जजों की नियुक्ति में दो सिख नाम क्यों नहीं, किसने उठाया सवाल? केंद्र सरकार पर आरोप
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के एक पूर्व अध्यक्ष ने दिल्ली तथा पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दो सिखों के नाम शामिल न किए जाने को लेकर अपनी बात रखी है।
IIT बॉम्बे में फैकल्टी का प्रदर्शन, छात्र आत्महत्या मामले में हटाए गए प्रोफेसर के समर्थन में उतरे शिक्षक
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे में छात्र की आत्महत्या के बाद शुरू हुआ विवाद अब फैकल्टी तक पहुंच गया है. सोमवार को संस्थान के मुख्य भवन में शिक्षकों ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला के समर्थन में प्रदर्शन किया. दुल्ला को छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद प्रशासनिक जिम्मेदारी से हटा दिया गया था. फैकल्टी फोरम ने उनका समर्थन करते हुए कहा है कि उन्होंने संस्थान के सीनेट द्वारा स्वीकृत नियमों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियां निभाईं.
प्रशासनिक पद से हटाए गए प्रोफेसर
IIT बॉम्बे के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की 18 सितंबर को आत्महत्या के बाद परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था. छात्रों का आरोप है कि संस्थान में छात्रों के साथ व्यवहार, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और शिकायतों के निपटारे से जुड़े कई गंभीर सवाल हैं.
विवाद के बीच संस्थान के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने सूर्यनारायण दुल्ला को डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया. हालांकि, वह संस्थान में प्रोफेसर और ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं. छात्रों की मांग थी कि उन्हें केवल प्रशासनिक पद से नहीं, बल्कि फैकल्टी की जिम्मेदारी से भी निलंबित किया जाए.
Mumbai, Maharashtra | IIT Bombay student suicide | IIT Bombay Faculty Forum stages a campus march to support Professor Suryanarayana Doolla, who has been suspended from the deanship of IIT Bombay.
— ANI (@ANI) September 21, 2026
(Picture Source: A student from IIT) https://t.co/PJ6HiyiJNY pic.twitter.com/junX3KSLZN
फैकल्टी फोरम ने क्या कहा?
फैकल्टी फोरम ने अपने बयान में कहा कि प्रोफेसर दुल्ला परीक्षा के दौरान संस्थान में लागू शैक्षणिक नियमों के तहत काम कर रहे थे. फोरम ने उनके समर्थन के साथ-साथ मृत छात्र के परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की. शिक्षकों का कहना है कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की समीक्षा की जानी चाहिए.
छात्र की मौत के बाद बढ़ा विवाद
साहिल वाकोडे के परिवार ने संस्थान में उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं. पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी-एसटी कानून के तहत मामला दर्ज किया है. मामले की जांच जारी है. संस्थान ने छात्र की मौत से जुड़े अपने शुरुआती बयान पर भी माफी मांगी है. प्रशासन का कहना है कि घटना से जुड़े तथ्य अभी जांच के अधीन हैं. इस बीच, छात्रों ने स्वतंत्र जांच, पारदर्शी शिकायत व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार समेत कई मांगें उठाई हैं. फैकल्टी के प्रदर्शन से साफ है कि यह विवाद अब केवल छात्रों और प्रशासन के बीच नहीं रह गया है. मामले में जांच की निष्पक्षता, संस्थान की जवाबदेही और शिक्षक-छात्र संबंधों को लेकर बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है.
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