US Iran conflict: ईरान की खुली चुनौती पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, कहा- 'अब बहुत बड़े कदम उठाने का वक्त आ गया है!'
US Iran conflict: ईरान द्वारा 'निर्णायक युद्ध' की चेतावनी दिए जाने और कतर के माध्यम से बातचीत के लिए 7 शर्तें रखे जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तीखा बयान सामने आया है। फॉक्स न्यूज को दिए गए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान युद्ध के मामले में इस समय 'डिसाइडिंग मोड' (निर्णायक स्थिति) में हैं। उन्होंने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरानी शासन ने 'व्यवहार नहीं सुधारा', तो आने वाले समय में बहुत बड़ी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।
ट्रंप ने सामने रखे अपने तीन विकल्प
इंटरव्यू के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान से निपटने के लिए अपने सामने मौजूद तीन प्रमुख विकल्पों का भी खुलासा किया। ट्रंप ने कहा कि उनके पास या तो इस देश को 'पूरी तरह नेस्तनाबूद' (वाइप आउट) करने, उसे आर्थिक रूप से 'बर्बाद होने देने' या फिर इसके साथ 'कोई समझौता करने' का विकल्प मौजूद है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका मुख्य सवाल यह है कि यदि और जब वह चाहें, तो पूरे देश को उड़ा सकते हैं, इसलिए ईरान को बेहतर तरीके से पेश आना चाहिए।
ईरानी राष्ट्रपति से मुलाकात के संकेत
इसके साथ ही, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क आने वाले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की संभावित यात्रा पर भी ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस यात्रा के दौरान पेजेश्कियन से मिलेंगे, तो ट्रंप ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि वह अपने ईरानी समकक्ष के साथ बातचीत के लिए 'संभवतः तैयार' हैं। तसनीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेश्कियन एक वरिष्ठ ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं और संयुक्त राष्ट्र सत्र के इतर अन्य वैश्विक नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 109 व्यावसायिक जहाजों का मार्ग बदला
इस बीच, रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तनाव लगातार बना हुआ है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए उसके बलों ने अब तक 109 व्यावसायिक जहाजों के मार्ग को डायवर्ट (पुनर्निर्देशित) किया है।
रविवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट जारी करते हुए CENTCOM ने बताया कि अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत 'यूएसएस जॉन पॉल जोन्स' की निगरानी में यह कार्रवाई की जा रही है ताकि समुद्री नाकेबंदी का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके। अमेरिका ने 14 जुलाई से ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों आने-जाने वाले समुद्री यातायात के खिलाफ इस नाकेबंदी को फिर से लागू किया है। इस संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के इस मुख्य मार्ग पर शिपिंग गतिविधियों में भारी गिरावट आई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर गहरा असर पड़ रहा है।
मुरादाबाद जिला कारागार की महिला कैदी बना रहीं बैग, दीपक व होम डेकोरेशन समान, एनजीओ के सहयोग से कर रहीं कमाई, बन रहीं आत्मनिर्भर
मुरादाबाद जिला कारागार की डिप्टी जेलर कृष्णा कुमारी ने बताया कि इस समय हमारे यहां 20-22 महिलाएं हैं. जो बैग बनाकर सिलाई का काम करती हैं.इन बैग्स को बाहर बेचने के लिए भी भेजा जाता है. पिछले दो-तीन महीनों से मैं देख रही हूँ कि महिलाएं बैग सिलने के साथ-साथ दीपक आदि बनाना भी सीख रही हैं. उनका कहना है जेल अधीक्षक साहब के आने के बाद NGO के माध्यम से संपर्क करके उन्हें यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसके अलावा होम डेकोरेशन से जुड़े सामान बनाना भी महिलाओं को सिखाया जा रहा है.
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