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UltraTech Cement को Jaisalmer में नई खनन परियोजना के पहले चरण की मिली मंजूरी

अल्ट्राटेक सीमेंट लि. ने जैसलमेर के जोगा गांव में प्रस्तावित नई चूना पत्थर खनन परियोजना के लिए मंजूरी प्रक्रिया का पहला चरण पार कर लिया है। कंपनी राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले में अपनी खनन परियोजना में पर्यावरण अनुपालन और अन्य नियमों के उल्लंघन के आरोपों का सामना कर रही है। प्रस्तावित खनन परियोजना 400 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैली है और इसमें पत्थर तोड़ने की इकाई भी शामिल है।

यह परियोजना गंभीर रूप से अस्तित्व का संकट झेल रहे पक्षी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड यानी गोडावण के ‘प्राथमिकता वाले क्षेत्र’ से महज 5.8 किलोमीटर दूर स्थित है। प्राथमिकता वाले क्षेत्र गोडावण के महत्वपूर्ण आवास माने जाते हैं, जहां ये पक्षी आश्रय लेते हैं और प्रजनन करते हैं। अल्ट्राटेक सीमेंट ने गोडावण के प्राथमिकता वाले क्षेत्र के लिए नुकसान कम करने को लेकर कई उपाय करने का प्रस्ताव किया है।

इनमें पानी का छिड़काव कर धूल को नियंत्रित करना, पत्थर तोड़ने वाली इकाई में बैग फिल्टर लगाना और आसपास के क्षेत्रों में बाधाओं को कम करना शामिल है। हालांकि, कोटपूतली-बहरोड़ के जोधपुर-मोहनपुर गांव में कंपनी की 500 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैली चूना पत्थर खनन परियोजना में पर्यावरण और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए नुकसान कम करने के उपाय नहीं करने के आरोप लगे हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की मध्य क्षेत्र पीठ ने नवंबर, 2025 में निजी कंपनी को गांव में पर्यावरणीय नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी खतरों के लिए जिम्मेदार ठहराया था।

एनजीटी ने अल्ट्राटेक सीमेंट को रात में विस्फोट करने का काम बंद करने, पत्थर तोड़ने वाले क्षेत्र को तिरपाल से ढकने, संपर्क मार्गों पर पानी का छिड़काव करने तथा प्रदूषण नियंत्रण के लिए बैग फिल्टर, वैक्यूम सक्शन यानी धूल खींचने वाले उपकरण और सूक्ष्म जल-कुहासा प्रणाली का इस्तेमाल करने का आदेश दिया था। इन आरोपों पर कंपनी की प्रतिक्रिया अभी नहीं मिली है। नवीनतम परियोजना को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (ईएसी) ने 10 सितंबर को नियम एवं शर्तें जारी करने की मंजूरी देने की सिफारिश की।

नियम एवं शर्तें एक औपचारिक दस्तावेज है, जो किसी प्रस्तावित परियोजना के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन अध्ययन के दायरे, उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और रिपोर्टिंग संबंधी आवश्यकताओं को तय करता है। समिति की बैठक के ब्योरे के अनुसार, प्रस्तावित परियोजना में चूना पत्थर उत्पादन की क्षमता सालाना 10 लाख टन और पत्थर तोड़ने वाली इकाई की क्षमता 1,500 टन प्रति घंटा होगी। ईएसी ने कंपनी को दी गई सिफारिशों में गोडावण संरक्षण योजना तैयार करने को कहा है।

इसमें परियोजना को लेकर नुकसान से बचने के उपाय, घासभूमि के आवास का संरक्षण और प्रबंधन, प्रजनन क्षेत्र की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था, संस्थागत प्रबंध और बजट का प्रावधान शामिल होना चाहिए। परियोजना के प्रस्तावक को संरक्षण क्षेत्र और उसके आसपास चराई, वाहनों की आवाजाही, मानवीय हस्तक्षेप, कचरा निपटान तथा अन्य गतिविधियों से होने वाले मानवीय बाधाओं को नियंत्रित करने की योजना तैयार करने को भी कहा गया है।

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मैंने देश के लिए मेडल जीता, परिवार समेत कोच और साइकोलॉजिस्ट को सफलता का श्रेय: हिमांशु ढिल्लों

नागोया, 21 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को पुरुषों के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर मेडल पर निशाना साधा। हिमांशु ने एशियन गेम्स में जीते इस पदक को अपने करियर का एक गर्व भरा पल बताया है। भारतीय शूटर ने सीनियर लेवल पर जीते अपने इस पहले मेडल का श्रेय परिवार, कोच पूजा घाटकर और साइकोलॉजिस्ट शिवम द्विवेदी को दिया।

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India vs Japan: एशियन गेम्स 2026 में अपना अभियान शुरू करने से पहले भारतीय टीम जापान के खिलाफ इकलौता टी20 मैच खेलेगी. दोनों टीम पहली बार आपस में टकराने जा रही हैं, जिसे लेकर काफी उत्साह है. Mon, 21 Sep 2026 19:56:11 +0530

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