दिल्ली में आंगनवाड़ी बहनों को बड़ा तोहफा, मानदेय बढ़ाने की तैयारी और मिलेगा खास सम्मान किट
Aanganwadi Samman Kit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुरू किए गए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत दिल्ली सरकार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बच्चों, महिलाओं और परिवारों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं को पहुंचाने में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. सरकार उनके योगदान को सम्मान देने के साथ-साथ मानदेय बढ़ाने पर भी विचार कर रही है.
70 विधानसभा क्षेत्रों में होगा ‘आंगन का मिलन’
दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर 23 सितंबर से ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के अलावा लाभार्थी, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिलाएं, अभिभावक और स्थानीय समुदाय के लोग शामिल होंगे.
सरकार की ओर से इन कार्यक्रमों के लिए करीब 25 हजार निमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं. प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 500 लोगों की भागीदारी प्रस्तावित है. कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभागियों को पोषण शपथ भी दिलाई जाएगी.
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगी सम्मान किट
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए करीब 2,500 रुपये मूल्य की विशेष सम्मान किट तैयार की गई है. इसमें बैग, यूनिफॉर्म, इंसुलेटेड पानी की बोतल, कैप, प्राथमिक उपचार पाउच और छाता शामिल हैं. विधानसभा स्तर के कार्यक्रमों में मुख्य अतिथियों द्वारा आंगनवाड़ी से जुड़े अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को यह किट प्रदान की जाएगी.
‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ है इस साल की थीम
इन कार्यक्रमों को 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 से भी जोड़ा गया है. महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण’ योजना के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है.
इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है. इसका उद्देश्य पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समुदाय की भागीदारी मजबूत करने और आंगनवाड़ी सेवाओं के प्रति लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सरकार और आम लोगों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं. उनके काम को पहचान और सम्मान देने के साथ-साथ उनके मानदेय में बढ़ोतरी की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर सरकारी सेवाओं को पहुंचाने वाले कार्यकर्ताओं को उचित सहयोग मिल सके.
मरीजों और दवाओं की सुरक्षा निगरानी बढ़ाने के लिए सरकार का बड़ा कदम, एनएफआई का 7वां संस्करण लॉन्च, कई नई डिजिटल पहलों की घोषणा
नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) द्वारा आयोजित छठे राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह कार्यक्रम के दौरान नेशनल फॉर्मुलरी ऑफ इंडिया (एनएफआई) के 7वें संस्करण और एडीआर-पीवीपीआई 2.0 मोबाइल ऐप के आईओएस संस्करण का शुभारंभ किया। इसके साथ ही मरीजों की सुरक्षा और दवाओं की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई नई पहलों की घोषणा की गई।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इस अवसर पर अस्पतालों के लिए मेडिकल डिवाइस से संबंधित प्रतिकूल घटनाओं की सुरक्षा निगरानी और रिपोर्टिंग संबंधी मार्गदर्शिका भी जारी की।
17 से 23 सितंबर 2026 तक मनाए जा रहे राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नियामक, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता और दवा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न हितधारक शामिल हुए।
अनुप्रिया पटेल ने यह भी घोषणा की कि भारत के बायोविजिलेंस कार्यक्रम को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत अंग और ऊतक प्रत्यारोपण में उपयोग होने वाली दवाओं तथा जैविक उत्पादों से जुड़ी प्रतिकूल घटनाओं की रिपोर्टिंग, मूल्यांकन, निगरानी और रोकथाम की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, जिसमें दानदाता और प्राप्तकर्ता दोनों को दी जाने वाली जैविक सामग्री शामिल होगी।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एनएफआई का सातवां संस्करण अब एनएफआई ऑनलाइन के माध्यम से डिजिटल रूप में भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को दवाओं की मानकीकृत जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
मंत्री ने कहा कि दवाओं का संतुलित और तर्कसंगत उपयोग तथा उनकी लगातार सुरक्षा निगरानी सार्वजनिक स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक मरीज को सही गुणवत्ता वाली उचित दवा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य व्यवस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारत ने दवा सुरक्षा से जुड़े आंकड़ों के संग्रह, विश्लेषण और प्रसंस्करण के लिए एक मजबूत स्वदेशी तंत्र विकसित किया है, जिसे उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2009-14 के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मरीज सुरक्षा डेटाबेस में 123वें स्थान पर था, जबकि अब देश 8वें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि भारत अब केवल दूसरे देशों से प्राप्त सुरक्षा आंकड़ों पर निर्भर नहीं है, बल्कि स्वयं वैज्ञानिक साक्ष्य तैयार कर वैश्विक स्तर पर योगदान भी दे रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि फार्माकोविजिलेंस, मैटेरियोविजिलेंस और बायोविजिलेंस जैसी पहलें दवाओं, मेडिकल उपकरणों और प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं की सुरक्षा निगरानी को और मजबूत बनाएंगी।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि एनएफआई ऑनलाइन, आईपी ऑनलाइन, एडीआर-पीवीपीआई 2.0 मोबाइल ऐप और एडवर्स ड्रग रिएक्शन मॉनिटरिंग सिस्टम (एडीआरएमएस) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म दवाओं से जुड़ी जानकारी और प्रतिकूल प्रभावों की रिपोर्टिंग को अधिक सुलभ, पारदर्शी और उत्तरदायी बना रहे हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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