राहत के लिए पंप लगाने और जल निकासी के रास्तों की सफाई जैसे कदमों पर भी जोर दिया गया.
बैठकें और कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं
हालिया सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि अब केवल बैठकें और कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं हैं. दिल्ली के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित एजेंसियों के साथ आगे बैठकें करें और यह स्पष्ट करें कि जलभराव रोकने के लिए कौन-कौन से तात्कालिक और स्थायी कदम उठाए जाएंगे. साथ ही प्रत्येक काम के लिए जिम्मेदार एजेंसी की पहचान भी की जाए. कोर्ट ने संबंधित एजेंसियों से काम की समयसीमा बताने वाली स्थिति रिपोर्ट भी मांगी है. अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी. उस दौरान संबंधित एजेंसियों के जिम्मेदार अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है. NHAI और DIAL को भी जलभराव और ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए उचित प्रस्ताव रखने को कहा गया है.
महिपालपुर में जलभराव का मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि यह क्षेत्र दिल्ली एयरपोर्ट और गुरुग्राम से जुड़ा महत्वपूर्ण रास्ता है. ऐसे में बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से आम लोगों के साथ-साथ रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. हाईकोर्ट की ताजा सुनवाई का मुख्य जोर अब जिम्मेदारी तय करने, काम की समयसीमा तय करने और जमीन पर समाधान लागू करने पर है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
The Begusarai
News Nation










