MI vs UP Warriorz WPL 2026: यूपी वॉरियर्स को मिली इस सीजन की पहली जीत, मुंबई इंडियंस को 7 विकेट से हराया
MI vs UP Warriorz WPL 2026: यूपी वॉरियर्स लगातार 3 हार के बाद वूमेंस प्रीमियर लीग 2026 में अपनी जीत हासिल किया है. यूपी वॉरियर्स ने मुंबई इंडियंस को 7 विकेट से हरा दिया है. एमआई के दिए 162 रनों लक्ष्य को यूपी की टीम ने 11 गेंद शेष रहते 3 विकेट गंवाकर हासिल कर लिया. यूपी वॉरियर्स के लिए हरलीन देयोल 64 रनों की नाबाद पारी खेलीं.
मैग लैनिंग 25 रन बनाकर आउट
मुंबई इंडियंस के दिए 162 रनों की लक्ष्य का पीछा करने उतरी यूपी वॉरियर्स की शुरुआत कुछ खास नहीं रही. टीम ने 45 रन के स्कोर पर 2 विकेट जल्दी गंवा दिए. पहले कप्तान मैग लैनिंग 26 गेंद पर 25 रन बनाकर आउट हो गईं. इस दौरान उन्होंने 3 चौके और एक छक्का लगाया. इसके बाद किरण नवगिरे 12 गेंद पर चलती बनीं.
इसके बाद फोबे लिचफील्ड और हरलीन देयोल ने पारी को संभाला और आगे बढ़ाया. दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 73 रनों की साझेदारी हुई और यूपी की जीत की उम्मीद भी बरकरार रही. इसके बाद फोबे लिचफील्ड 22 गेंद पर 25 रन बनाकर आउट हो गईं, लेकिन हरलीन देयोल मैच जिताकर नाबाद लौंटी.
हरलीन देयोल ने लगाया शानदार अर्धशतक
हरलीन देयोल ने 39 गेंदों पर 65 रनों की नाबाद पारी खेलीं. इस दौरान उनके बल्ले 12 चौके निकले. वहीं क्लो ट्रायॉन ने 11 गेंदों पर 27 रनों की नाबाद तूफानी खेलीं. उन्होंने 4 चौके और 1 छक्के लगाए.
Just the partnership #UPW needed in the chase! ????????
— Women's Premier League (WPL) (@wplt20) January 15, 2026
Harleen Deol ???? Phoebe Litchfield
UP Warriorz need 64 off 48
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ऐसी रही मुंबई इंडियंस की बल्लेबाजी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस ने 5 विकेट पर 161 रन बनाए. एमआई के लिए नेट साइवर-ब्रंट ने सबसे ज्यादा 43 गेंदों पर 65 रनों की पारी खेलीं. इस दौरान उन्होंने 9 चौका और एक छक्का लगाया. वहीं अमनजोत कौर 33 गेंद पर 38 रन बनाईं. जबकि निकोला कैरी 20 गेंद पर 32 रन बनाईं. इसके अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 16 रनों का योगदान दिया. वहीं यूपी वॉरियर्स के लिए दीप्ति शर्मा, शिखा पांडे, सोफी एक्लेस्टोन और आशा शोभना ने 1-1 विकेट लिया.
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बाजार की पाठशाला: शेयर बाजार में बल्क डील और ब्लॉक डील क्या होती है, इनमें क्या है अंतर? निवेशकों के लिए जानना जरूरी
मुंबई, 15 जनवरी (आईएएनएस)। शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए अक्सर बल्क डील और ब्लॉक डील जैसे शब्द खबरों में सुनाई देते हैं। कई बार किसी स्टॉक में अचानक तेजी या गिरावट की वजह भी इन्हीं डील्स से जुड़ी होती है। ऐसे में निवेशकों के लिए यह समझना बड़ा ही जरूरी हो जाता है कि आखिर बल्क डील और ब्लॉक डील क्या होती हैं, इनमें फर्क क्या है, और शेयर बाजार में इनका क्या महत्व होता है।
जब किसी शेयर में किसी एक निवेशक या संस्था द्वारा कुल जारी शेयरों का कम से कम 0.5 प्रतिशत या उससे अधिक की खरीद या बिक्री एक ही दिन में की जाती है, तो उसे बल्क डील कहा जाता है। यह डील सामान्य ट्रेडिंग सेशन के दौरान ही होती है और इसका असर उस शेयर की कीमत पर तुरंत दिखाई देता है। अगर कोई बड़ा निवेशक किसी कंपनी में भरोसा दिखाते हुए भारी मात्रा में शेयर खरीदता है, तो अक्सर रिटेल निवेशकों का भरोसा भी बढ़ता है।
जबकि, ब्लॉक डील शेयर बाजार की एक खास व्यवस्था के तहत होती है। इसमें कम से कम 5 लाख शेयर या 5 करोड़ रुपए से अधिक की डील की जाती है। यह डील स्टॉक एक्सचेंज द्वारा तय किए गए खास समय में होती है, जिसे ब्लॉक डील विंडो कहा जाता है। ब्लॉक डील का मकसद यह होता है कि बड़े सौदे बाजार को ज्यादा प्रभावित किए बिना पूरे किए जा सकें। इसमें खरीदार और विक्रेता पहले से तय होते हैं।
जानकारों के मुताबिक, बल्क डील आम ट्रेडिंग सेशन में होती है और इसकी जानकारी दिन के अंत में सामने आती है, जबकि ब्लॉक डील एक निर्धारित समय में होती है और इसकी सूचना तुरंत सार्वजनिक कर दी जाती है। बल्क डील में शेयरों की संख्या या रकम की सीमा कम होती है, जबकि ब्लॉक डील बड़े निवेशकों के लिए बनाई गई व्यवस्था है, जिसमें रकम और शेयरों की संख्या काफी ज्यादा होती है।
शेयर बाजार में मुख्य रूप से चार तरह की डील देखने को मिलती हैं। पहली, सामान्य ट्रेडिंग डील, जिसमें रोजाना निवेशक शेयर खरीदते और बेचते हैं। दूसरी, बल्क डील, जिसमें बड़ी मात्रा में शेयरों का लेनदेन होता है। तीसरी, ब्लॉक डील, जो खास विंडो के जरिए बड़े सौदों के लिए की जाती है। चौथी, ऑफ-मार्केट डील, जिसमें शेयरों का ट्रांसफर स्टॉक एक्सचेंज के ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के बाहर किया जाता है, जैसे प्रमोटर्स के बीच शेयरों का ट्रांसफर।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बल्क डील और ब्लॉक डील के बारे में जानकारी होने से निवेशकों को यह संकेत मिलता है कि किसी कंपनी में बड़े निवेशक क्या रुख अपना रहे हैं। हालांकि, सिर्फ इन डील्स के आधार पर निवेश का फैसला करना सही नहीं होता है। निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल्स, रिजल्ट्स और भविष्य की संभावनाओं को भी जरूर देखना चाहिए। ये दोनों डील्स शेयर मार्केट की अहम गतिविधियां हैं, जो बाजार की दिशा और किसी स्टॉक की चाल को प्रभावित कर सकती हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी/डीकेपी
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