अश्लील कमेंट्स से विवादों में घिरे यो यो हनी सिंह:दिल्ली में हुआ था कॉन्सर्ट; सिंगर जस्सी बोले- माता-पिता इसे रोकें, वर्ना आगे बढ़ जाएगा
मशहूर सिंगर-रैपर यो यो हनी सिंह अब नए विवाद में घिर गए हैं। 2 दिन पहले दिल्ली कॉन्सर्ट में स्टेज से उन्होंने ठंड के बहाने खुलेआम अश्लील बातें करनी शुरू कर दीं। इस दौरान फैंस उनका वीडियो बनाते रहे और वह युवाओं को अश्लीलता के लिए उकसाते रहे। वीडियो वायरल होने के बाद पंजाबी सिंगर जसबीर जस्सी भड़क गए। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा- यो यो हनी सिंह ने सभी हदें पार कर दी। मैं इसके बारे में कहना नहीं चाहता था लेकिन इसने सभी सीमाएं लांघ दी इसलिए कहना पड़ा। यह फिर से शुरू हो गया है और अब यह रुकने वाला नहीं है। जस्सी ने कहा कि मेरी हनी सिंह के माता पिता व बहन से अपील की है कि आप लोगों के कहने से यह रुक सकता है नहीं तो यह आगे बढ़ता जाएगा और इससे एक गलत मैसेज चला जाएगा। हालांकि विवाद बढ़ने पर हनी सिंह ने माफी मांग ली। हनी सिंह इससे पहले भी गानों में अश्लील डांस और शब्दों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। हालांकि 2014 से 2018 तक वो म्यूजिक इंडस्ट्री से गायब रहे। फिर उन्होंने इसकी वजह डिप्रेशन, एंग्जाइटी व मानसिक परेशानी बताई थी। कुछ दिन पहले ही हनी सिंह के एक पुराने गीत को लेकर जालंधर के भाजपा नेता ने DGP को शिकायत भी भेजी थी। जिसमें उन्होंने हनी सिंह के गाने में अश्लील डांस और बिकिनी गर्ल्स को लेकर कड़ा एतराज जताया था। हनी सिंह ने क्या कहा था, पढ़िए... विवाद बढ़ने के बाद हनी सिंह ने क्या कहा, 3 पॉइंट में पढ़िए... नागन सॉन्ग को लेकर DGP तक पहुंची शिकायत जालंधर के भाजपा नेता ने बीती 24 दिसंबर 2025 को पंजाब के DGP को कंप्लेंट भेजी। जिसमें एक पुराने नागन गाने का विरोध जताया गया। भाजपा नेता अरविंद शर्मा ने कहा कि नागिन गीत के वीडियो में नग्नता, भद्दे डांस सहित आपत्तिजनक सीन हैं, जो पंजाबी संस्कृति के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मनोरंजन के नाम पर पंजाबी संगीत और पहचान को बदनाम किया जा रहा है। पंजाब की संस्कृति सम्मान मर्यादा और महिलाओं के प्रति आदर के लिए जानी जाती है, लेकिन इस तरह के गाने समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। यह गाना यूट्यूब पर बिना किसी एज लिमिट कैटेगरी के चल रहा है, जिससे बच्चों और किशोरों पर गलत प्रभाव पड़ सकता है। हनी सिंह का नागन 3.0 सॉन्ग पौने 3 साल पहले 15 अप्रैल 2023 को यूट्यूब पर रिलीज हुआ है। इसे अब तक 13 मिलियन से ज्यादा लोग देख चुके हैं। हनी सिंह के बारे में जानिए... मां का रखा निकनेम पहचान बना, रिफ्यूजी कॉलोनी में बीता बचपन हनी सिंह का असली नाम हिरदेश सिंह हैं। उनकी मां उन्हें प्यार से हनी बुलाती थीं, जो बाद में जाकर उनकी पहचान ही बन गई। म्यूजिक की दुनिया में आने के बाद हनी ने नाम के आगे यो-यो लगाया, जो उन्होंने अपने अमेरिकी-अफ्रीकी दोस्तों से स्लैंग में सीखा था। सिंगर का परिवार लाहौरी पंजाबी है। बंटवारे के बाद उनके दादा भारत आ बसे। हनी का बचपन दिल्ली की करमपुरा की रिफ्यूजी कॉलोनी में बीता। उनकी मां भूपिंदर कौर शुरू से ही बहुत धार्मिक रहीं। उनके घर में भक्ति कीर्तन का माहौल रहता था। इसका असर हनी पर भी रहा। वो स्कूल में पढ़ाई के अलावा तबला बजाते थे। सिख फैमिली से आते थे, इस वजह से वो केश भी रखते थे। लेकिन 13 साल की उम्र में कुछ ऐसा हुआ कि उन्हें वो केश हटाने पड़े। एक इंटरव्यू में हनी बताते हैं कि उनके बालों में ड्रैडलॉक्स बनने लगे थे, जिसको हटाने की वजह से उनकी जूड़ी छोटी होती गई। फिर स्कूल में उनका मजाक बनने लगा। इस बात से परेशान होकर हनी ने अपनी मां से कहकर बाल ही कटवा दिए। अगले दिन जब वो स्कूल असेंबली में तबला बजाने सिर पर रुमाल बांधकर पहुंचे तो प्रिंसिपल ने उन्हें वहां से जाने को बोल दिया। इस बात का हनी पर इतना गहरा असर हुआ कि उन्होंने तबला बजाना छोड़ दिया और नास्तिक बन गए। केश कटाने से पिता नाराज हुए, रिश्ते खराब रहे हनी का अपने पिता से रिश्ता बचपन से ही खराब रहा है। हनी की एक बहन हैं। उनकी बहन गुड़िया हमेशा से पापा के ज्यादा करीब थीं और हनी अपनी मां से। बचपन में जब उन्होंने अपने केश हटाए, उस वक्त उनके पिता सरदार सरबजीत सिंह ने उनसे दो-ढाई साल तक बात नहीं की। हनी एक इंटरव्यू में कहते हैं- 'मैंने केश कटाए तो पापा ने मुझे दिल से दूर कर दिया। मुझे गलत बातें बोलते थे। हमारे बीच बहुत दूरियां आ गई।' दोनों के रिश्ते आगे चलकर इतने खराब होते गए कि उनके पिता ने उनको घर से ही निकाल दिया। वो रोहिणी में अपने गुरु के दिए एक कमरे के फ्लैट में रहने लगे। मां की वजह से सिंगर बने, दिलजीत ने गाने से इनकार किया हनी म्यूजिक की दुनिया में अपनी मां की वजह से आगे बढ़े। घर में मां ही उनके म्यूजिक को बढ़ावा देती थीं। दरअसल, हनी की मां सिंगर बनना चाहती थीं लेकिन उनके पिता ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी। जब हनी ने म्यूजिक बनाने की इच्छा जाहिर की तो पति की नाराजगी के बाद भी भूपिंदर कौर बेटे के सपने को सींचती रहीं। हनी की डॉक्यूमेंट्री में वो कहती हैं कि बेटे के जरिए वो अपना सपना जी रही थीं। ब्राउन रंग हनी सिंह का पहला सोलो गाना था। बतौर रिकॉर्डिंग आर्टिस्ट करियर शुरू करने वाले हनी इस गाने से पहले म्यूजिक डायरेक्टर ही थे। इस गाने को हनी सिंह ने दिलजीत दोसांझ के लिए लिखा था। दोनों ने साथ में पहले भी काम किया था। हनी चाहते थे कि दिलजीत इसे गाएं। लेकिन गाने में बहुत अंग्रेजी होने की वजह से दिलजीत ने इसे गाने से मना कर दिया। फिर हनी इस गाने के एक दूसरे आर्टिस्ट के पास ले गए, उन्हें वहां से भी इनकार सुनने को मिला। दो साल तक गाना ऐसे ही पड़ा रहा, फिर उन्होंने तय किया कि वो ब्राउन रंग गाएंगे। ये गाना साल 2011 में रिलीज हुआ था। ये हनी सिंह के एलबम ‘इंटरनेशनल विलेजर’ का पार्ट था। गाने का वीडियो 2012 के फरवरी में रिलीज किया गया था। उस साल ये यूट्यूब का सबसे अधिक ट्रेडिंग वीडियो बना। एशिया में म्यूजिक चार्ट में नंबर वन गाना रहा। इस गाने से हनी सिंह को वो पहचान मिली जो वो सालों से बनाने की कोशिश कर रहे थे। दौलत-शोहरत मिली तो नशे की एंट्री हुई 2012 वो साल था, जब हनी सिंह की जिंदगी में दौलत, शोहरत के साथ नशे की एंट्री हुई। उन्होंने शराब के साथ-साथ अलग-अलग तरह के नशे को आजमाना शुरू कर दिया था। वो इन सब में इतना खो गए थे कि पत्नी और मां-बाप सबको भूल गए। उनकी लाइफ में दूसरी औरतों की एंट्री होने लगी थी। उनका ऐसा कहना है कि उनके अंदर शैतानी ताकतें आ गई थी, जो उनसे ये सब करवा रही थीं। हनी ने सैटनिक पावर के ऊपर ‘वीड पिला दे सजना’ नाम से एक पूरा वीडियो डेडिकेट किया था। एक इंटरव्यू में हनी बिना नाम लिए बताते हैं कि इंडस्ट्री के कुछ बड़े नाम थे, जिन्होंने उन्हें ये सब करने के लिए उकसाया। उसके बाद वो पीने लगे। शुरुआत में चार-पांच गांजा रोल से भी उनका कुछ नहीं होता था। फिर धीरे-धीरे उन्हें लत लग गई और उन्हें गांजा बनाने के लिए एक लड़के को नौकरी पर रख लिया था। डबल मीनिंग गाने से घिरे, मैं हूं बलात्कारी जैसे गाने गाए उनके ‘मेनियक’ गाने में इस्तेमाल हुए डबल मीनिंग लिरिक्स की वजह से मामला कोर्ट तक पहुंच गया था। लेकिन ये पहली बार नहीं है, जब सिंगर पर आरोप लगे हों। साल 2012 तक हनी की पहचान बन चुकी थी। उनके गानों में महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करने के अलावा शराब, ड्रग्स की बातें होती हैं। गाने के बोल महिला विरोधी होने के बावजूद यूथ को उनके गाने पसंद आ रहे थे। लेकिन उसी साल निर्भया गैंगरेप घटना हुई, जिसके बाद से लोगों ने हनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उनके शो कैंसिल हुए, वह रियलिटी शो के जजिंग पैनल से हटाए गए, कई जगह FIR दर्ज हुई। करियर की शुरुआती दौर में गाए ‘वैल्यूम-1’ और ‘मैं हूं बलात्कारी’ जैसे गाने के लिए उनकी खूब आलोचना हुई। लेकिन हनी ना सिर्फ उस समय बल्कि आज भी कहते हैं कि उन्होंने वे गाने नहीं गाए हैं। पत्नी ने लगाया घरेलू हिंसा का आरोप हनी सिंह ने करमपुरा की लड़की शालिनी तलवार से 23 जनवरी 2013 को शादी की थी। शालिनी उनके कॉलेज का प्यार थीं, जिनसे वो ट्यूशन के दौरान मिले थे। 2023 में शालिनी ने हनी सिंह, उनके पिता, मां और बहन पर कई संगीन आरोप लगाते हुए दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में केस दर्ज कराया था। उन्होंने कहा था कि 10 सालों से वो शादी में घरेलू हिंसा झेल रही थीं। सिंगर के कई सारी लड़कियों से अवैध संबंध थे और जब वो पूछती तो वो उन्हें मारते थे। यही नहीं शालिनी ने हनी सिंह के पिता पर नशे में गलत तरीके से छूने का आरोप लगाया था। मां भूपिंदर कौर और बहन गुड़िया पर भी दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। बाद में दोनों के बीच सेटलमेंट हुआ। लेकिन जब ये मामला सामने आया था, उस वक्त सिंगर ने इसे मानने से इनकार किया था। बाद में कई इंटरव्यू में वो ये कहते सुने गए कि सेपरेशन के बाद से उनकी सेहत में सुधार हुआ है। साढ़े 3 साल घर में कैद रहे, भगवान को मानने लगे करियर की बुलंदी पर होते हुए भी साल 2014-2015 में उन्होंने हेल्थ कंसर्न की वजह से ब्रेक लिया। हनी बाइपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहे थे। वो घर में कैद हो गए। साढ़े 3 साल तक घर से बाहर नहीं निकले। वो किसी से फोन पर बात नहीं करते थे। न ही वो रेडियो, टीवी या सोशल मीडिया देखते थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उस वक्त उन्हें रनिंग इन्फॉर्मेशन से डर लगता था। पहले तो वो लोगों से मिलना या बात नहीं करना चाहते थे। लेकिन कभी-कभार वॉयस नोट पर बात करते थे। जिंदगी के सात साल उन्होंने सिर्फ चार लोगों के साथ गुजारे, वो भी ऐसे जैसे कि वो उनके लिए हैं ही नहीं। सिंगर ने बचपन की एक घटना की वजह से भगवान को मानना छोड़ दिया था। लेकिन जब वो बाइपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहे थे, तब उन्हें वापस भगवान की शरण में जाना पड़ा। अपने कमबैक को हनी भोलेनाथ का चमत्कार बताते हैं। अब वो भगवान शिव को अपना इष्ट देव मानने लगे हैं। वो बताते हैं कि साल 2021 में वो हरिद्वार के नीलेश्वर धाम मंदिर में गए और तब से वो खुद में बदलाव महसूस करने लगे। हनी का मानना है कि उस मंदिर में जाने के बाद उनके अंदर हिम्मत, कॉन्फिडेंस आया। उन पर चल रहे कोर्ट के मामले खत्म होने लगे थे।
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