Punjab में सरकार बनते ही छह महीने में नशा माफिया का नेटवर्क खत्म करेगी BJP: Shivraj
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर राज्य में मादक पदार्थ की समस्या को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया और वादा किया कि भाजपा के सत्ता में आने पर छह महीने के भीतर मादक पदार्थ के पूरे नेटवर्क को खत्म कर दिया जाएगा। चौहान ने तलवंडी साबो में भाजपा की राज्यव्यापी चौथी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ की शुरूआत की। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है।
इससे पहले, चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पार्टी के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया तथा राज्यसभा सदस्य तरुण चुग समेत अन्य नेताओं ने यहां तख्त श्री दमदमा साहिब में मत्था टेका। चौहान ने मादक पदार्थ से प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात की। चौहान ने एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा और कहा कि उनकी सरकार तय समयसीमा में पंजाब में मादक पदार्थ की समस्या खत्म नहीं कर सकी।
चौहान ने कहा, ‘‘मैं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूछना चाहता हूं कि आपने अरविंद केजरीवाल से क्या वादा किया था? सत्ता में आने से पहले आप कहते थे कि इसे (मादक पदार्थ की समस्या को) तीन महीने में खत्म कर देंगे, छह महीने में खत्म कर देंगे। आपने समयसीमा दी थी न?
लेकिन आपकी समयसीमा एक बार खत्म हुई, फिर दोबारा खत्म हुई और अब फिर से खत्म हो गई।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘आप पंजाब को नशे में डुबो रहे हैं। मादक पदार्थ उपलब्ध कराने वालों को कौन बचा रहा है? उन्हें किसका संरक्षण मिल रहा है?’’ चौहान ने आरोप लगाया कि मान ‘‘अपराध, भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी’’ की सरकार चला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का संदेश लेकर पंजाब आए हैं। उन्होंने भाजपा के सत्ता में आने पर राज्य से नशे की समस्या खत्म करने का संकल्प साझा किया। चौहान ने कहा, ‘‘सत्ता में आने के बाद भाजपा छह महीने के भीतर मादक पदार्थ के पूरे नेटवर्क को नष्ट कर देगी।
यह हमारा संकल्प है। हम नशे की जड़ पर प्रहार करेंगे।’’ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल को याद करते हुए चौहान ने कहा कि उनकी सरकार ने डकैतों के खिलाफ कड़े कदम उठाए थे, और दावा किया कि छह महीने के भीतर ही इस समस्या को खत्म कर दिया गया था। चौहान ने भाजपा शासित उत्तर प्रदेश का भी जिक्र किया और दावा किया कि वहां की सरकार ने सभी अपराधियों का सफाया कर दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने वादा किया था कि 31 मार्च 2026 तक देश में नक्सलवाद को खत्म कर देंगे, लेकिन नक्सलवाद उससे एक महीने पहले ही खत्म कर दिया गया।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का संकल्प है कि ‘‘जब तक पंजाब को नशा मुक्त नहीं कर देते, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे।’’ भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने उन्हें बताया कि पुलिसकर्मियों पर हमले हो रहे हैं और उन्हें सलाह जारी की गई है कि वे ‘‘अकेले या दोपहिया वाहन से बाहर न निकलें।’’ चौहान ने कहा, ‘‘अगर किसी राज्य की पुलिस इस स्थिति में पहुंच जाए तो उस राज्य को कौन बचाएगा?’’ उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘चुल्लू भर पानी में डूब मरो भगवंत मान। आज आपकी पुलिस भी सुरक्षित नहीं है।’’ चौहान ने कहा कि भाजपा पंजाब में ‘‘नशा मुक्ति’’ अभियान चला रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
हमने नशा माफिया, अफीम माफिया, चरस माफिया, चिट्टा माफिया और ऐसे सभी माफिया के खिलाफ अभियान शुरू किया है।’’ उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा भाजपा की यात्रा के विरोध में काले झंडे दिखाए जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘और आप यात्रा को काले झंडे दिखाते हैं।’’ इससे पहले चौहान ने नशे की लत के शिकार लोगों के परिवारों से मुलाकात की। चौहान ने कहा, ‘‘आज जब मैंने पंजाब में प्रभावित परिवारों से बात की तो मेरा दिल पीड़ा से भर गया।
Rajasthan High Court ने देर रात सुनवाई कर पार्षदों को गिरफ्तारी से दी राहत
राजस्थान उच्च न्यायालय ने विभिन्न नगर निगमों के महापौर के चुनाव से पहले पार्षदों और उम्मीदवारों को गिरफ्तारी से तत्काल संरक्षण देने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर रविवार देर रात सुनवाई की। राजस्थान उच्च न्यायालय के इतिहास में इस तरह का यह पहला मामला माना जा रहा है, जिसमें एक मामले की कार्यवाही सोमवार तड़के करीब दो बजे तक चली। अदालत ने हनुमानगढ़ के नौ पार्षदों और बीकानेर के एक पार्षद को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।
ये याचिकाएं कई पार्षदों और उम्मीदवारों ने इस आशंका के बाद दायर की थीं कि चुनाव से ठीक पहले उनके खिलाफ दर्ज मामलों में उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, जिसकी वजह से वे अपना वोट डालने या चुनाव लड़ने से वंचित हो सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर इन मामलों की सुनवाई के लिए रविवार को विशेष पीठ गठित की गई थीं। जिन मामलों पर सुनवाई हुई, उनमें बीकानेर के वार्ड 18 से कांग्रेस पार्षद मकसूद अहमद का मामला भी शामिल था।
वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन आचार्य द्वारा उनकी ओर से दायर याचिका पर, उच्च न्यायालय ने अहमद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और निर्देश दिया कि उन्हें मतदान में भाग लेने की अनुमति दी जाए। इस मामले की सुनवाई रविवार को न्यायमूर्ति सुनील बेनीवाल ने की। याचिकाकर्ता ने कहा कि पुलिस ने अहमद को एक पुराने विवाद से जुड़े मामले के संबंध में पूछताछ के लिए समन भेजा था।
अदालत के समक्ष यह आरोप लगाया गया कि इस कदम का उद्देश्य उन्हें चुनाव में वोट डालने से रोकना है। उच्च न्यायालय ने रविवार रात करीब 11:15 बजे अहमद को गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया। इससे पहले दिन में, अदालत ने नागौर जिले की कुचेरा नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष व पार्षद तेजपाल मिर्धा और श्रीगंगानगर की श्रीविजयनगर नगरपालिका के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार सुशील मूंदड़ा को भी गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी।
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