Responsive Scrollable Menu

अफगानिस्तान पर अंधेरे में पाकिस्तान ने कर दी एयरस्ट्राइक, 3 लोगों की मौत और कई घायल

पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर तनाव एक बार फिर से विस्फोटक हो चुका है क्योंकि पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान की सीमा के भीतर एयर स्ट्राइक्स को अंजाम दिया गया है। तालीबान से जुड़े हुए मीडिया नेटवर्क और अफगानी समाचार एजेंसी टोल न्यूज़ के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है। पाकिस्तानी वायुसेना के लाखों विमानों ने अफगानिस्तान की सीमा के अंदर घुसकर कई इलाकों में एयर स्ट्राइक्स को अंजाम दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 21 सितंबर तड़के सुबह पाकिस्तानी फाइटर जेट्स ने पूर्वी अफगानिस्तान के कुनार और पातिका प्रांत में भारी बमबारी की है। तो न्यूज़ और स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि कुनार प्रांत में इस हवाई हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। अफगानी मीडिया और स्थानीय सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने रात के अंधेरे में करीब 3:30 पर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए रिहाइशी इलाकों को अपना निशाना बनाया है। जिसमें लोगों की मौत भी हुई है और कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। अगर हम बात करें कुनार प्रांत की तो कुनार के नूरगुल जिले के पतंग इलाके में पाकिस्तानी जज ने बम गिराए हैं। 

इसे भी पढ़ें: Khyber Pakhtunkhwa में TTP आतंकियों के साथ मुठभेड़, 6 सुरक्षाकर्मियों समेत 14 की मौत


स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक वहां पर एक आम नागरिक नूर मोहम्मद के घर पर सीधा बम गिरा। जिससे उनका घर पूरी तरीके से मलबे में तब्दील हो गया। इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है और कई सारे लोग घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोग मलबे के बीच से बम के टुकड़े और अवशेष निकालते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। वहीं बात करें पातिका प्रांत की तो पात्तिका के बारल जिले के राखा और तोराकंडी इलाके में दो अलग-अलग जगहों पर पाकिस्तान की ओर से हमले किए गए हैं। बताया जा रहा है कि यहां पर खाली मकान और पुरानी दुकानों पर पाकिस्तानी बम गिरे हैं। जिससे यह पूरा इलाका मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है। पाकिस्तान की ओर से ये हमला कोई पहली घटना नहीं थी। संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार सीमा पार से होने वाली हिंसा के बेहद चौंकाने वाले आंकड़े हैं। यूएनएमए की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल से जून 2026 के बीच सीमा पार सशस्त्र हिंसा में यानी कि पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में की गई हिंसा में 399 आम नागरिक हताहत हुए हैं। जिनमें 57 की मौत हुई है और 342 लोग घायल हुए हैं। 

इसे भी पढ़ें: Lahore में Imran Khan की बहन Aleema Khan हिरासत में, 30 दिन की कैद का आदेश


इन पीड़ितों में 40 महिलाएं भी हैं और 112 बच्चे भी शामिल हैं। यानी कि संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक रिपोर्ट भी इस बात का खुलासा कर रही है कि पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में हिंसा की जा रही है। वहीं इस ताजा सैनिक कार्रबाही से ठीक पहले तालीबान के मुख्य प्रवक्ता जबी उल्लाह मुजाहिद ने अल अरबिया इंग्लिश को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान को सख्त चेतावनी दी थी। मुजाहिद ने पाकिस्तान के उन आरोपों को सिरे से खारिज किया था। जिसमें पाकिस्तान दावा कर रहा था कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल करके पाकिस्तानी ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं। जब मुल्ला मुजाहिद ने साफ तौर पर पाकिस्तान को संदेश दिया कि अगर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन किया या आर्टिकल 51 की आड़ को लेकर हमले किए तो अफगानिस्तान को अपनी रक्षा का पूरा अधिकार होगा और इसका मुंहतोड़ करारा जवाब दिया जाएगा। इस बयान के ठीक बाद ही पाकिस्तान की ओर से यह एयर स्ट्राइक देखने को मिली है। वो भी अफगानिस्तान के भीतर घुसकर कई जगहों पर। 

Continue reading on the app

Airstrike से भड़का Afghanistan, Taliban ने Pakistan को दी Crushing Response की चेतावनी, India के पड़ोस में फिर से सैन्य टकराव की आशंका

पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करते हुए हवाई हमला किया है, लेकिन इस बार तालिबान ने भी इस्लामाबाद को कड़ा सबक सिखाने की ठानते हुए खुली और सख्त चेतावनी जारी कर दी है। हम आपको बता दें कि अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक में कम से कम तीन लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर है। पाकिस्तानी कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब कुछ ही दिन पहले तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने साफ कहा था कि अफगान जमीन पर किसी भी पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा और इसे उन्होंने “क्रशिंग रिस्पॉन्स” यानी करारा जवाब बताया था।

कुनार पर हमला, टकराव का खतरा बढ़ा

रिपोर्टों के मुताबिक पाकिस्तान ने कुनार के अलावा पक्तिका प्रांत में भी हवाई कार्रवाई की। अफगान अधिकारियों ने जहां तीन लोगों के मारे जाने की जानकारी दी है, वहीं पाकिस्तान की ओर से तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई। दूसरी ओर, पाकिस्तानी पक्ष का दावा है कि उसकी कार्रवाई संदिग्ध आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई। यह कार्रवाई पाकिस्तान में हाल में हुए घातक आतंकी हमलों के बाद हुई है। हम आपको याद दिला दें कि पिछले सप्ताह कोहाट में पुलिस परिसर के पास हुए हमले में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी और पाकिस्तानी सुरक्षा प्रतिष्ठान ने इसके पीछे अफगानिस्तान से संचालित आतंकवादी नेटवर्क की आशंका जताई है।

इसे भी पढ़ें: Khyber Pakhtunkhwa में TTP आतंकियों के साथ मुठभेड़, 6 सुरक्षाकर्मियों समेत 14 की मौत

इसी मुद्दे को लेकर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पुराना आरोप-प्रत्यारोप अब सीधे सैन्य टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP के लड़ाके अफगान जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में हमले करते हैं। तालिबान इन आरोपों को लगातार खारिज करता है और कहता है कि वह अफगानिस्तान की धरती को दूसरे देशों के खिलाफ हमलों के लिए इस्तेमाल नहीं होने देता।

तालिबान की दो टूक चेतावनी

पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता की ओर से अफगानिस्तान में आतंकवादी समूहों की भर्ती, प्रशिक्षण और हथियारबंदी के आरोपों के जवाब में तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अगर पाकिस्तान आत्मरक्षा के नाम पर अफगान क्षेत्र में कार्रवाई करता है तो काबुल को अपनी संप्रभुता की रक्षा का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक सुरक्षा समस्याओं की समीक्षा करनी चाहिए, क्योंकि TTP और बलूच सशस्त्र समूहों से जुड़ी हिंसा तालिबान के 2021 में सत्ता में लौटने से पहले से मौजूद है।

हालांकि तालिबान की भाषा में सैन्य चेतावनी जितनी कठोर है, उतना ही महत्वपूर्ण उसका दूसरा संदेश भी है। काबुल ने बातचीत का दरवाजा बंद नहीं किया है। मुजाहिद ने पाकिस्तान के साथ बेहतर खुफिया सहयोग और सीमा सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत बताई है तथा सऊदी अरब को दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की संभावित भूमिका के लिए समर्थन दिया है। यानी काबुल एक तरफ सैन्य जवाब की चेतावनी दे रहा है, तो दूसरी तरफ राजनयिक रास्ता खुला रखने की कोशिश भी कर रहा है।

पाकिस्तान के भीतर भी बढ़ता दबाव

इस पूरे घटनाक्रम का दूसरा और बेहद महत्वपूर्ण पहलू पाकिस्तान की घरेलू स्थिति है। इस्लामाबाद इस समय एक साथ सुरक्षा, राजनीति और अर्थव्यवस्था के दबाव से जूझ रहा है। देश में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद मार्च का ऐलान किया है, जबकि जमात-ए-इस्लामी भी पेट्रोलियम लेवी के खिलाफ राजधानी की ओर मार्च कर रही है। सरकार ने प्रदर्शनकारियों को राजधानी में पहुंचने से रोकने की तैयारी शुरू कर दी है।

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने चेतावनी दी है कि हड़ताल, धरना, लंबे मार्च और सड़कों की नाकेबंदी से अर्थव्यवस्था को रोजाना करीब 120 अरब पाकिस्तानी रुपये, यानी लगभग 400-434 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है। अनुमान के मुताबिक सेवाक्षेत्र को करीब 86 अरब रुपये, उद्योग को 25 अरब और कृषि को 9 अरब रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो सकता है। सरकार ने यह भी चेताया है कि इंटरनेट बाधित होने की स्थिति में आईटी निर्यात पर गंभीर असर पड़ सकता है।

देखा जाए तो इस्लामाबाद के सामने चुनौती केवल अफगान सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के भीतर भी राजनीतिक और सुरक्षा संकट गहराता जा रहा है। राजधानी में संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, प्रवेश मार्गों पर कंटेनर लगाए जा रहे हैं और प्रमुख अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसी बीच पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के खैबर पख्तूनख्वा अध्यक्ष जुनैद अकबर के एक बयान ने सरकार की चिंता और बढ़ा दी है। 27 सितंबर के प्रस्तावित इस्लामाबाद मार्च से पहले एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अकबर ने कहा कि PTI कार्यकर्ता मोटरवे, जीटी रोड और मार्गल्ला हिल्स समेत कई रास्तों से राजधानी में प्रवेश करेंगे और “हम इस्लामाबाद को सोमनाथ बना देंगे।” पाकिस्तान सरकार ने इसे सीधे तौर पर हिंसा की धमकी और राजधानी में अराजकता फैलाने की मंशा का संकेत बताया है।

उधर, अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के नये हमले के बाद सबसे बड़ा खतरा यह है कि एक सीमित एयर स्ट्राइक जवाबी गोलीबारी, सीमा संघर्ष और फिर व्यापक सैन्य टकराव में बदल सकती है। हम आपको याद दिला दें कि इस साल फरवरी में भी दोनों देशों के बीच वर्षों का सबसे गंभीर सैन्य टकराव हो चुका है और ताजा घटनाक्रम उसी चक्र की वापसी का संकेत देता है। बहरहाल, देखना होगा कि कुनार की यह बमबारी यहीं रुकती है या पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा एक बार फिर खुले सैन्य संघर्ष का नया मोर्चा बनती है।

- नीरज कुमार दुबे

Continue reading on the app

  Sports

CPL Final: एंटीगुआ एंड बारबुडा फाल्कॉन्स बना CPL का नया चैंपियन, फाइनल में छाए 4 पाकिस्तानी

CPL Final एंटीगुआ एंड बारबुडा फाल्कॉन्स ने CPL फाइनल के इतिहास में सबसे बड़े सफल रन चेज को अंजाम देकर खिताब अपने नाम कर लिया. हसन नवाज ने लॉन्ग-ऑन के ऊपर से एक जबरदस्त छक्का लगाकर मैच जीता. CPL के फाइनल में माज सदाकत, सुफयान मुकीम, हसन नवाज और सईम अयूब सरीखे चार-चार पाकिस्तानी छाए. Mon, 21 Sep 2026 10:29:31 +0530

  Videos
See all

CM Samrat Choudhary Live : सीएम सम्राट चौधरी लाइव | Gram Sansad | Bihar News LIVE | Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-21T07:16:30+00:00

BJP Press Conference: कांग्रेस पर जमकर बरसे सुधांशु त्रिवेदी | Congress |Sudhanshu Trivedi |Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-21T07:16:21+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers