Zaporizhzhia में इमारतें क्षतिग्रस्त, Kharkiv में Russian Drone Attack में महिला की मौत
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने सोमवार को आरोप लगाया कि रूसी सेना ने कल शाम और पूरी रात यूक्रेन के दस इलाकों पर हमले किए। खार्किव इलाके में ड्रोन हमले में एक महिला की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए। एक्स पर एक पोस्ट में ज़ेलेंस्की ने कहा कि कल शाम ज़ापोरिज्जिया पर रूस ने जान-बूझकर और बेरहमी से हमला किया। इसमें नौ मंज़िला रिहायशी इमारतें, एक यूनिवर्सिटी बिल्डिंग, एक शॉपिंग मॉल और एक बॉयलर हाउस को नुकसान पहुँचा। अभी तक पाँच लोगों के घायल होने की खबर है और कुछ निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। खार्किव इलाके के लोज़ोवा में ड्रोन हमले में एक महिला की मौत हो गई। उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएँ। तीन अन्य लोग घायल हुए। कुल मिलाकर, रूस ने शाम और पूरी रात हमारे 10 इलाकों पर हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये हमले तब हुए जब रूस ने तनाव और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि मॉस्को पर दबाव बनाने के साथ-साथ कूटनीतिक कोशिशें भी जारी रहनी चाहिए। ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूस पर दबाव के साथ-साथ कूटनीति भी काम करनी चाहिए और UN जनरल असेंबली में नेताओं को मिलकर शांति लाने की कोशिशों पर ध्यान देना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि रूस तनाव कम करने को तैयार नहीं है और ऐसे कई संकेत दे रहा है कि वह युद्ध को और बढ़ाना चाहता है। यह सब तब हो रहा है जब इस युद्ध की वजह से दुनिया की स्थिरता पहले ही डगमगा चुकी है। इस युद्ध को खत्म करने के लिए हमें हमलावर पर दबाव बनाना जारी रखना होगा। हर प्रतिक्रिया और हर लंबी अवधि का प्रतिबंध उस दबाव का हिस्सा है जो असल में काम कर रहा है, और दुनिया इसे महसूस कर सकती है। लेकिन साथ ही कूटनीति भी काम करनी चाहिए। UN जनरल असेंबली में हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि मिलकर शांति कैसे लाई जा सकती है। सभी नेताओं को इसी मुख्य काम पर ध्यान देना चाहिए। मैं उन सभी का शुक्रिया अदा करता हूं जो मदद कर रहे हैं। इस बीच, रविवार को बढ़ी हुई सैन्य गतिविधियों के दौरान यूक्रेन ने मॉस्को और मॉस्को क्षेत्र की ओर 1,000 से ज़्यादा ड्रोन भेजे। रूसी अधिकारियों ने बताया कि इन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हुई और एक बड़ी तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुँचा। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने आरोप लगाया कि ये हमले रूस के स्टेट ड्यूमा चुनावों में बाधा डालने के लिए किए गए थे, जबकि यूक्रेन ने इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की।
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ये घटनाक्रम तब सामने आए जब रविवार को तीन दिनों तक चली वोटिंग के बाद, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का समर्थन करने वाली रूस की सत्ताधारी 'यूनाइटेड रशिया पार्टी' शुरुआती वोटों में 57.5 प्रतिशत के साथ स्टेट ड्यूमा चुनावों में आगे रही। अंतिम नतीजे 25 सितंबर तक आने की उम्मीद है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के बड़े पैमाने पर हमले के बाद यह पहला स्टेट ड्यूमा चुनाव था। पुतिन ने इस चुनाव को देश की सैन्य और राजनीतिक दिशा के लिए जनता के समर्थन के संकेत के तौर पर पेश किया था। दी गई जानकारी के अनुसार, पुतिन ने कहा, "आपकी पसंद और दृढ़ संकल्प एक बार फिर दिखाएगा कि लाखों लोग हमारे सैनिकों का समर्थन कर रहे हैं और हम साझा मूल्यों, अपनी ऐतिहासिक यादों और अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम से एकजुट होकर साथ खड़े हैं।" दी गई जानकारी के मुताबिक, यह चुनाव कड़े नियंत्रण वाले राजनीतिक माहौल में हुआ, जिसमें कोई खास विपक्ष मौजूद नहीं था। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने रूस की याब्लोको पार्टी को संघीय पार्टी-सूची चुनाव में भाग लेने से रोक दिया था।
Afghanistan में Pakistan Air Strike, 28 चरमपंथियों के मारे जाने का दावा
पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने सोमवार को पूर्वी अफगानिस्तान में कुछ ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिन्हें पाक सुरक्षा अधिकारियों ने संदिग्ध चरमपंथियों का ठिकाना बताया। पाकिस्तान ने दावा किया कि इन हमलों में 28 चरमपंथी मारे गए। काबुल के अधिकारियों ने कहा कि हमलों में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है।
दोनों देशों की सीमा के पास हुए इन हमलों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। इससे सीमा पार और टकराव की आशंका पैदा हो गई है और चीन समेत क्षेत्र के देशों की ओर से पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान के बीच मध्यस्थता के प्रयासों पर भी असर पड़ सकता है। ये हमले पाकिस्तान की उस चेतावनी के बाद किए गए हैं जिसमें उसने सीमा के पास हाल में अपने सुरक्षा बलों पर हुए दो घातक हमलों के बाद अफगानिस्तान के भीतर चरमपंथियों को निशाना बनाने की बात कही थी।
पाकिस्तान में पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर किए जाने वाले चरमपंथियों के हमलों में हाल के वर्षों में इजाफा हुआ है। हमलों में यह बढ़ोतरी कई महीनों से जारी सैन्य कार्रवाई के बाद है। फरवरी से सीमा पार संघर्ष में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं।
फरवरी में पाकिस्तान ने अफगान इलाके में हवाई हमले किए थे, जिसके जवाब में अफगानिस्तान ने जवाबी हमले किए थे। इस्लामाबाद में अधिकारियों ने हिंसा की अधिकतर घटनाओं के लिए पाकिस्तानी तालिबान और उससे संबद्ध चरमपंथी समूहों को जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तानी तालिबान 2021 में सत्ता में लौटे अफगान तालिबान से अलग संगठन है, हालांकि दोनों एक दूसरे के सहयोगी हैं।
पाकिस्तान के दो सुरक्षा अधिकारियों ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर कहा कि सोमवार को हुए हवाई हमलों में 28 संदिग्ध चरमपंथी मारे गए। हालांकि, अफगानिस्तान सरकार ने कहा कि हमलों में तीन आम नागरिक मारे गए और चार अन्य घायल हो गए। दोनों पक्षों के दावों की तुरंत स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी।
अफगान तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में इन हवाई हमलों की निंदा की और कहा कि इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने लिखा, ‘‘हमारा मानना है कि बार बार इस तरह के अपराध को दोहराया जा रहा है और हम इस आक्रामकता एवं ज्यादती की निंदा करते हैं। पाकिस्तानी सैन्य हलकों ने एक बार फिर अपने देश की सुरक्षा विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसा अपराध किया है।’’ अफगानिस्तान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने कहा कि हमले तड़के करीब तीन बजे कुनार प्रांत के नूरगल जिले और पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में हुए।
शुरुआती जानकारी का हवाला देते हुए फितरत ने कहा कि हमले में नूरगल के पठान गांव में नूर अहमद नाम के एक ग्रामीण का घर तबाह हो गया जिसमें अहमद और उनके परिवार के दो सदस्य मारे गए और चार अन्य रिश्तेदार घायल हो गए। फितरत ने कहा कि बरमल के रखाह और तोर कुंडी इलाकों में हुए हमलों में एक दुकान और एक खाली मकान तबाह हो गया, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। ये हवाई हमले अफगानिस्तान की सीमा से लगे उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हंगू जिले में चरमपंथियों के साथ मुठभेड़ में सेना के दो अधिकारियों समेत छह पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों के मारे जाने के एक दिन बाद किए गए।
ये हमले शुक्रवार को पाकिस्तान के कोहाट शहर में हुए घातक हमले के बाद भी हुए हैं, जहां एक आत्मघाती हमलावर ने पुलिस परिसर के अंदर स्थित एक मस्जिद को निशाना बनाया था और आठ बंदूकधारियों ने कार्यालयों पर धावा बोलकर 20 घंटे तक गोलीबारी की थी। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई, जिनमें ज्यादातर पुलिस अधिकारी थे जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने शनिवार को चेतावनी दी कि पाकिस्तान में हुए हमलों के जवाब में देश अफगानिस्तान के अंदर चरमपंथियों को निशाना बना सकता है।
मंत्रालय ने कोहाट हमले के लिए अफगानिस्तान में मौजूद चरमपंथियों को जिम्मेदार ठहराया और अफगान तालिबान सरकार पर उन समूहों को पनाह देने और समर्थन करने का आरोप लगाया जो पाकिस्तान में हमले करते हैं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के पास आतंकवादी खतरों को खत्म करने की इच्छाशक्ति और क्षमता दोनों हैं, चाहे वे कहीं भी हों।’’ मंत्रालय ने अफगानिस्तान से यह भी कहा कि वह उसके यहां मौजूद चरमपंथी ठिकानों और भर्ती व प्रशिक्षण नेटवर्क को खत्म करने के लिए ‘‘निरंतर ठोस और विश्वसनीय’’ कदम उठाए। सोमवार को हवाई हमले किए जाने तक कोहाट या हंगू हमलों की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली थी।
इन हमलों के पीछे शक पाकिस्तानी तालिबान, जिसे औपचारिक रूप से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कहा जाता है, पर जताया गया था। टीटीपी ने हाल के वर्षों में पाकिस्तान में पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर हमले तेज किए हैं। टीटीपी अफगानिस्तान के तालिबान से अलग संगठन है, हालांकि दोनों के बीच गठजोड़ है।
अफगान तालिबान 2021 में सत्ता में लौटा था। पाकिस्तान ने बार-बार काबुल की तालिबान सरकार पर टीटीपी नेताओं को पनाह देने और आतंकवादियों को सीमा पार हमले करने की अनुमति देने का आरोप लगाया है। अफगान सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है।
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