मोदी सरकार में केरलम का रेलवे आवंटन 10 गुना बढ़कर वित्त वर्ष 27 में 3,795 करोड़ रुपए हुआ: अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में केरलम के लिए रेलवे का आवंटन लगभग दस गुना बढ़ गया है। यह 2014 में 372 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 में 3,795 करोड़ रुपए हो गया है।
केरल के सांसदों से मुलाकात के बाद जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ज्यादा निवेश से राज्य में बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, क्षमता बढ़ाने और यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी जैसे काम हो रहे हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, केरल के सांसदों से मुलाकात हुई। हमने राज्य में रेलवे नेटवर्क के विकास पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त वर्ष 26-27 के लिए केरल का बजट आवंटन 10 गुना बढ़ाकर 3,795 करोड़ रुपए कर दिया है। 2014 में यह राशि सिर्फ 372 करोड़ रुपए थी।
केंद्रीय मंत्री ने मंगलुरु में रेलवे कामकाज से जुड़ी चिंताओं पर भी बात की। उन्होंने बताया कि पहले रेलवे का इलाका तीन अलग-अलग जोन में बंटा हुआ था, जिससे कामकाज में दिक्कतें आती थीं।
वैष्णव ने कहा,हमने मंगलुरु में कामकाज से जुड़ी दिक्कतों पर चर्चा की। मंगलुरु रेलवे इलाके को तीन अलग-अलग जोन में बांटा गया था, जिससे कामकाज में गंभीर दिक्कतें आ रही थीं। मंगलुरु को एसडब्ल्यूआर में बनाए रखने के फैसले से कामकाज से जुड़ी ये दिक्कतें दूर हो जाएंगी।
वैष्णव ने कहा कि पिछले 12 सालों में केरलम में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर का काफी विकास हुआ है। राज्य के रेलवे नेटवर्क का 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन हो चुका है, साथ ही कई डबलिंग और गेज-कनवर्जन प्रोजेक्ट भी पूरे हो चुके हैं।
उन्होंने आगे बताया कि 131 रोड ओवरब्रिज और अंडरपास बनाए गए हैं, और अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत 16 स्टेशनों को पहले ही रीडेवलप किया जा चुका है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि काम तेजी से चल रहा है और केरलम में अभी 20,000 करोड़ रुपए से ज्यादा के रेलवे प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहा है। इनमें नौ मल्टी-ट्रैकिंग और नई लाइन वाले प्रोजेक्ट्स, 145 रोड ओवरब्रिज और अंडरपास, और 19 स्टेशनों का रीडेवलपमेंट शामिल है।
वैष्णव के अनुसार, 2014 से राज्य में 4,316 करोड़ रुपए की लागत से 670 किलोमीटर के छह बड़े डबलिंग और गेज-कन्वर्जन प्रोजेक्ट्स पूरे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से पूरे केरलम में रेलवे की क्षमता और कनेक्टिविटी में काफी सुधार हुआ है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, हमारा फोकस ज्यादा क्षमता बनाने और पूरे केरल में रेलवे के कामकाज को ज्यादा सुचारू और कुशल बनाने पर है।
--आईएएनएस
एबीएस
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Canada के साथ CEPA वार्ता पर बोले Piyush Goyal, अगले 90 दिन दोनों देशों के लिए अहम
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के लिए बातचीत में तेज़ी लाने पर सहमत हो गए हैं। बातचीत का अगला दौर 5 अक्टूबर से शुरू होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 90 दिन दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक अहम दौर साबित हो सकते हैं। गोयल ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को मुंबई में कनाडा के अपने समकक्ष, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के लिए बातचीत का चौथा दौर पूरा किया। मीडिया से बातचीत के दौरान गोयल ने कहा मैंने शुक्रवार को मुंबई में कनाडा के साथ व्यापार समझौते के लिए अपने समकक्ष श्री मनिंदर सिद्धू के साथ बातचीत का चौथा दौर पूरा किया है। बातचीत को फ़ायदेमंद बताते हुए गोयल ने कहा कि दोनों देशों ने बातचीत की रफ़्तार बढ़ाने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा कि बहुत फ़ायदेमंद बातचीत हुई और दोनों पक्षों ने बातचीत में तेज़ी लाने का संकल्प लिया है, जिसे देखते हुए हमारी टीम अब पांचवें दौर की बातचीत के लिए जाने वाली है।
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मंत्री ने बताया कि पांचवां दौर 5 अक्टूबर से शुरू होगा और उन्होंने कहा कि बातचीत की रफ़्तार बढ़ रही है। गोयल ने कहा कि 5 अक्टूबर। तो आप देख सकते हैं कि जैसे-जैसे प्रगति हो रही है, कनाडा के साथ बातचीत की गति भी बेहतर हो रही है। नई दिल्ली और ओटावा के बीच बढ़ते सहयोग की ओर इशारा करते हुए गोयल ने आगे कहा, देखते हैं, अगले 90 दिन कनाडा-भारत संबंधों के लिए बहुत अहम समय साबित होने चाहिए। यह नया दौर दोनों देशों की ओर से एक व्यापक व्यापार समझौता करने की नई कोशिशों का हिस्सा है। मुंबई में सिद्धू की 18-19 सितंबर की यात्रा से पहले कनाडा ने कहा था कि CEPA बातचीत के तीन नए दौर पूरे हो चुके हैं और दोनों पक्ष 2026 के आखिर तक बातचीत पूरी करने के लक्ष्य पर सहमत हैं। भारत और कनाडा एक व्यापक व्यापार समझौते पर एक दशक से ज़्यादा समय से बातचीत कर रहे हैं। बातचीत औपचारिक रूप से मार्च 2022 में फिर से शुरू हुई थी, जिसमें दोनों पक्ष एक अंतरिम कदम के तौर पर 'अर्ली प्रोग्रेस ट्रेड एग्रीमेंट' (शुरुआती प्रगति व्यापार समझौता) पर भी काम कर रहे थे। 2022 और 2023 के बीच बातचीत के नौ दौर हुए, लेकिन अगस्त 2023 में आपसी रिश्तों में तनाव के कारण यह प्रक्रिया रोक दी गई थी। 2025 में व्यापारिक बातचीत ने फिर से गति पकड़ी। इसके बाद दोनों देशों ने CEPA की नई प्रक्रिया शुरू की और 2 मार्च 2026 को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान गोयल और सिद्धू ने 'टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस' (काम की रूपरेखा) पर हस्ताक्षर किए। दोनों सरकारों ने 2026 के आखिर तक बातचीत पूरी करने का संकल्प लिया।
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