कर्नाटक : नकली दवाओं के रैकेट पर सरकार की बड़ी कार्रवाई, स्वास्थ्य विभाग ने उपभोक्ताओं को किया आगाह
बेंगलुरु, 21 सितंबर (आईएएनएस)। बिदादी में नकली दवाओं के रैकेट का पता चलने के बाद राज्य सरकार की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग की ओर से फाइजर सी-एफ डिपो और आठ अन्य दवा लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को नागरिकों से अपील की कि वे केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसी से ही वैध टैक्स इनवॉइस के साथ दवाएं खरीदें और संदिग्ध पैकेजिंग या लेबल पर क्यूआर कोड स्कैन न होने जैसी बातों की जानकारी ड्रग एनफोर्समेंट अधिकारियों को दें।
यह कार्रवाई 18 अगस्त को बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी में कुरुबाराकेरानाहल्ली के एक फार्महाउस पर कर्नाटक खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफडीए) के ड्रग एनफोर्समेंट विंग द्वारा की गई छापेमारी के बाद की गई है। इस ऑपरेशन में कथित तौर पर बिना लाइसेंस के दवा की रीपैकेजिंग और रीलेबलिंग का रैकेट पकड़ा गया।
छापेमारी के दौरान लगभग 5.05 करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाएं, मशीनरी और प्रिंटिंग सामग्री जब्त की गई। जब्त की गई सामग्री की इन्वेंट्री वैल्यू लगभग 4.91 करोड़ रुपये आंकी गई थी। शुरुआती जांच के अनुसार, पड़ोसी राज्यों से खरीदी गई सस्ती दवाओं को कथित तौर पर नई शीशियों में दोबारा पैक किया गया और उन पर ऐसे लेबल लगाए गए जिससे वे मल्टीनेशनल कंपनियों की महंगी जीवन रक्षक दवाओं जैसी दिखें, जिनमें फाइजर ब्रांड के उत्पाद भी शामिल थे।
अधिकारियों को संदिग्ध नकली लेबल पर क्यूआर और स्कैनिंग कोड भी मिले, जो जांचने पर काम नहीं कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए उत्पादों में कोई सक्रिय औषधीय तत्व नहीं होने, गलत सामग्री या संभावित रूप से हानिकारक पदार्थ होने का संदेह है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है।
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। विभाग ने नकली दवाओं से संबंधित प्रावधान लागू किए हैं, जबकि देश भर के छह राज्यों में पूरी सप्लाई चेन की पहचानने और उसका पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
नकली दवाओं के वितरण और बिक्री में कथित तौर पर शामिल खुदरा विक्रेताओं और थोक विक्रेताओं की जांच के हिस्से के रूप में, 16 दवा लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं और आठ लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। बेंगलुरु ग्रामीण जिले के नेलमंगला तालुक के केम्पलिंगनाहल्ली में स्थित फाइजर सी-एफ डिपो का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया है।
विभाग ने कर्नाटक एफडीए पोर्टल पर जब्त दवाओं के बैच नंबर और एंट्री को ब्लॉक कर दिया है, जिससे कि उनकी आगे बिक्री या वितरण को रोका जा सके। जब्त उत्पादों के नमूने भी प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजे गए हैं ताकि उनकी रासायनिक संरचना, स्टेरिलिटी और क्षमता का पता लगाया जा सके।
जब्त की गई दवाओं, मशीनरी और प्रिंटिंग सामग्री को जेएमएफसी कोर्ट, बेंगलुरु दक्षिण के समक्ष पेश किया जाएगा। सप्लाई चेन का पता लगाने और रैकेट में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।
स्वास्थ्य विभाग ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे दवाएं खरीदते समय सतर्क रहें और पैकेजिंग, लेबल या क्यूआर कोड में संदिग्ध बदलावों के बारे में ड्रग एनफोर्समेंट अधिकारियों को तुरंत सूचित करें।
--आईएएनएस
एसडी/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
Surat Gas Geyser Accident: गैस गीजर बना काल, बंद बाथरूम में नहाने के बाद 11वीं की छात्रा की मौत, जानें कैसे करें सुरक्षा
Surat Gas Geyser Accident: गुजरात के सूरत में गैस गीजर से 15 साल की एक छात्रा की मौत हो गई. 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली यह बच्ची गैस गीजर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड का शिकार हो गई. यह मामला सूरत के कतरगाम में गणेश आरती में शामिल होने से पहले बाथरूम में नहाने गई लड़की का दम घुटा और इससे उसकी मृत्यु हो गई. बता दें कि सूरत में पिछले सात महीनों में गैस गीजर से जुड़ी घटनाओं में चार लोगों की मौत हो चुकी है. जानें पूरा मामला क्या है?
बंद बाथरूम में नहाने से हुई कक्षा 11 के छात्र की मौत
कतरगाम गुरुद्वारे के पास गुनातीत नगर सोसाइटी में जिग्नेशभाई वारिया रहते हैं, जिनकी बेटी प्रियम थी. उसके पिता बैंक में काम करते हैं और प्रियम पास के एक निजी स्कूल में कॉमर्स सबजेक्ट की 11वीं कक्षा में पढ़ रही थी. शनिवार की सुबह प्रियम सोसाइटी के गणेश पंडाल में आरती के लिए शामिल होने जाने वाली थी. इसके लिए वह बाथरूम में नहाने गई थी. डेढ़ घंटे के बाद भी जब प्रियम बाहर नहीं आई तो दरवाजा खटखटाया गया. मगर कोई जवाब तब भी नहीं मिला. इसके बाद परिवार ने दरवाजा तोड़कर देखा तो प्रियम फर्श पर बेहोश पड़ी हुई थी.
ये भी पढ़ें- PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर गुजरात में ‘हरित घर-स्वस्थ समाज’ अभियान की शुरुआत, 76 हजार किचन गार्डन पौधे लगाए जाएंगे
परिवारजन तुरंत प्रियम को पास के निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. शुरुआती जांच से पता चला है कि पानी गर्म करने के लिए गीजर को चालू करने के बाद उससे जहरीली गैस लीक होने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हो गई.
फरवरी में भी 3 लोगों की मौत हुई थी
10 फरवरी को 41 वर्ष के फैज अहमद सैयद. 37 वर्षीय पत्नी मुबीनाबानू और उनके 12 साल के बेटे नोमान अपने घर में मृत पाए गए थे. यह परिवार लालगेट हरिपुरा के सोया शरी स्थित सैयद मंजिल की तीसरी मंजिल पर रहता था. उनके बड़े भाई उस्मान सैयद ने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया और वहां उन्होंने दंपत्ति को बेडरूम में मृत पाया. नोमान हॉल में मृत पाया गया. इसके बाद अस्पताल में फॉरेंसिक पोस्टमार्टम में साबित हुआ कि तीनों की मृत्यु गैस गीजर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड के चलते दम घुटने से हुई. ये धीरे-धीरे घर में फैल गई थी.
26 वर्षीय टेक्निकल असिस्टेंट की मृत्यु भी हुई गैस
पिछले साल 2025 में नवंबर के महीने में 26 साल के दिंकल आदित्यकुमार भगत, ओलपाड तालुका के मस्मा स्थित गृहम लक्ज़ुरिया में रहती थीं. वह सूरत नगर निगम के वराछा पूर्वी क्षेत्र में तकनीकी सहायक के रूप में काम करती थीं और उन्हें चुनाव आयोग द्वारा बूथ-स्तरीय अधिकारी (BLO) के रूप में भी नियुक्त किया गया था. दिंकल की 2 साल पहले लव मैरिज की थी. वे अपने घर के बाथरूम में बेहोश पाई गई. उसके परिवार वालों ने दरवाजा तोड़कर उसे अस्पताल ले गए,जहां कुछ समय के इलाज के बाद उसकी मृत्यु हो गई थी. सिविल अस्पताल में किए गए फोरेंसिक पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में पता चला है कि गैस गीजर से लीक हुई जहरीली गैस से हुई थी.
ये भी पढ़ें- नडियाद में आयोजित हुआ ‘मातृ संवाद’ कार्यक्रम, हर्ष संघवी ने सखी मंडल की महिलाओं से की बातचीत
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation









